अवैध धान परिवहन पर रहेगी कड़ी निगरानी, किसानों की सुविधा और पारदर्शी खरीदी व्यवस्था पर विशेष जोर
मनेंद्रगढ़ ।
खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के अंतर्गत समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की तैयारियों को लेकर जिला प्रशासन ने कवायद तेज कर दी है। जिले में 15 नवंबर से शुरू होने वाली धान खरीदी को सुचारू, पारदर्शी एवं व्यवस्थित बनाने के लिए कलेक्टर सुश्री संतन देवी जांगड़े के निर्देश पर कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
अपर कलेक्टर लिंगराज सिदार की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में जिले की 19 सहकारी समितियों के अंतर्गत संचालित 28 धान उपार्जन केंद्रों की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई। उन्होंने अधिकारियों एवं समिति प्रबंधकों को खरीदी प्रारंभ होने से पहले सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही स्पष्ट किया है कि धान खरीदी में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
15 नवंबर से 15 जनवरी तक होगी धान खरीदी
बैठक में बताया गया कि जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी 15 नवंबर 2026 से 15 जनवरी 2027 तक की जाएगी। शासन द्वारा कॉमन धान का समर्थन मूल्य 2,441 रुपये तथा ग्रेड-ए धान का 2,461 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। किसानों से अधिकतम 21 क्विंटल प्रति एकड़ की दर से धान खरीदा जाएगा। खरीदी सोमवार से शुक्रवार तक होगी, जबकि शनिवार को समितियों द्वारा खरीदी, बारदानों के उपयोग एवं व्यय संबंधी जानकारी सॉफ्टवेयर में दर्ज की जाएगी।
एग्रीस्टैक पंजीयन अनिवार्य, पात्र किसानों को न हो परेशानी
अपर कलेक्टर ने सभी तहसीलदारों को पात्र किसानों का एग्रीस्टैक पोर्टल पर पंजीयन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि फार्मर आईडी एवं पंजीयन से संबंधित समस्याओं का समय रहते निराकरण किया जाए, ताकि कोई भी पात्र किसान धान विक्रय से वंचित न रहे। किसानों के रकबे का निर्धारण डिजिटल क्रॉप सर्वे के आधार पर किया जाएगा तथा सभी श्रेणियों के किसानों के लिए एग्रीस्टैक पंजीयन अनिवार्य रहेगा।
अवैध धान परिवहन रोकने सीमावर्ती क्षेत्रों में बढ़ेगी निगरानी
अन्य राज्यों से अवैध रूप से धान लाकर खरीदी केंद्रों में खपाने की आशंका को देखते हुए एसडीएम एवं राजस्व अधिकारियों को सीमावर्ती क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए। नाका- बैरियरों पर जांच दल तैनात कर नियमित निगरानी करने तथा खरीदी प्रारंभ होने से पहले ही जांच व्यवस्था सक्रिय करने को कहा गया। अधिकारियों को अवैध धान परिवहन एवं भंडारण की गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण रखने के निर्देश भी दिए गए।
उपार्जन केंद्रों में तौल मशीन, बारदाना और इंटरनेट की व्यवस्था जरूरी
अपर कलेक्टर ने खाद्य एवं विपणन विभाग को सभी 28 उपार्जन केंद्रों में इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन, नमी मापक यंत्र, पर्याप्त बारदाना, तिरपाल, कंप्यूटर, प्रिंटर, जनरेटर, यूपीएस एवं इंटरनेट कनेक्टिविटी की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके अलावा हमाल एवं डाटा एंट्री ऑपरेटरों की पर्याप्त उपलब्धता के साथ किसानों के लिए पेयजल, बैठने और छाया की समुचित व्यवस्था करने को कहा गया।
बैठक में बताया गया कि खरीदने के लिए धान में नमी की अधिकतम सीमा 17 प्रतिशत निर्धारित है। इससे अधिक नमी वाले अथवा अमानक धान की खरीदी नहीं की जाएगी। नए एवं पुराने जूट बारदाना का उपयोग 50:50 के अनुपात में होगा तथा प्रत्येक बोरी में 40 किलोग्राम धान भरा जाएगा।
बायोमेट्रिक सत्यापन से खरीदी, सीधे बैंक खाते में होगा भुगतान
धान खरीदी की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन एवं कंप्यूटरीकृत रहेगी। किसानों का बायोमेट्रिक सत्यापन अनिवार्य होगा। टोकन व्यवस्था एवं बैंक खातों के सत्यापन पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं। धान विक्रय की राशि पीएफएमएस के माध्यम से सीधे संबंधित किसान के बैंक खाते में अंतरित की जाएगी। किसी अन्य व्यक्ति के खाते में भुगतान नहीं किया जाएगा।
सीसीटीवी और जीपीएस से निगरानी
धान खरीदी व्यवस्था की प्रभावी निगरानी के लिए कमांड एंड कंट्रोल सेंटर, सीसीटीवी कैमरे, जीपीएस आधारित वाहन ट्रैकिंग एवं ऑनलाइन डैशबोर्ड का उपयोग किया जाएगा। बैठक में सभी उपार्जन केंद्रों के ट्रायल रन की स्थिति की भी जानकारी ली गई। अपर कलेक्टर ने संग्रहण केंद्रों में धान के सुरक्षित भंडारण तथा 31 मार्च 2027 तक खरीदी केंद्रों से धान का उठाव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
किसानों की शिकायतों का तीन दिन में होगा निराकरण
धान खरीदी से संबंधित समस्याओं एवं शिकायतों के समाधान के लिए टोल फ्री नंबर 1800-233-3663 जारी किया गया है।
अधिकारियों को प्राप्त शिकायतों का तीन दिनों के भीतर निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
बैठक के अंत में अपर कलेक्टर लिंगराज सिदार ने कहा कि किसानों को अपनी उपज बेचने में किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। सभी विभाग आपसी समन्वय से निर्धारित समय-सीमा में तैयारियां पूरी करें।
उन्होंने कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता किसानों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराते हुए धान खरीदी की पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी, सुगम एवं व्यवस्थित बनाना है।




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