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14 Oct 2026
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लंबित राजस्व प्रकरणों का समय-सीमा में करें गुणवत्तापूर्ण निराकरण: संभागायुक्त नरेंद्र कुमार दुग्गा

लंबित राजस्व प्रकरणों का समय-सीमा में करें गुणवत्तापूर्ण निराकरण: संभागायुक्त नरेंद्र कुमार दुग्गा
लंबित राजस्व प्रकरणों का समय-सीमा में करें गुणवत्तापूर्ण निराकरण: संभागायुक्त नरेंद्र कुमार दुग्गा। फोटो: आज का दिन न्यूज़

राजस्व अधिकारी प्रतिदिन दो से चार घंटे प्रकरणों के अध्ययन और निर्णय के लिए दें, आमजन को समय पर उपलब्ध कराएं नकल, नक्शा और खसरा

मनेंद्रगढ़ ।

सरगुजा संभागायुक्त नरेंद्र कुमार दुग्गा की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में राजस्व अधिकारियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में राजस्व न्यायालयों के लंबित प्रकरणों, नामांतरण, खाता विभाजन, सीमांकन, डायवर्सन, भूमि अभिलेख सुधार, नक्शा अद्यतन, न्यायालयीन मामलों सहित शासन की विभिन्न योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
संभागायुक्त ने अधिकारियों को राजस्व प्रकरणों का निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने तथा आम नागरिकों को पारदर्शी और त्वरित सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
बैठक में कलेक्टर सुश्री संतन देवी जांगड़े, उपायुक्त आर.के. खूंटे, उपायुक्त श्रीमती शारदा अग्रवाल, जिला पंचायत सीईओ श्रीमती अंकिता सोम, अपर कलेक्टर श्रीमती नम्रता डोंगरे सहित सभी एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार एवं संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

लंबित राजस्व प्रकरणों के निराकरण में तेजी लाने के निर्देश

संभागायुक्त ने 1 अक्टूबर 2025 से अब तक राजस्व न्यायालयों में दर्ज एवं लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए अविवादित नामांतरण के 330, अविवादित खाता विभाजन के 55 तथा विवादित खाता विभाजन एवं सीमांकन के 15 लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता से निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने तहसीलदार, नजूल तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार न्यायालयों में लंबित 46 प्रकरणों को भी शीघ्र निराकरण करने को कहा। भूमि अभिलेखों में त्रुटि सुधार एवं प्रविष्टि संबंधी विवादों की समीक्षा के दौरान कुल 429 प्रकरणों में से 359 निराकरण तथा 70 लंबित पाए गए। इनमें 55 प्रकरण समय-सीमा से बाहर थे, जबकि 27 प्रकरणों में विलंब का कारण दर्ज नहीं था।

संभागायुक्त ने ऐसे मामलों में विलंब के कारण स्पष्ट रूप से दर्ज करने और लंबित प्रकरणों के निराकरण में तेजी लाने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त डायवर्जन के 18 लंबित प्रकरणों तथा मनेन्द्रगढ़ में वृक्ष कटाई से संबंधित एक लंबित प्रकरण का समयबद्ध निराकरण करने को कहा। उन्होंने नक्शा अद्यतन के लिए शेष 14,320 खसरों का कार्य लक्ष्य निर्धारित कर पूरा करने तथा जिन खसरों के नक्शे उपलब्ध नहीं हैं, उनकी जानकारी तैयार करने के निर्देश दिए। खड़गवां और भरतपुर में डिजिटल हस्ताक्षर प्रमाणपत्र से संबंधित कार्यों में भी प्रगति लाने पर जोर दिया।

राजस्व विभाग शासन की रीढ़, जवाबदेही से करें कार्य

संभागायुक्त श्री दुग्गा ने कहा कि राजस्व विभाग शासन की रीढ़ है और आम नागरिकों का इससे सीधा जुड़ाव होता है। इसलिए राजस्व अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि वे संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें। उन्होंने अधिकारियों को प्रतिदिन दो से चार घंटे राजस्व प्रकरणों के अध्ययन और गुणवत्तापूर्ण निर्णय के लिए देने के निर्देश दिए, ताकि मामलों का न्यायसंगत एवं समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित हो सके।

उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक और एआई के युग में उपलब्ध संसाधनों का उचित उपयोग कर कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। सभी एसडीएम, तहसीलदार और नायब तहसीलदार नियमित समीक्षा करें तथा पटवारियों के साथ समन्वय बनाकर ग्राम स्तर पर लंबित मामलों की पहचान करें। प्रत्येक पांच गांवों का चिन्हांकन कर लक्ष्य निर्धारित करने और लंबित प्रकरणों का निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

नकल, नक्शा और खसरा के लिए नागरिकों को न हो परेशानी

संभागायुक्त ने सभी तहसील कार्यालयों में साफ- सफाई, अभिलेखों के सुव्यवस्थित रखरखाव तथा न्यायालयीन फाइलों के विधिवत पंजीयन पर विशेष जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी राजस्व न्यायालय में अपंजीकृत फाइल नहीं मिलनी चाहिए। नागरिकों को नकल, नक्शा और खसरा जैसी आवश्यक सेवाएं निर्धारित समय पर उपलब्ध कराई जाएं। जिले की 199 ग्राम पंचायतों से संबंधित लंबित राजस्व मामलों की समीक्षा करते हुए उन्होंने पटवारी एवं तहसील स्तर पर निराकरण सुनिश्चित करने को कहा।

इसके साथ ही उच्च न्यायालय में लंबित प्रकरणों, जवाब-दावों तथा न्यायालयीन आदेशों के पालन से संबंधित मामलों में शीघ्र कार्रवाई करने को कहा गया। संभागायुक्त ने राजस्व संहिता की विभिन्न धाराओं के प्रावधानों की जानकारी देते हुए नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

सीएम हेल्पलाइन और जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा

बैठक में कलेक्टर सुश्री संतन देवी जांगड़े ने सीएम हेल्पलाइन के लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए शिकायतों का समयबद्ध एवं संतोषजनक निराकरण करने के निर्देश दिए। संभागायुक्त ने भी जन शिकायतों को गंभीरता से लेने तथा शिकायतकर्ताओं को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने देने पर जोर दिया। सुघ्घर छत्तीसगढ़ योजना की समीक्षा के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों के अंतिम व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने तथा पात्र हितग्राहियों को जाति, निवास एवं ईडब्ल्यूएस प्रमाणपत्र सहित आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।

एग्रीस्टैक, डिजिटल क्रॉप सर्वे और स्वामित्व योजना में प्रगति लाने पर जोर

कृषि विभाग की एग्रीस्टैक योजना की समीक्षा के दौरान अनक्लेम्ड बकेट लिस्ट में 16,823 के अंतर की जानकारी ली गई। संभागायुक्त ने किसान पंजीकरण की प्रगति की समीक्षा करते हुए चिरमिरी एवं खड़गवां क्षेत्रों में पंजीकरण प्रतिशत बढ़ाने के निर्देश दिए। वनाधिकार पट्टाधारी किसानों का भौतिक सत्यापन कर अक्षांश एवं देशांतर की जानकारी दर्ज करने को भी कहा गया। डिजिटल क्रॉप सर्वे के अंतर्गत पटवारी आईडी के माध्यम से सर्वेक्षकों को आवंटन के लिए लंबित 230 भूखंडों की समीक्षा कर कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।
इसके अतिरिक्त स्वामित्व योजना, असर्वेक्षित ग्रामों के सर्वेक्षण तथा भू-अर्जन से संबंधित लंबित प्रकरणों की भी समीक्षा की गई।

संभागायुक्त श्री दुग्गा ने कहा कि राजस्व प्रशासन की कार्यकुशलता का वास्तविक मूल्यांकन आम नागरिकों को मिलने वाली सेवाओं और उनकी समस्याओं के समयबद्ध समाधान से होता है। उन्होंने सभी अधिकारियों को नियमित निगरानी, बेहतर समन्वय और जवाबदेही के साथ कार्य करते हुए लंबित प्रकरणों की संख्या न्यूनतम करने तथा शासन की योजनाओं का लाभ पात्र नागरिकों तक पहुंचाने के निर्देश दिए।

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