एक सप्ताह पहले हुआ था विवाद, पुलिस ने संदेही को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो खुला हत्या का राज; निशानदेही पर वारदात में प्रयुक्त कुल्हाड़ी बरामद
नदीम खान सूरजपुर
सूरजपुर, 12 सितंबर 2026। जिले के प्रतापपुर थाना क्षेत्र में पुरानी रंजिश ने एक युवक की जान ले ली। ग्राम मरहट्टा मनवारडांड में 35 वर्षीय श्रीलाल अगरिया की धारदार हथियार से वार कर हत्या कर दी गई। मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी आनंद अगरिया को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी भी बरामद कर ली गई है।
देर रात मिली हत्या की सूचना
पुलिस के मुताबिक, 11 सितंबर 2026 की रात ग्राम मरहट्टा मनवारडांड में श्रीलाल अगरिया की हत्या की सूचना मिली। मृतक मूल रूप से ग्राम पलड़ा, थाना प्रतापपुर का रहने वाला था और वर्तमान में ग्राम दुरती में रह रहा था।
सूचना मिलते ही प्रतापपुर पुलिस मौके पर पहुंची। प्रारंभिक कार्रवाई के बाद शव का पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 270/26, धारा 103(1) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
एक सप्ताह पुराना विवाद बना हत्या की वजह
घटना की जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि करीब एक सप्ताह पहले मृतक श्रीलाल अगरिया का आनंद अगरिया के साथ विवाद हुआ था। इस जानकारी के आधार पर पुलिस ने संदेही आनंद अगरिया, पिता दलपति, उम्र 35 वर्ष, निवासी कनकनगर थाना प्रतापपुर को हिरासत में लेकर पूछताछ की।
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपी ने आपसी रंजिश के चलते कुल्हाड़ी से वार कर श्रीलाल की हत्या करना स्वीकार किया। इसके बाद आरोपी की निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल की गई कुल्हाड़ी बरामद कर ली गई और उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
एसपी के निर्देश पर पुलिस ने की त्वरित कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक सूरजपुर योगेश कुमार पटेल (भापुसे) ने अज्ञात आरोपी की जल्द पतासाजी कर हत्या का खुलासा करने के निर्देश दिए थे। वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में प्रतापपुर पुलिस ने घटनास्थल से मिले सुराग और पूर्व विवाद की जानकारी के आधार पर जांच आगे बढ़ाई और आरोपी तक पहुंची।
इन पुलिसकर्मियों की रही अहम भूमिका
पूरी कार्रवाई अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक योगेश देवांगन एवं एसडीओपी प्रतापपुर अनूप एक्का के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक दिनेश पुरैना, नरेंद्र सिंह, पीएसआई विकास गजेन्द्र, एएसआई माधव सिंह, राजेश यादव, प्रधान आरक्षक योगेंद्र भगत, आरक्षक अशोक कनौजिया, राजकुमार पासवान, राजेश तिवारी और जयप्रकाश पन्ना की सक्रिय भूमिका रही।




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