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14 Oct 2026
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बच्चों को बताया गया सुरक्षित स्पर्श और असुरक्षित स्पर्श का अंतर, बाल संरक्षण व कानूनी अधिकारों के प्रति किया जागरूक

बच्चों को बताया गया सुरक्षित स्पर्श और असुरक्षित स्पर्श का अंतर, बाल संरक्षण व कानूनी अधिकारों के प्रति किया जागरूक
बच्चों को बताया गया सुरक्षित स्पर्श और असुरक्षित स्पर्श का अंतर, बाल संरक्षण व कानूनी अधिकारों के प्रति किया जागरूक। फोटो: आज का दिन न्यूज़

POCSO एक्ट, साइबर अपराध, बाल विवाह, यातायात नियम और नशे के दुष्प्रभावों पर विद्यार्थियों को दी गई महत्वपूर्ण जानकारी

नदीम खान | सूरजपुर।

बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने, उन्हें उनके कानूनी अधिकारों से परिचित कराने और जागरूक नागरिक बनाने के उद्देश्य से सूरजपुर जिले में विद्यालय स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में कलेक्टर श्रीमती रेना जमील के निर्देशन एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री शुभम बंसल के मार्गदर्शन में विश्रामपुर के एक निजी विद्यालय में मिडिल कक्षाओं के विद्यार्थियों को बाल संरक्षण, साइबर सुरक्षा, बाल विवाह निषेध, यातायात नियमों और नशामुक्ति के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।

कार्यक्रम का नेतृत्व जिला बाल संरक्षण अधिकारी श्री मनोज जायसवाल ने किया। उन्होंने विद्यार्थियों को बाल सुरक्षा से जुड़े कानूनी प्रावधानों की जानकारी देते हुए किसी भी परेशानी या असुरक्षित स्थिति में सतर्क रहने और समय पर सहायता लेने के लिए प्रेरित किया।

POCSO एक्ट और सुरक्षित-असुरक्षित स्पर्श की दी जानकारी

जिला बाल संरक्षण अधिकारी श्री मनोज जायसवाल ने विद्यार्थियों को लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (POCSO एक्ट) के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने सुरक्षित स्पर्श और असुरक्षित स्पर्श के बीच अंतर समझाते हुए कहा कि यदि किसी का स्पर्श असहज महसूस हो, तो बिना संकोच अपने माता-पिता या किसी भरोसेमंद वयस्क को इसकी जानकारी दें। उन्होंने सहायता के लिए चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098, महिला हेल्पलाइन 181 और आपातकालीन सेवा 112 की जानकारी भी दी।

बाल विवाह और साइबर अपराधों से बचाव पर जोर

कार्यक्रम में विद्यार्थियों को बाल विवाह के दुष्परिणामों और इससे संबंधित कानूनी प्रावधानों के बारे में जागरूक किया गया। बाल विवाह की जानकारी मिलने पर संबंधित अधिकारियों को तत्काल सूचना देने की अपील की गई।

साइबर सुरक्षा के विषय में विद्यार्थियों को ऑनलाइन ठगी, फर्जी लिंक और बैंक खातों से अनधिकृत लेनदेन जैसी घटनाओं के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी गई। उन्हें समझाया गया कि अनजान व्यक्तियों के साथ अपनी निजी जानकारी, पासवर्ड और ओटीपी साझा न करें तथा मोबाइल और इंटरनेट का उपयोग अभिभावकों की निगरानी में करें।

यातायात नियमों के पालन की दी समझाइश

यातायात जागरूकता के दौरान विद्यार्थियों को बताया गया कि निर्धारित आयु से पहले या वैध ड्राइविंग लाइसेंस के बिना वाहन चलाना कानूनन अपराध है और इससे गंभीर सड़क दुर्घटनाओं का खतरा रहता है। विद्यार्थियों को निर्धारित आयु पूरी करने और वैध लाइसेंस प्राप्त करने के बाद ही वाहन चलाने की सलाह दी गई। साथ ही अपने अभिभावकों को हेलमेट पहनने और यातायात नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित करने की बात कही गई।

नशे से दूर रहकर शिक्षा पर ध्यान देने की अपील

किशोर न्याय अधिनियम के प्रावधानों की जानकारी देते हुए विद्यार्थियों को बताया गया कि इसकी धारा 77 एवं 78 के तहत बच्चों को नशीले पदार्थ उपलब्ध कराने तथा नशीले पदार्थों के परिवहन और बिक्री में बच्चों का इस्तेमाल करने पर दंडात्मक कार्रवाई का प्रावधान है। विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराते हुए इससे दूर रहने और अपनी पढ़ाई, कौशल विकास तथा उज्ज्वल भविष्य पर ध्यान केंद्रित करने की समझाइश दी गई।

बालिकाओं को स्वच्छता और सहायता सेवाओं की जानकारी

कार्यक्रम में फरजाना अंसारी ने सखी केंद्र में उपलब्ध सुविधाओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने विशेष रूप से बालिकाओं को व्यक्तिगत स्वच्छता का ध्यान रखने और जरूरत पड़ने पर उपलब्ध सहायता सेवाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया।

इस अवसर पर चाइल्डलाइन से श्री दिनेश यादव, विद्यालय के प्राचार्य और शिक्षकगण उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को उनके अधिकारों, सुरक्षा उपायों और कानूनी प्रावधानों के प्रति जागरूक बनाकर सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में सार्थक पहल करना रहा।

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