चिरमिरी। जिला चिकित्सालय चिरमिरी में मरीजों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नाक, कान एवं गला (ENT) रोगों से संबंधित विभिन्न जांच, उपचार और आवश्यक चिकित्सकीय प्रक्रियाओं की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इससे एमसीबी जिले के मरीजों को स्थानीय स्तर पर उपचार मिलने से बड़े चिकित्सा संस्थानों में जाने की जरूरत कम होगी।
एंडोस्कोपी सहित कई जरूरी प्रक्रियाएं उपलब्ध
जिला चिकित्सालय में ENT मरीजों के लिए डायग्नोस्टिक एंडोस्कोपी सहित कई आवश्यक प्रक्रियाएं की जा रही हैं। इनमें कान की सफाई, कान और नाक से विदेशी वस्तु निकालना, संक्रमण या रक्तस्राव की स्थिति में कान की पैकिंग तथा नकसीर के उपचार के लिए नेजल पैकिंग शामिल है।
इसके अलावा फटे हुए कान के लोब (Split Ear Lobule) और फटे हुए होंठ (Split Lip) की मरम्मत तथा कान एवं गर्दन में सूजन या फोड़े की स्थिति में Incision & Drainage के माध्यम से मवाद निकालने की सुविधा भी उपलब्ध है।
गले में फंसी मछली की कांटी और सिक्का भी निकाला जा रहा
गले में मछली की कांटी, सिक्का अथवा अन्य विदेशी वस्तु फंसने की स्थिति में भी जिला चिकित्सालय में आवश्यक प्रक्रिया की सुविधा उपलब्ध है। विशेष रूप से बच्चों के मामले में ऐसी स्थिति में समय पर चिकित्सकीय सहायता मिलने से जटिलताओं को कम करने में मदद मिल सकती है।
चक्कर और चेहरे के लकवे का भी उपचार
चक्कर या वर्टिगो की शिकायत वाले मरीजों के लिए Dix-Hallpike Test के माध्यम से आवश्यक जांच एवं उपचार किया जा रहा है। वहीं फेशियल पाल्सी (चेहरे के लकवे) से संबंधित मरीजों का उपचार और प्रबंधन भी उपलब्ध है।
आवश्यकता के अनुसार मरीजों को फिजियोथेरेपिस्ट की सहायता से उपचार एवं पुनर्वास संबंधी सेवाएं भी दी जा रही हैं।
ओरल सबम्यूकस फाइब्रोसिस का उपचार
जिला चिकित्सालय में ओरल सबम्यूकस फाइब्रोसिस (OSMF) से संबंधित मरीजों के उपचार की सुविधा भी उपलब्ध है। आवश्यकता के अनुसार चिकित्सकीय परामर्श के आधार पर मुंह के अंदर इंजेक्शन द्वारा उपचार किया जा रहा है।
आपात स्थिति में स्थानीय स्तर पर मिलेगी तत्काल मदद
नकसीर, कान या नाक में विदेशी वस्तु फंसना, गले में मछली की कांटी अथवा सिक्का फंसना और कान-गर्दन में संक्रमण या फोड़े जैसी स्थितियों में जिला अस्पताल में स्थानीय स्तर पर आवश्यक चिकित्सा सुविधा मिलना मरीजों के लिए महत्वपूर्ण राहत है।
जिला अस्पताल प्रबंधन ने आम नागरिकों से अपील की है कि नाक, कान और गले से जुड़ी किसी भी समस्या को नजरअंदाज न करें और समय पर चिकित्सकीय परामर्श लें।
विशेष रूप से बच्चों के कान, नाक या गले में कोई वस्तु फंसने पर खुद निकालने का प्रयास न करें और तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य संस्था या जिला चिकित्सालय में चिकित्सकीय सहायता लें।
जिला चिकित्सालय चिरमिरी द्वारा मरीजों को समय पर जांच, उचित उपचार और आवश्यक प्रक्रियाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इससे एमसीबी क्षेत्र के मरीजों को स्थानीय स्तर पर सुलभ और गुणवत्तापूर्ण ENT सेवाओं का लाभ मिल रहा है।




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