घर बैठे हो रही अतिरिक्त आमदनी से बच्चों की पढ़ाई और घरेलू खर्च में कर रहीं सहयोग
रायपुर, 26 अक्टूबर 2026
सरगुजा जिले के लखनपुर विकासखंड के ग्राम केवरी की श्रीमती दीपिका दास ने महतारी वंदन योजना से मिलने वाली सहायता राशि को बचाकर अपने हुनर को आजीविका का साधन बनाया है। उन्होंने इसी बचत से सिलाई का काम शुरू किया। अब गांव की महिलाओं के कपड़े सिलकर वे हर महीने अतिरिक्त आमदनी अर्जित कर रही हैं और परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियों में हाथ बंटा रही हैं।
श्रीमती दीपिका बताती हैं कि पहले सीमित संसाधनों के कारण घर की जरूरतें पूरी करने और बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाने में परेशानी होती थी। वे भी परिवार की आय बढ़ाने के लिए कुछ करना चाहती थीं। महतारी वंदन योजना से नियमित सहायता मिलने पर उन्होंने राशि का कुछ हिस्सा बचाना शुरू किया और सिलाई का काम शुरू करने का निर्णय लिया।
अब वे घर से ही गांव की महिलाओं के कपड़े सिलती हैं। घर पर काम करने से उन्हें घरेलू जिम्मेदारियों के साथ रोजगार करने की सुविधा मिली है। सिलाई से होने वाली कमाई से बच्चों की पढ़ाई और घर के खर्च में सहयोग मिलता है। इस काम ने उन्हें अपनी मेहनत से आय अर्जित करने का अवसर दिया है।
अपनी खुशी साझा करते हुए श्रीमती दीपिका ने कहा, “पहले मेरी आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी। महतारी वंदन योजना की राशि जोड़कर मैंने सिलाई का काम शुरू किया। अब घर बैठे गांव की महिलाओं के कपड़े सिलती हूं। इससे बच्चों की पढ़ाई और घर के खर्च में मदद मिलती है।” उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार जताते हुए कहा कि “विष्णु भैया” की पहल से उन्हें रोजगार शुरू करने का संबल मिला है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और महिला एवं बाल विकास मंत्री के मार्गदर्शन में संचालित महतारी वंदन योजना महिलाओं को आर्थिक सहायता के साथ अपने जीवन और परिवार के लिए निर्णय लेने का भरोसा दे रही है। योजना से मिली राशि का उपयोग महिलाएं घरेलू जरूरतों, बच्चों की शिक्षा और छोटे स्वरोजगार में कर रही हैं।




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