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01 Jul 2026
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अब ग्रामीणों को 125 दिन के रोजगार की गारंटी, 1 जुलाई से पूरे देश में लागू होगी विकसित भारत-जी राम जी योजना

अब ग्रामीणों को 125 दिन के रोजगार की गारंटी, 1 जुलाई से पूरे देश में लागू होगी विकसित भारत-जी राम जी योजना
अब ग्रामीणों को 125 दिन के रोजगार की गारंटी, 1 जुलाई से पूरे देश में लागू होगी विकसित भारत-जी राम जी योजना। फोटो: आज का दिन न्यूज़

छत्तीसगढ़ में योजना के लिए 4,000 करोड़ रुपये का प्रावधान, 318 प्रकार के विकास कार्य होंगे शामिल; ग्राम सभाएं तय करेंगी गांवों की विकास कार्ययोजना

रायपुर, 30 जून। ग्रामीण भारत को रोजगार, आजीविका और आधारभूत विकास की नई दिशा देने के उद्देश्य से 'विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) – विकसित भारत-जी राम जी योजना' 1 जुलाई 2026 से पूरे देश में लागू होने जा रही है। योजना के तहत ग्रामीण परिवारों को मांग के आधार पर वर्ष में 125 दिनों के रोजगार की गारंटी दी जाएगी। साथ ही जल संरक्षण, ग्रामीण अधोसंरचना, कृषि आधारित कार्य, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन और टिकाऊ परिसंपत्तियों के निर्माण को प्राथमिकता दी जाएगी।

छत्तीसगढ़ सरकार ने योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए वर्ष 2026-27 के बजट में 4,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। योजना के तहत 318 प्रकार के विकास कार्य शामिल किए गए हैं, जिनका उद्देश्य गांवों को आत्मनिर्भर और विकसित बनाना है।

योजना का औपचारिक शुभारंभ 2 जुलाई 2026 को आंध्र प्रदेश के तिरुपति से केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान करेंगे। इस दौरान वे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विभिन्न राज्यों से संवाद करेंगे। छत्तीसगढ़ में राज्य स्तरीय कार्यक्रम कबीरधाम जिले के बोड़ला विकासखंड की ग्राम पंचायत गंडईखुर्द में आयोजित होगा, जहां उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ग्रामीणों से संवाद करेंगे।

नई योजना के तहत मजदूरी का भुगतान 15 दिनों के भीतर सुनिश्चित किया जाएगा। यदि निर्धारित समय में रोजगार उपलब्ध नहीं कराया जाता है तो बेरोजगारी भत्ता देने का भी प्रावधान रहेगा। डिजिटल जॉब कार्ड, तकनीक आधारित कार्य प्रबंधन प्रणाली और पारदर्शी भुगतान व्यवस्था को भी लागू किया जाएगा।

योजना में ग्राम सभाओं की भूमिका को पहले से अधिक मजबूत बनाया गया है। अब ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों की कार्ययोजना ग्राम सभा तैयार करेगी, जिससे स्थानीय जरूरतों के अनुसार कार्यों का चयन हो सकेगा। जल संरक्षण, सिंचाई, ग्रामीण सड़क, वृक्षारोपण, टिकाऊ परिसंपत्तियों के निर्माण और कौशल विकास पर विशेष जोर रहेगा। सामाजिक अंकेक्षण और डिजिटल निगरानी के माध्यम से पारदर्शिता भी सुनिश्चित की जाएगी।

सरकार का मानना है कि यह योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने, रोजगार के अवसर बढ़ाने और विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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