फाइलेरिया पीड़ितों को मिल रहा दिव्यांगता प्रमाण पत्र
40 प्रतिशत या उससे अधिक अपंगता वाले मरीजों को जिला मेडिकल बोर्ड द्वारा जारी किए जा रहे प्रमाण पत्र, भैयाथान के दो हाथीपांव मरीजों को मिला लाभ
नदीम खान सूरजपुर
सूरजपुर/07 जुलाई 2026/ कलेक्टर श्रीमती रेना जमील के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग सूरजपुर द्वारा फाइलेरिया (हाथीपांव) से ग्रसित गंभीर मरीजों को आर्थिक एवं सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए एक विशेष पहल की जा रही है। जिले के ऐसे मरीज, जो फाइलेरिया के एडवांस स्टेज के कारण गंभीर रूप से प्रभावित हैं और अपने दैनिक कार्य करने में असमर्थ हैं, उन्हें अब दिव्यांगता की श्रेणी में शामिल कर उनका दिव्यांग प्रमाण पत्र तैयार किया जा रहा है, ताकि वे शासकीय योजनाओं का लाभ लेकर समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकें।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. के.डी. पैकरा ने बताया कि फाइलेरिया से प्रभावित मरीजों की पहचान के लिए स्वास्थ्य अमला लगातार फील्ड में कार्य कर रहा है। चिकित्सीय बोर्ड के नियमानुसार जिन मरीजों में संक्रमण के कारण 40 प्रतिशत या उससे अधिक की अपंगता पाई जा रही है, उन्हें त्वरित रूप से यह प्रमाण पत्र जारी किया जा रहा है।
इसी क्रम में भैयाथान के दो हाथीपांव मरीज श्री दिल साय एवं श्री बाबुलाल को जिला मेडिकल बोर्ड द्वारा दिव्यांगता प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. दीप कुमार एवं सलाहकार श्री विवेक सदन नाविक ने संयुक्त रूप से जानकारी देते हुए जिले के सभी नागरिकों, मितानिनों एवं स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं से अपील की है कि यदि उनके क्षेत्र में हाथीपांव अथवा अंडकोष में सूजन (फाइलेरिया के लक्षण) से पीड़ित कोई भी व्यक्ति हो, तो उसकी सूचना तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र को दें।
प्रभावित मरीज अपने आवश्यक दस्तावेजों के साथ जिला अस्पताल अथवा करीबी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में संपर्क कर सकते हैं। पीड़ितों का दिव्यांग प्रमाण पत्र बनवाने में सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक डॉ. अजय मरकाम, सर्जन डॉ. संदीप जायसवाल, अस्पताल सलाहकार श्री निलेश गुप्ता, श्रीमती अर्जना सोनी एवं एमटीएस श्री सी.के. माहेश्वरी का विशेष सहयोग रहा।




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