मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बोले- अक्षय ऊर्जा से आर्थिक बचत के साथ हरित छत्तीसगढ़ का सपना हो रहा साकार, सोलर रूफटॉप अपनाने वालों की संख्या लगातार बढ़ी,
रायपुर, 6 अगस्त। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना तेजी से लोगों की जिंदगी बदल रही है। योजना के जरिए हजारों परिवार सौर ऊर्जा अपनाकर बिजली बिल से राहत पा रहे हैं और ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। राज्य सरकार का दावा है कि यह योजना न केवल आम लोगों की मासिक बचत बढ़ा रही है, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देकर हरित और विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य को भी मजबूती दे रही है।
योजना की सफलता की एक मिसाल गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के पेंड्रा निवासी लखन लाल कश्यप हैं। उन्होंने अपने घर की छत पर 5 किलोवॉट क्षमता का सोलर रूफटॉप संयंत्र स्थापित कराया, जिसके बाद उनका बिजली बिल पूरी तरह शून्य हो गया। सरकार से मिली सब्सिडी के कारण संयंत्र लगाने का खर्च भी काफी कम हुआ और अब हर महीने होने वाली बचत का उपयोग परिवार की अन्य जरूरतों पर किया जा रहा है।
लखन लाल कश्यप ने बताया कि पहले हर महीने बिजली बिल घरेलू बजट पर अतिरिक्त बोझ डालता था, लेकिन अब सौर ऊर्जा से यह खर्च पूरी तरह समाप्त हो गया है। उनका कहना है कि सौर ऊर्जा न केवल आर्थिक रूप से लाभकारी है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ भविष्य सुनिश्चित करने का भी प्रभावी माध्यम है।
राज्य सरकार के अनुसार मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में अक्षय ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से अधिकाधिक परिवार सौर ऊर्जा से जुड़ रहे हैं, जिससे बिजली खर्च में कमी आने के साथ कार्बन उत्सर्जन घटाने के राष्ट्रीय लक्ष्य को भी बल मिल रहा है।
लखन लाल कश्यप ने प्रदेश के पात्र परिवारों से इस योजना का लाभ उठाकर अपने घरों में सोलर रूफटॉप लगाने की अपील की। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार की सब्सिडी से सौर ऊर्जा अब आम लोगों की पहुंच में आ गई है और यह योजना आर्थिक बचत, ऊर्जा सुरक्षा तथा पर्यावरण संरक्षण—तीनों उद्देश्यों को एक साथ पूरा कर रही है।



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