शहीदांड में बनने वाले इंटीग्रेटेड पैक हाउस के संचालन में अपनाई जाएंगी आधुनिक कृषि एवं प्रसंस्करण की सर्वाेत्तम तकनीकें
रायपुर, 3 अगस्त 2026
जशपुर जिले में कृषि को मूल्य संवर्धन आधारित व्यवसाय के रूप में विकसित करने की दिशा में जिला प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। इसी क्रम में कृषि विभाग, उद्यानिकी विभाग, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) तथा जिले के विभिन्न किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) के अधिकारियों एवं प्रतिनिधियों ने महाराष्ट्र के नासिक स्थित सह्याद्री फार्म्स का अध्ययन एवं प्रशिक्षण भ्रमण किया। भ्रमण का उद्देश्य बगीचा विकासखंड के शहीदांड में प्रस्तावित इंटीग्रेटेड पैक हाउस के प्रभावी संचालन के लिए देश के अग्रणी किसान-स्वामित्व वाले कृषि एवं प्रसंस्करण मॉडल का अध्ययन करना था।
प्रतिनिधिमंडल ने सह्याद्री फार्म्स के सफल एफपीओ मॉडल, आधुनिक कृषि प्रबंधन, गुणवत्ता नियंत्रण, प्रसंस्करण, ब्रांडिंग और निर्यात प्रणाली का गहन अध्ययन किया। अधिकारियों ने जाना कि संगठित किसान मॉडल के माध्यम से उत्पादन से लेकर प्रसंस्करण और विपणन तक की पूरी श्रृंखला विकसित कर किसानों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजारों से कैसे जोड़ा जा सकता है।
भ्रमण के दौरान टीम ने अंगूर, अनार सहित विभिन्न उच्च मूल्य वाली बागवानी फसलों के खेतों का निरीक्षण किया। यहां ड्रिप सिंचाई, वैज्ञानिक खेती, फसल कटाई उपरांत प्रबंधन, गुणवत्ता मानकों और निर्यातोन्मुख उत्पादन प्रणाली की आधुनिक तकनीकों का प्रत्यक्ष अवलोकन किया गया। विशेषज्ञों ने वैश्विक बाजार की मांग के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण उत्पादन और आधुनिक कृषि पद्धतियों की विस्तृत जानकारी भी साझा की।
प्रतिनिधिमंडल ने सह्याद्री फार्म्स के अत्याधुनिक प्रसंस्करण एवं वैल्यू एडिशन प्लांट का भी निरीक्षण किया। यहां अंगूर, अनार, केला, आम, स्वीट कॉर्न और टमाटर जैसे उत्पादों की ग्रेडिंग, सॉर्टिंग, धुलाई, पल्प निर्माण, एसेप्टिक पैकेजिंग, कोल्ड चेन, फ्रोजन स्टोरेज और निर्यात पैकेजिंग की संपूर्ण प्रक्रिया का अवलोकन किया गया। अधिकारियों ने समझा कि प्राथमिक कृषि उत्पादों का मूल्य संवर्धन कर किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि की जा सकती है।
शहीदांड में प्रस्तावित इंटीग्रेटेड पैक हाउस जिले के किसानों, एफपीओ, स्वयं सहायता समूहों तथा कृषि उद्यमियों के लिए आधुनिक कॉमन फैसिलिटी सेंटर के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां ग्रेडिंग, सॉर्टिंग, पैकेजिंग, संरक्षण और प्रसंस्करण जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। प्रस्तावित इकाई में टमाटर, आम, नाशपाती, कटहल, लीची और खीरा सहित विभिन्न कृषि एवं उद्यानिकी उत्पादों के प्रसंस्करण की व्यवस्था विकसित की जाएगी।
इस परियोजना से फसल उपरांत होने वाले नुकसान में कमी आएगी, किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिलेगा तथा एफपीओ को बड़े खरीदारों, खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों और निर्यात बाजारों से जुड़ने के नए अवसर प्राप्त होंगे। साथ ही यह केंद्र कृषि आधारित उद्यमिता, ब्रांडिंग, बाजार संपर्क, प्रशिक्षण और क्षमता विकास का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा।
जिला प्रशासन ने बताया कि सह्याद्री फार्म्स के अध्ययन से प्राप्त अनुभवों और सर्वाेत्तम कार्यप्रणालियों को शहीदांड के इंटीग्रेटेड पैक हाउस के संचालन में शामिल किया जाएगा। विशेष रूप से एफपीओ सशक्तिकरण, गुणवत्ता नियंत्रण, आधुनिक प्रसंस्करण, ब्रांडिंग, बाजार संपर्क तथा किसानों के लिए दीर्घकालिक हैंडहोल्डिंग व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। यह पहल जशपुर के आदिवासी किसानों को उनकी उपज का अधिकतम मूल्य दिलाने के साथ जिले में कृषि को मूल्य संवर्धन आधारित एग्री-बिजनेस के रूप में स्थापित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।



पाठकों की टिप्पणियां 0