जनजाति गौरव दिवस पर मनेंद्रगढ़ के गोंडवाना मैदान में हुआ भव्य आयोजन
मांदर की थाप पर झूमे स्वास्थ्य मंत्री एवं जनप्रतिनिधि, गोंडवाना भवन तिराहा बनेगा बिरसा मुंडा चौक, लगेगी भव्य प्रतिमा
मनेंद्रगढ़ । मनेंद्रगढ़ विकासखंड के इमली गोलाई स्थित गोंडवाना भवन मैदान में शनिवार को जनजातीय संस्कृति, परंपराओं और स्वाभिमान का अनोखा संगम देखने को मिला। हजारों की संख्या में एकत्र हुए आदिवासी समुदाय के लोगों ने मांदर- ढोल की थाप पर पारंपरिक परिधानों में झूमकर अपनी गौरवशाली विरासत का मनमोहक प्रदर्शन किया।
मुख्य अतिथि प्रदेश के लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कार्यक्रम स्थल पर लगाए गए विभिन्न विभागों के स्टालों का निरीक्षण किया, इसके बाद बूढ़ादेव एवं जनजातीय पूर्वजों की पूजा-अर्चना कर बिरसा मुंडा और छत्तीसगढ़ महतारी के छाया चित्र पर दीप प्रज्वलित कर समारोह का शुभारंभ किया।
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष यशवंती सिंह, जनपद अध्यक्ष जानकी बाई खुसरो, नगर पालिका परिषद अध्यक्ष प्रतिमा यादव, जिला पंचायत सदस्य रामजीत लकड़ा, अनीता सिंह, उदित नारायण, विधायक प्रतिनिधि सरजू यादव, भाजपा जिला अध्यक्ष चंपा देवी पावले, रामचरित द्विवेदी सहित जनपद सदस्य, वार्ड पार्षद, सरपंच-पंच बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। प्रशासन की ओर से कलेक्टर डी. राहुल वेंकट, पुलिस अधीक्षक रतना सिंह, अपर कलेक्टर नम्रता डोंगरे, जनपद सीईओ वैशाली सिंह, सहायक आयुक्त आदिवासी विभाग अंकिता मरकाम सहित वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति रही।
कार्यक्रम की शुरुआत कलेक्टर के संबोधन से हुई, जिसमें उन्होंने एमसीबी जिले में निवासरत विभिन्न जनजातियों का उल्लेख किया और भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर शुभकामनाएं दीं।
प्रधानमंत्री मोदी का वर्चुअल संबोधन, मनेंद्रगढ़ को मिली कई ऐतिहासिक सौगातें
जनजाति गौरव दिवस के अवसर पर देशभर से जुड़े समारोहों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात से वर्चुअल रूप से संबोधित किया। उन्होंने बिरसा मुंडा को नमन करते हुए कहा कि वे भारत की आदिवासी चेतना, संघर्ष और स्वाभिमान के जीवंत प्रतीक हैं। यही नहीं, प्रधानमंत्री ने मनेंद्रगढ़- चिरमिरी- भरतपुर जिले के लिए शिक्षा एवं जनजातीय विकास से जुड़ी अनेक बड़ी परियोजनाओं की घोषणा कर क्षेत्र को ऐतिहासिक सौगातें दीं।
प्रधानमंत्री ने एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय, भरतपुर के निर्माण कार्य का शिलान्यास, आदिवासी छात्र-छात्राओं के लिए नए छात्रावास और हॉस्टलों का निर्माण (बुंदेली, बोडेमुडा, खड़गवां, लालपुर, खोंगापानी, देवगढ़, माडीसरई) तथा बहुउद्देशीय केंद्र, मट्टा के निर्माण का शिलान्यास किया। बताया गया कि इन परियोजनाओं से क्षेत्र की शिक्षा, कौशल विकास और सांस्कृतिक गतिविधियों को नई दिशा मिलेगी।
स्वास्थ्य मंत्री का उद्बोधन – जनजातीय परंपरा हमारी आत्मा और शक्ति
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा— यह दिवस केवल एक तिथि नहीं, संस्कृति का उत्सव, पहचान का सम्मान और उन महापुरुषों का वंदन है जिन्होंने जंगल, जल और अस्तित्व के लिए संघर्ष किया। उन्होंने प्रधानमंत्री की वर्चुअल उपस्थिति को समारोह की गरिमा बढ़ाने वाला बताया और कहा कि केंद्र व राज्य दोनों सरकारें जनजातीय समाज के सर्वांगीण विकास के लिए दृढ़संकल्पित हैं। मंत्री ने विकास योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि— जल जीवन मिशन के माध्यम से घर-घर स्वच्छ पेयजल आपूर्ति तेज गति से जारी है।
प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत 103 नई सड़कों का निर्माण प्रारंभ
जनजातीय क्षेत्रों में 415 किमी सड़कों से दूरस्थ गांव मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं।
विलेज एक्शन प्लान के अंतर्गत 191 गांवों में नल-जल योजनाएँ संचालित।
पीएम आवास, वन अधिकार पट्टा, वन धन केंद्र, छात्रावास, स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार तेज गति से हो रहा है।
अपने उद्बोधन के अंत में मंत्री ने महत्वपूर्ण घोषणाएँ कीं—
गोंडवाना भवन तिराहा चौक का नाम “बिरसा मुंडा चौक” किया जाएगा।
मनेंद्रगढ़ में बिरसा मुंडा की भव्य प्रतिमा स्थापित होगी।
खड़गवां में आदिवासी भवन का निर्माण कराया जाएगा।
सम्मान समारोह – समाज के गौरव का अभिनंदन
कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले जनजातीय समाज के प्रतिभावानों को शाल-श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। सम्मानित प्रतिभाओं में फूलचंद पोया, मूलचंद मार्को (कबड्डी), मुकेश चंद्र भानू (आर्टिस्ट), रामजीत लकड़ा (लोक गायक), शीतल सिंह, सोमारू पंडो, अमृत सिंह, सिलोचना सिंह (नशा मुक्ति अभियान) शामिल थे। इसके साथ ही सरसों मिनिकिट वितरण में अशोक सिंह, शिवचरण सिंह, देवलाल सिंह, नेवल सिंह, राजकुमार को लाभान्वित किया गया। पीएम आवास योजना के तहत मान सिंह, लक्ष्मण, रायसिंह, जसवीर सिंह, भवन सिंह को आवास चाभियाँ सौंपी गईं।
गोंडवाना संस्कृति का मनोहारी प्रदर्शन
मांदर, ढोल और पारंपरिक वाद्ययंत्रों की थाप पर महिला व युवा मंडलियों ने सांस्कृतिक झांकियों की शानदार प्रस्तुतियाँ दीं। आदिवासी परंपराओं, प्रकृति के प्रति समाज के गहरे जुड़ाव और गोंडवाना संस्कृति की समृद्धि को मंच पर जीवंत होते देख दर्शक मंत्रमुग्ध हो उठे।
कार्यक्रम में सर्व आदिवासी समाज सहित गोंडवाना के प्रमुख समाजों में गोंड़, बैगा, भैना, पाव, कंवर, कोड़ाकू, अगरिया, पंडो, उरांव, पठारी, चेरवा और खैरवार समाज के अध्यक्षों, समाजसेवियों, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की उपस्थिति रही।
भरे मैदान में उमड़ी भीड़ ने जनजातीय गौरव दिवस को ऐतिहासिक रूप में यादगार बना दिया।













