स्नेह की डोर’ में भाई-बहन के स्नेह के साथ राष्ट्ररक्षा का संकल्प, शहीद उपनिरीक्षक युगल किशोर वर्मा की पत्नी माधुरी वर्मा ने मुख्यमंत्री को बांधी राखी,
करीब 800 जवानों की कलाइयों पर बेटियों और महिला समूहों की बहनों ने बांधा रक्षा सूत्र, रक्षाबंधन से पहले 68 लाख बहनों को मिलेगी महतारी वंदन की 31वीं किस्त
मुख्यमंत्री ने रायपुर जिले के पांच अभिनव प्रोजेक्ट्स का किया शुभारंभ
रायपुर, 25 अगस्त 2026। रक्षाबंधन से पहले राजधानी रायपुर में भाई-बहन के स्नेह, शहीदों के सम्मान और राष्ट्ररक्षा के संकल्प का भावपूर्ण संगम देखने को मिला। बलवीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित ‘स्नेह की डोर’ कार्यक्रम में स्कूली बेटियों, दिव्यांग बेटियों और महिला स्व-सहायता समूहों की बहनों ने केंद्रीय सुरक्षा बलों, सेना और पुलिस के करीब 800 जवानों की कलाइयों पर राखी बांधी।
कार्यक्रम का सबसे भावुक क्षण उस समय आया, जब वर्ष 2017 में रक्षाबंधन से एक दिन पहले नक्सली मुठभेड़ में वीरगति पाने वाले शहीद उपनिरीक्षक युगल किशोर वर्मा की धर्मपत्नी श्रीमती माधुरी वर्मा ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की कलाई पर राखी बांधी। इस दौरान मुख्यमंत्री भावुक हो उठे और उन्होंने शहीद जवान के सर्वोच्च बलिदान को नमन करते हुए शहीद परिवारों के साथ सदैव खड़े रहने का संकल्प दोहराया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राखी का यह धागा केवल भाई-बहन के स्नेह का प्रतीक नहीं, बल्कि एक शहीद परिवार के विश्वास, अपनत्व और भावनात्मक जुड़ाव का भी प्रतीक है। उन्होंने कहा कि वीर जवानों का बलिदान और उनके परिवारों का त्याग छत्तीसगढ़ कभी नहीं भूलेगा। शहीदों के परिवार हमारे अपने परिवार हैं और सरकार उनके सम्मान, स्वाभिमान तथा हर सुख-दुःख में उनके साथ खड़ी है।
नक्सलवाद का अंत बहनों के लिए सुरक्षा और विश्वास का सबसे बड़ा उपहार
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि देश और छत्तीसगढ़ को नक्सलवाद के आतंक से मुक्त कराने में सुरक्षा बलों ने अदम्य साहस और पराक्रम का परिचय दिया है। अनेक जवानों ने राष्ट्र और समाज की सुरक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद के अंत की ओर बढ़ता छत्तीसगढ़ प्रदेश की बहनों के लिए सुरक्षा और विश्वास का सबसे बड़ा उपहार है।
उन्होंने कहा कि अब वह समय आ रहा है जब नक्सल हिंसा के कारण किसी बहन का सुहाग नहीं उजड़ेगा, किसी मां को अपना बेटा नहीं खोना पड़ेगा और किसी बहन को अपने भाई के सकुशल घर लौटने की चिंता नहीं सताएगी।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के दृढ़ संकल्प तथा सुरक्षा बलों के साहस और पराक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक सफलता ने बस्तर सहित पूरे छत्तीसगढ़ में शांति और विकास के नए दौर का मार्ग प्रशस्त किया है। इस परिवर्तन में बस्तर की जनता के विश्वास और सहयोग की भी महत्वपूर्ण भूमिका है।
उन्होंने कहा कि अब बस्तर की पहचान हिंसा से नहीं, बल्कि शांति, विकास, समृद्ध जनजातीय संस्कृति, पर्यटन और नई संभावनाओं से होगी। नक्सलवाद के कारण लंबे समय तक विकास से वंचित रहे क्षेत्रों में सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार और रोजगार जैसी सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है।
जवानों की कलाइयों पर सजी बहनों की राखी
‘स्नेह की डोर’ कार्यक्रम में सीआईएसएफ, बीएसएफ, आईटीबीपी, सीआरपीएफ, सेना और पुलिस के करीब 800 जवान शामिल हुए। स्कूली छात्राओं के साथ दिव्यांग बेटियों, स्वच्छता दीदियों, ड्रोन दीदियों, लखपति दीदियों और महिला स्व-सहायता समूहों की सदस्यों ने जवानों की कलाइयों पर रक्षा सूत्र बांधा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि उन्होंने अपने जीवन में ऐसा आत्मीय और अद्भुत दृश्य पहली बार देखा है। परिवार से दूर रहकर कठिन परिस्थितियों में देश और प्रदेश की सुरक्षा में जुटे जवानों को जब इतनी बड़ी संख्या में बहनों ने राखी बांधी, तो रक्षाबंधन का व्यापक भाव साकार होता दिखाई दिया।
उन्होंने कहा कि हमारे जवान केवल सीमाओं और समाज के सुरक्षा प्रहरी ही नहीं, बल्कि प्रदेश की बहनों के भाई भी हैं। इस अवसर पर जवानों ने भी बहनों की रक्षा, सम्मान और सुरक्षा का संकल्प लिया।
मुख्यमंत्री ने नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई में उल्लेखनीय योगदान देने वाले सुरक्षा बलों के जवानों के शौर्य और समर्पण को नमन किया।
बहनों का स्नेह मेरी सबसे बड़ी शक्ति : मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मुख्यमंत्री के रूप में उन्हें छत्तीसगढ़ की लाखों बहनों का स्नेह और आशीर्वाद मिला है। यही विश्वास और अपनापन उन्हें जनसेवा के लिए नई ऊर्जा देता है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान, आर्थिक स्वावलंबन और सशक्तिकरण के लिए निरंतर काम कर रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में महिला सशक्तिकरण शासन की नीतियों के केंद्र में है।
छत्तीसगढ़ में 2 लाख 42 हजार से अधिक महिला स्व-सहायता समूहों से करीब 30 लाख महिलाएं जुड़ी हुई हैं। वहीं लखपति दीदी अभियान के तहत प्रदेश की 13 लाख 85 हजार महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाएं अब परिवार की आर्थिक शक्ति बनने के साथ गांव और समाज के विकास का नेतृत्व भी कर रही हैं।
रक्षाबंधन से पहले 68 लाख बहनों को मिलेंगे 631 करोड़ रुपये
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि महतारी वंदन योजना प्रदेश की माताओं-बहनों के आर्थिक स्वावलंबन और आत्मसम्मान का मजबूत आधार बनी है। योजना के तहत पात्र महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खातों में दी जा रही है।
उन्होंने बताया कि रक्षाबंधन के अवसर को ध्यान में रखते हुए महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त के रूप में करीब 68 लाख बहनों के बैंक खातों में लगभग 631 करोड़ रुपये अंतरित किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि प्रदेश की माताएं-बहनें आर्थिक रूप से मजबूत बनें, अपने छोटे-बड़े फैसले स्वयं ले सकें और त्योहारों को पूरे उत्साह एवं सम्मान के साथ मना सकें।
देश की एकता और जवानों के सम्मान का दिलाया संकल्प
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री साय ने नागरिकों को देश की एकता, अखंडता और सम्मान की रक्षा के लिए जिम्मेदार नागरिक के रूप में अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने का संकल्प दिलाया। उन्होंने कहा कि राष्ट्र की सुरक्षा केवल वर्दीधारी जवानों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक का भी दायित्व है कि वह सामाजिक सद्भाव और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करे।
वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई में केंद्रीय सुरक्षा बलों और पैरामिलिट्री फोर्स का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों के साहस और सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति से परिस्थितियां तेजी से बदली हैं।
रायपुर जिले को मिले पांच अभिनव प्रोजेक्ट
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने रायपुर जिला प्रशासन एवं विभिन्न विभागों के पांच अभिनव प्रोजेक्ट्स का शुभारंभ किया। इनमें ‘हरित पोषणम्’, ‘प्रोजेक्ट निरामय’, ‘तिरंगा शक्ति फेस्ट’, ‘प्रोजेक्ट अहिगुण्डिकः’ और ‘रायपुर अनफिल्टर्ड’ शामिल हैं।
‘हरित पोषणम्’ के तहत आंगनबाड़ियों और महिला समूहों को फलदार पौधे एवं सब्जियों के उन्नत बीज उपलब्ध कराकर पोषण वाटिकाओं को बढ़ावा दिया जाएगा।
‘प्रोजेक्ट निरामय’ के अंतर्गत रायपुर जिले के 215 उच्च एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों के 65 हजार 920 छात्र-छात्राओं की स्वास्थ्य एवं रक्त जांच की जाएगी। जरूरत पड़ने पर निःशुल्क उपचार की व्यवस्था भी की जाएगी।
‘तिरंगा शक्ति फेस्ट’ के माध्यम से प्रत्येक माह सामाजिक समरसता, संस्कृति, सुशासन, युवा नेतृत्व और राष्ट्रभावना से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
‘रायपुर अनफिल्टर्ड’ के तहत छत्तीसगढ़ की प्रतिष्ठित हस्तियों, कलाकारों और विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तियों के जीवन, अनुभव और विचारों को पॉडकास्ट के माध्यम से सामने लाया जाएगा।
वहीं ‘प्रोजेक्ट अहिगुण्डिकः’ के जरिए जिले के सौंरा (सपेरा) समुदाय के परिवारों को शासन की मुख्यधारा से जोड़ने का विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसके अंतर्गत आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना, जॉब कार्ड सहित विभिन्न योजनाओं और जरूरी दस्तावेजों का लाभ पात्र परिवारों तक पहुंचाया जाएगा।
कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, विधायक श्री सुनील सोनी, विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, छत्तीसगढ़ राज्य तेलघानी विकास बोर्ड के अध्यक्ष श्री जितेन्द्र कुमार साहू, छत्तीसगढ़ दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष श्री लोकेश कांवड़िया, महापौर श्रीमती मीनल चौबे, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नवीन अग्रवाल, कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह सहित जनप्रतिनिधि, सुरक्षा बलों के अधिकारी-जवान, विद्यार्थी, महिला स्व-सहायता समूहों की सदस्य और विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।



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