रायपुर, 21 सितंबर 2026। मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन से राज्य के सभी जिलों के कलेक्टरों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत ‘सेवा मेरा योगदान’ अभियान को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश दिए गए।
प्रदेश में सेवा संकल्प अभियान 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक चल रहा है। मुख्य सचिव ने बताया कि इस अभियान के तहत 23 से 25 सितंबर तक सभी जिलों के नगरीय निकाय क्षेत्रों में तथा 2 से 8 अक्टूबर तक पूरे प्रदेश में ‘सेवा मेरा योगदान’ के अंतर्गत विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इनमें सेवा एवं स्वच्छता, अन्न एवं वस्त्र दान, विद्या दान एवं शिक्षा सहयोग, कौशल एवं ज्ञान दान, हरित छत्तीसगढ़ एवं पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य एवं रक्तदान, अंगदान एवं देहदान, सामाजिक सुरक्षा एवं जागरूकता तथा स्थानीय उत्पादन एवं महिला सशक्तिकरण जैसी गतिविधियां शामिल हैं।
मुख्य सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिए कि इन गतिविधियों में एनसीसी, एनएसएस, स्वयंसेवक, स्व-सहायता समूह, सामाजिक संस्थाएं, युवा संगठन तथा ‘मेरा युवा भारत’ सहित विभिन्न सहयोगी संस्थाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए। सभी गतिविधियों को फोटोग्राफ्स सहित माय भारत पोर्टल पर अपलोड करने के भी निर्देश दिए गए।
देहदान-अंगदान करने वाले परिवारों का सम्मान
मुख्य सचिव ने कलेक्टरों से कहा कि जिन परिवारों के मृत परिजनों ने देह या अंग दान किया है, उन्हें विशेष रूप से सम्मानित किया जाए। साथ ही, जिन लोगों को दान किए गए अंगों का उपयोग किया गया है, उनके परिवारों को भी कार्यक्रम में शामिल कर उनकी प्रतिक्रिया ली जाए। उन्होंने कहा कि यह प्रयास सिर्फ अभियान तक सीमित न रहे, बल्कि समय-समय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर अधिक से अधिक लोगों को अंगदान के लिए प्रेरित किया जाए।
सेवा संकल्प एवं दान उत्सव का भव्य आयोजन
23 से 25 सितंबर तक प्रदेश के सभी जिलों के नगरीय निकायों में तथा 2 से 8 अक्टूबर तक पूरे प्रदेश में ‘सेवा संकल्प एवं दान उत्सव’ के रूप में विशाल आयोजन होगा। इसमें सेवा-स्वच्छता, विद्या दान, अन्न-वस्त्र दान, कौशल प्रशिक्षण, जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण, प्लास्टिक मुक्त अभियान, महा रक्तदान शिविर, निःशुल्क स्वास्थ्य जांच, महा अन्नदान, गरिमा किट वितरण, बुक ट्री तथा वंचित बच्चों के लिए स्कूल किट वितरण जैसी गतिविधियां बड़े पैमाने पर होंगी।
हरित छत्तीसगढ़: ‘एक पेड़ मां के नाम’ के साथ 10 हजार पौधों का रोपण
हरित छत्तीसगढ़ अभियान के अंतर्गत ‘एक पेड़ मां के नाम’ पहल के साथ स्थानीय प्रजातियों के 10 हजार पौधों का रोपण करने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्य सचिव ने पर्यावरण संरक्षण गतिविधियों में व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दान उत्सव का लाभ अनाथालयों, वृद्धाश्रमों और जरूरतमंद वर्गों तक पहुंचे तथा सामाजिक संस्थाओं को सक्रिय रूप से जोड़ा जाए। अभियान के समापन पर उल्लेखनीय कार्य करने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं को सम्मानित किया जाएगा।
सेवा सेतु शिविरों में समयबद्ध निराकरण
मुख्य सचिव ने सेवा सेतु शिविरों में प्राप्त आवेदनों का व्यवस्थित परीक्षण और समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। शिविरों को परिणाम आधारित बनाने तथा केंद्र सरकार की 26 प्रमुख योजनाओं को शामिल कर पात्र हितग्राहियों को लाभ दिलाने को कहा गया। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन और लोक सेवा गारंटी की शिकायतों की भी समयबद्ध समीक्षा करने के निर्देश दिए गए।
अन्य महत्वपूर्ण निर्देश
कलेक्टरों को जिले के नेता के रूप में सभी अभियानों का प्रभावी नेतृत्व करने को कहा गया।
सेवा संकल्प अभियान की गतिविधियों को गूगल शीट में व्यवस्थित रूप से दर्ज करने के निर्देश दिए गए।
फसलों की गिरदावरी सर्वे में शुद्धता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
जल जीवन मिशन को प्राथमिकता देते हुए 15 अक्टूबर तक नल कनेक्शन और उनके क्रियाशील होने की नियमित समीक्षा करने को कहा गया। आवश्यकता पड़ने पर अन्य निर्माण विभागों के उप अभियंताओं की ड्यूटी लगाने के भी निर्देश दिए गए।
स्वच्छ भारत मिशन के नगरीय और ग्रामीण लक्ष्यों पर विशेष ध्यान देने को कहा गया।
मुख्य सचिव ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान को जनभागीदारी, सेवा भावना और सामाजिक सहयोग का स्थायी माध्यम बनाया जाए, ताकि छत्तीसगढ़ प्रोएक्टिव और फ्रंट रनर राज्य के रूप में आगे बढ़े।
कॉन्फ्रेंस में सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव श्री अविनाश चम्पावत, सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद, आयुक्त जनसंपर्क श्री रजत बंसल सहित सभी संभागायुक्त, कलेक्टर और अन्य विभागों के अधिकारी शामिल हुए।




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