बगीचा के सुदूर वनांचलों तक पहुँचेगी बेहतर स्वास्थ्य सुविधा, पीएम-जनमन मोबाइल मेडिकल यूनिट को मिली हरी झंडी

Rishi thawait aajkadin

बगीचा के सुदूर वनांचलों तक पहुँचेगी बेहतर स्वास्थ्य सुविधा, पीएम-जनमन मोबाइल मेडिकल यूनिट को मिली हरी झंडी

जशपुरनगर | 02 जनवरी 2026

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की विशेष पहल पर जशपुर जिले के विकासखंड बगीचा को पीएम-जनमन योजना के तहत एक अत्याधुनिक मोबाइल मेडिकल यूनिट (MMU) की सौगात मिली है। नवा रायपुर से प्रदेशव्यापी स्तर पर रवाना किए गए 57 वाहनों में से एक विशेष एमएमयू अब बगीचा के दुर्गम और पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (PVTG) के लिए 'संजीवनी' का कार्य करेगी।

गाँव की चौपाल पर ही होगा इलाज और जाँच

अक्सर देखा गया है कि सुदूर वनांचलों में रहने वाले परिवारों को सामान्य इलाज के लिए भी कोसों दूर जिला या ब्लॉक मुख्यालय आना पड़ता था। मुख्यमंत्री श्री साय के इस कदम से अब स्वास्थ्य सेवाएं सीधे ग्रामीणों के द्वार तक पहुँचेंगी। इस योजना के तहत:

प्रदेश के 18 जिलों के 2100 से अधिक गाँवों को कवर किया जाएगा।

जशपुर जिले के बगीचा जैसे दुर्गम क्षेत्रों की पीवीटीजी आबादी को इसका सीधा लाभ मिलेगा।

चलता-फिरता अस्पताल: डॉक्टर से लेकर दवाइयां तक सब मौजूद

बगीचा को प्राप्त इस मोबाइल मेडिकल यूनिट में सुविधाओं का पूरा तामझाम मौजूद है। वाहन में न केवल चिकित्सा दल होगा, बल्कि जाँच की अत्याधुनिक मशीनें भी होंगी:

विशेषज्ञ टीम: वाहन में डॉक्टर, नर्स, लैब तकनीशियन और फार्मासिस्ट तैनात रहेंगे।

निःशुल्क जाँच: इसमें 25 प्रकार की पैथोलॉजी जाँच की सुविधा उपलब्ध है।

दवाओं का भंडार: मरीजों को 106 प्रकार की दवाइयां पूरी तरह निःशुल्क प्रदान की जाएंगी।

गंभीर स्थिति में सहायता: गंभीर मरीजों की पहचान कर उन्हें तत्काल उच्च स्वास्थ्य केंद्रों में रेफर करने की व्यवस्था भी होगी।

बीमारियों की रोकथाम में मिलेगी मदद

इस एमएमयू के माध्यम से सुदूर अंचलों में टीबी, मलेरिया, एनीमिया और कुपोषण जैसी बीमारियों की समय पर पहचान और रोकथाम हो सकेगी। नियमित स्वास्थ्य शिविरों के आयोजन से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य जागरूकता का नया संचार होगा।

कथन:

"पहाड़ी और दुर्गम इलाकों में रहने वाले परिवारों को अब इलाज के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। स्वास्थ्य सेवाएं अब सीधे उनके घर तक पहुँचेंगी।"

— श्री विष्णुदेव साय, मुख्यमंत्री