शैक्षणिक गुणवत्ता, स्वास्थ्य, सुरक्षा, खेल और अधोसंरचना को मजबूत करने एक्शन प्लान तैयार
एमसीबी/19 अगस्त 2026
जनजातीय विद्यार्थियों की शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा एवं सर्वांगीण विकास को बेहतर बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर सुश्री संतन देवी जांगड़े की अध्यक्षता में जिला स्तरीय विद्यालय प्रबंधन समिति की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में संचालित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय पोड़ीडीह एवं जनमन क्षेत्र के विद्यालयों की शैक्षणिक व्यवस्था, छात्रावास सुविधाओं, अधोसंरचना, स्वास्थ्य, सुरक्षा और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास से जुड़े विभिन्न विषयों की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में राष्ट्रीय आदिवासी छात्र शिक्षा समिति (छम्ैज्ै), नई दिल्ली के दिशा-निर्देशों के अनुरूप विद्यालयों के प्रभावी संचालन पर विशेष जोर दिया गया। कलेक्टर ने कहा कि आवासीय विद्यालयों में अध्ययनरत जनजाति विद्यार्थियों को बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ सुरक्षित, अनुशासित और सकारात्मक वातावरण मिलना चाहिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को विद्यालयों की व्यवस्था की नियमित निगरानी करने तथा विद्यार्थियों की आवश्यकताओं के अनुरूप त्वरित सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
परीक्षा परिणामों की समीक्षा,
कमजोर विद्यार्थियों के लिए रेमेडियल कक्षाओं पर जोर
बैठक में विद्यालयवार परीक्षा परिणामों की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने कमजोर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को चिन्हित कर उनके लिए रेमेडियल यानी उपचारात्मक कक्षाएं संचालित करने के निर्देश दिए। विद्यार्थियों की शैक्षिक प्रगति की नियमित समीक्षा करते हुए विषयवार कठिनाइयों को दूर करने और अतिरिक्त शैक्षणिक सहयोग उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।
उन्होंने स्मार्ट क्लासरूम और डिजिटल आईसीटी संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने को कहा, ताकि विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक आधारित शिक्षा का लाभ मिल सके। शिक्षकों को विद्यार्थियों के शैक्षणिक स्तर के अनुसार विशेष सहयोग देने और उनकी प्रगति की सतत निगरानी करने के निर्देश भी दिए गए।
कक्षाओं से छात्रावास तक व्यवस्था की नियमित निगरानी
बैठक में विद्यालयों की अधोसंरचना एवं मूलभूत सुविधाओं की भी विस्तृत समीक्षा की गई। कक्षाओं, छात्रावासों, प्रयोगशालाओं, पुस्तकालय, खेल मैदान, पेयजल एवं स्वच्छता व्यवस्था सहित विभिन्न सुविधाओं की स्थिति पर चर्चा हुई। कलेक्टर ने आवश्यक सुधार कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने तथा विद्यार्थियों को सुविधाजनक एवं अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि आवासीय विद्यालयों में विद्यार्थियों का अधिकांश समय विद्यालय और छात्रावास परिसर में व्यतीत होता है, इसलिए दोनों स्थानों की व्यवस्थाएं गुणवत्तापूर्ण और सुरक्षित होना आवश्यक है।
स्वास्थ्य, पोषण और सुरक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता
आवासीय विद्यालयों में रहने वाले छात्र-छात्राओं के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा को बैठक में विशेष प्राथमिकता दी गई। विद्यार्थियों के नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, पोषण, प्राथमिक उपचार और काउंसलिंग की व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया गया। विद्यार्थियों के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य पर निरंतर निगरानी रखने के निर्देश दिए गए।
विद्यालय परिसर एवं छात्रावासों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए अग्निशमन उपकरणों, सीसीटीवी कैमरों, विजिटर्स प्रबंधन तथा अन्य सुरक्षा उपायों को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि विद्यार्थियों की सुरक्षा से जुड़े किसी भी पहलू में लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
खेल प्रतिभाओं को मिलेगा बेहतर अवसर
बैठक में शिक्षा के साथ खेल एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों को भी विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया गया। कलेक्टर ने विद्यालयों में खेल प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें आगे बढ़ाने के लिए नियमित गतिविधियां संचालित करने के निर्देश दिए।
वार्षिक खेल कैलेंडर के अनुसार खेल प्रतियोगिताओं एवं गतिविधियों का आयोजन करने पर जोर दिया गया, ताकि विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने और राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयारी का अवसर मिल सके।
अभिभावकों की भागीदारी बढ़ाने पर जोर
विद्यालयों की शैक्षणिक व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए अभिभावकों की भागीदारी बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। नियमित मीटिंग आयोजित करने तथा विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति, व्यवहार एवं आवश्यकताओं को लेकर अभिभावकों और शिक्षकों के बीच निरंतर संवाद बनाए रखने के निर्देश दिए गए।
बैठक में विद्यालयों को उपलब्ध वित्तीय अनुदानों एवं संसाधनों के उपयोग की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने उपलब्ध वित्तीय संसाधनों का पारदर्शी, प्राथमिकता आधारित एवं प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि विद्यालयों की वास्तविक आवश्यकताओं को समय पर पूरा किया जा सके।
समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए तैयार होगा एक्शन प्लान
बैठक के दौरान लिए गए निर्णयों के प्रभावी क्रियान्वयन और नियमित निगरानी के लिए स्पष्ट एक्शन प्लान तैयार करने पर जोर दिया गया। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बैठक में तय किए गए बिंदुओं पर समय-सीमा निर्धारित कर कार्रवाई सुनिश्चित करें और प्रगति की नियमित समीक्षा की जाए।
उन्होंने शैक्षणिक गुणवत्ता के साथ-साथ स्वास्थ्य, पोषण, सुरक्षा, अधोसंरचना, खेल एवं अभिभावक सहभागिता को एक साथ मजबूत करने की आवश्यकता बताई। जिला प्रशासन का उद्देश्य है कि जिले के एकलव्य एवं आवासीय विद्यालयों में अध्ययनरत जनजातीय विद्यार्थियों को ऐसा वातावरण मिले, जहां उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ अपनी प्रतिभा विकसित करने, आत्मविश्वास बढ़ाने और बेहतर भविष्य की तैयारी का अवसर प्राप्त हो।
कलेक्टर ने कहा कि जनजातीय विद्यार्थियों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। आवश्यकता केवल उन्हें उचित मार्गदर्शन, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने की है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से समन्वय के साथ कार्य करते हुए विद्यालयों की व्यवस्था को निरंतर बेहतर बनाने के निर्देश दिए।
बैठक में संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी एवं विद्यालय प्रबंधन समिति के सदस्य उपस्थित रहे।

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