रायपुर, 04 अगस्त 2026
आयुक्त, खाद्य सुरक्षा, के निर्देश पर खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य संरक्षण, खाद्य सुरक्षा तथा निष्पक्ष व्यापार व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पनीर एनालॉग उत्पादों को प्रतिबंधित किया गया है। वहीं ऐसे गैर दुग्ध खाद्य उत्पादों, जो पनीर, क्रीम, मक्खन अथवा अन्य दुग्ध उत्पादों के विकल्प अथवा उनकी नक़ल के रूप में निर्मित एवं विक्रय किए जाते हैं, के निर्माण, प्रसंस्करण, भंडारण, परिवहन, वितरण एवं विक्रय पर संपूर्ण छत्तीसगढ़ में तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया गया है।
खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की धारा 18 एवं धारा 30 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह निर्णय लिया गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा, गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थों की उपलब्धता तथा भ्रामक एवं अनुचित व्यापारिक गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने के उद्देश्य से यह प्रतिबंध किया गया है।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने राज्य के सभी खाद्य कारोबारकर्ताओं, जिनमें निर्माता, डेयरी इकाइयाँ, होटल, रेस्टोरेंट, थोक एवं फुटकर विक्रेता शामिल हैं, को निर्देशित किया है कि वे ऐसे उत्पादों का निर्माण, भंडारण, परिवहन, वितरण एवं विक्रय तत्काल प्रभाव से बंद करना सुनिश्चित करें। जिन खाद्य कारोबारकर्ताओं के खाद्य लाइसेंस में पनीर एनालॉग अथवा संबंधित उत्पादों का उल्लेख है, वे नियमानुसार आवश्यक संशोधन की कार्रवाई शीघ्र पूर्ण करें।
विभाग द्वारा इस आदेश के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रदेशभर में विशेष जांच एवं निरीक्षण अभियान संचालित किया जाएगा। जांच के दौरान प्रतिबंधित उत्पादों का निर्माण, भंडारण अथवा विक्रय पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठानों के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 तथा प्रचलित नियमों के अंतर्गत कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि प्रतिबंध आदेश के प्रभावी पालन के लिए 03 अगस्त 2026 को गरियाबंद स्थित मधुबन रेस्टोरेंट में होटल एवं रेस्टोरेंट संचालकों की बैठक आयोजित कर शासन के आदेश, खाद्य सुरक्षा संबंधी प्रावधानों तथा प्रतिबंधित उत्पादों के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई तथा सभी संबंधित कारोबारकर्ताओं को आदेश का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए।

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