रायपुर, 12 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ में कुपोषण मुक्त राज्य के लक्ष्य को लेकर जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) की संयुक्त पहल बच्चों के जीवन में नई उम्मीद जगा रही है। सारंगढ़ विकासखंड में आयोजित विशेष स्वास्थ्य शिविर में 30 कुपोषित बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया और उनके पूरी तरह स्वस्थ होने तक नियमित इलाज, पोषण और निगरानी की जिम्मेदारी तय की गई।
डॉक्टर्स डे के अवसर पर आईएमए की जिला इकाई ने सेवा का अनूठा उदाहरण पेश करते हुए ग्राम छुहीपाली के 15 कुपोषित बच्चों को गोद लिया। इन बच्चों के इलाज, दवाइयों और विशेष पोषण आहार का पूरा खर्च आईएमए वहन करेगा।
शिविर में जिला चिकित्सालय की शिशु रोग विशेषज्ञ ने सभी 30 बच्चों की स्वास्थ्य जांच की। जिन बच्चों में गंभीर कुपोषण (SAM) के लक्षण मिले, उन्हें तत्काल पोषण पुनर्वास केंद्र (NRC) में भर्ती कराने की सलाह दी गई, ताकि उन्हें बेहतर चिकित्सकीय देखभाल मिल सके।
हर सप्ताह होगी निगरानी, एक महीने बाद फिर स्वास्थ्य परीक्षण
अभियान के तहत आंगनबाड़ी कार्यकर्ता प्रत्येक सप्ताह बच्चों के वजन और शारीरिक विकास की निगरानी करेंगी। वहीं एक महीने बाद स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग और आईएमए की संयुक्त टीम दोबारा स्वास्थ्य परीक्षण कर बच्चों की प्रगति का आकलन करेगी।
इस पहल को सफल बनाने में ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर (BMO), शिशु रोग विशेषज्ञ, ईएनटी विशेषज्ञ, जन औषधि केंद्र, आशा निकेतन तथा एकीकृत बाल विकास परियोजना के अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।




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