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25 Jun 2026
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28 से 30 जून तक चलेगा पल्स पोलियो अभियान, जिले के 51,013 बच्चों को पिलाई जाएगी पोलियो की खुराक

28 से 30 जून तक चलेगा पल्स पोलियो अभियान, जिले के 51,013 बच्चों को पिलाई जाएगी पोलियो की खुराक
28 से 30 जून तक चलेगा पल्स पोलियो अभियान, जिले के 51,013 बच्चों को पिलाई जाएगी पोलियो की खुराक। फोटो: आज का दिन न्यूज़

मनेंद्रगढ़ । राष्ट्रीय पल्स पोलियो टीकाकरण अभियान को जिले में शत-प्रतिशत सफल बनाने के लिए कलेक्टर एमसीबी सुश्री संतन देवी जांगड़े की अध्यक्षता में जिला स्तरीय टास्क फोर्स की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस उच्च स्तरीय बैठक में अभियान की रूपरेखा तैयार करने और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में वरिष्ठ अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

    बैठक में स्वास्थ्य, प्रशासन और महिला बाल विकास विभाग के प्रमुख स्तंभ शामिल हुए। मुख्य रूप से निम्नलिखित जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे: श्रीमती प्रतिमा यादव अध्यक्ष मनेंद्रगढ़, नगरपालिका परिषद, 

श्रीमती अकिता सोम मुख्य कार्यपालन अधिकारी , जिला पंचायत, डॉ अविनाश खरे, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, डॉ. स्वप्निल तिवारी, अस्पताल अधीक्षक, आदित्य शर्मा जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग

डॉ. विनीत विश्वकर्मा जिला टीकाकरण अधिकारी, डॉ. वसिक असदक जिला टीबी अधिकारी , डॉ. सुधांशु पटेल

जिला सर्विलांस अधिकारी (IDSP) ।

कलेक्टर ने दिए कड़े निर्देश: "एक भी बच्चा न छूटे"

    कलेक्टर मैडम ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि पल्स पोलियो अभियान एक संवेदनशील और राष्ट्रीय महत्व का कार्यक्रम है। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि 0 से 5 वर्ष तक के हर बच्चे को दवा पिलाई जाए। 

बैठक में लिए गए मुख्य निर्णय और रणनीतियां इस प्रकार हैं:

माइक्रोप्लानिंग पर जोर: जिला टीकाकरण अधिकारी को हर बूथ, ईंट-भट्ठों, निर्माण स्थलों और दूरस्थ अंचलों के लिए पुख्ता माइक्रोप्लान बनाने को कहा गया।

अंतर-विभागीय समन्वय: जिला पंचायत सीईओ और महिला बाल विकास अधिकारी को निर्देशित किया गया कि वे ग्रामीण क्षेत्रों में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और स्व सहायता समूहों के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार करें।

शहरी क्षेत्रों में कड़ाई: नगर पालिका अध्यक्ष के साथ समन्वय कर शहरी झुग्गी बस्तियों और व्यस्त बाजारों में विशेष मोबाइल टीमें तैनात की जाएंगी।

निगरानी और सर्विलांस: जिला सर्विलांस अधिकारी (IDSP) और अस्पताल अधीक्षक को अभियान के दौरान और बाद में कड़ाई से मॉनिटरिंग करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

जन-जागरूकता के लिए चलेगी मुहिम

     बैठक के अंत में कलेक्टर ने अपील की कि कोई भी परिवार अपने बच्चे को दवा पिलाने से वंचित न रखे। प्रथम दिन बूथ पर और उसके बाद अगले दो दिनों तक स्वास्थ्य कार्यकर्ता घर-घर जाकर छूटे हुए बच्चों को दवा पिलाएंगे। बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और चौराहों पर भी ट्रांजिट टीमें मुस्तैद रहेंगी ताकि यात्रा कर रहे बच्चों को भी सुरक्षा कवच मिल सके।

      मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अविनाश खरे ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग ने 28 से 30 जून तक चलने वाले इस त्रि-दिवसीय अभियान के लिए पुख्ता तैयारियां कर ली हैं। डॉ. खरे ने कहा:"जिले में शून्य से 5 वर्ष तक के सभी बच्चों को दवा पिलाने के लिए व्यापक माइक्रोप्लान तैयार किया गया है। 28 जून को सभी निर्धारित बूथों पर टीकाकरण किया जाएगा। इसके बाद 29 और 30 जून को हमारी टीमें घर-घर जाकर छूटे हुए बच्चों को खोजकर दवा पिलाएंगी। हमारी कोशिश है कि शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया जाए और कोई भी बच्चा सुरक्षा चक्र से वंचित न रहे।"

    डॉ. खरे ने आगे बताया कि प्रवासी परिवारों, ईंट-भट्टों, निर्माण स्थलों और सुदूर अंचलों में रहने वाले बच्चों के लिए विशेष मोबाइल टीमों का गठन किया गया है। साथ ही बस स्टैंड और रेलवे स्टेशनों पर ट्रांजिट टीमें 24 घंटे मुस्तैद रहेंगी।

     जिला टीकाकरण अधिकारी ने बताया कि यह अभियान कुल तीन दिनों तक संचालित होगा:

28 जून (प्रथम दिन): इस दिन निर्धारित पोलियो बूथों पर 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को दवा पिलाई जाएगी।

29 और 30 जून (दूसरा व तीसरा दिन): बूथ पर छूटे हुए बच्चों को दवा पिलाने के लिए स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की टीमें घर-घर जाकर दस्तक देंगी। 

कलेक्टर के कड़े निर्देश: "एक भी बच्चा सुरक्षा चक्र से न छूटे"

कलेक्टर मैडम ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि 28 से 30 जून के बीच चलने वाले इस अभियान में जिले का एक भी बच्चा छूटना नहीं चाहिए। उन्होंने निम्नलिखित कड़े दिशा-निर्देश जारी किए:

विशेष क्षेत्रों पर फोकस:

    ईंट-भट्ठों, निर्माण स्थलों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और दूरस्थ अंचलों के लिए विशेष मोबाइल और ट्रांजिट टीमें तैनात की जाएं।

विभागीय समन्वय: जिला पंचायत सीईओ और महिला बाल विकास अधिकारी ग्रामीण क्षेत्रों में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और मितानिनों के माध्यम से हर घर तक सूचना पहुंचाना सुनिश्चित करें।

शहरी क्षेत्रों में कड़ाई: नगर पालिका अध्यक्ष के सहयोग से शहरी झुग्गी बस्तियों और संवेदनशील वार्डों में सघन मॉनिटरिंग की जाएगी।

निगरानी: जिला टीकाकण अधिकारी ,जिला सर्विलांस अधिकारी (IDSP), जिला क्षय अधिकारी , जिला नोडल अधिकारी आयुस्मान आरोग्य मंदिर, जिला कार्यक्रम प्रबन्धक, जिला डाटा प्रबंधक, आरएमएनसीएच सलाहकार , डीपीएचनओ को पूरे तीन दिनों तक फील्ड में मुस्तैद रहकर अभियान की निगरानी करने की जिम्मेदारी दी गई है।

     कलेक्टर ने आम जनता से भी अपील की है कि वे अपने 0 से 5 वर्ष तक के सभी बच्चों को 28 जून को नजदीकी बूथ पर ले जाकर पोलियों की खुराक जरूर पिलवाएं और देश को पोलियो मुक्त बनाए रखने में अपनी भागीदारी निभाएं।

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