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08 Jul 2026
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विकसित छत्तीसगढ़ की नई रूपरेखा तैयार: मुख्यमंत्री साय ने लॉन्च किया SDG 2.0 फ्रेमवर्क और बस्तर अंजोर, अब 343 संकेतकों से होगी विकास की निगरानी,

विकसित छत्तीसगढ़ की नई रूपरेखा तैयार: मुख्यमंत्री साय ने लॉन्च किया SDG 2.0 फ्रेमवर्क और बस्तर अंजोर, अब 343 संकेतकों से होगी विकास की निगरानी,
विकसित छत्तीसगढ़ की नई रूपरेखा तैयार: मुख्यमंत्री साय ने लॉन्च किया SDG 2.0 फ्रेमवर्क और बस्तर अंजोर, अब 343 संकेतकों से होगी विकास की निगरानी,। फोटो: आज का दिन न्यूज़

रायपुर, 8 जुलाई 2026। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कार्यक्रम में राज्य नीति आयोग द्वारा तैयार छत्तीसगढ़ एस.डी.जी. 2.0 फ्रेमवर्क का विमोचन किया। इस अवसर पर एस.डी.जी. राज्य एवं जिला संकेतक फ्रेमवर्क 2.0, मेटाडेटा हैंडबुक तथा बस्तर के समग्र और परिणामोन्मुख विकास के लिए तैयार की गई अभिनव पहल 'बस्तर अंजोर' का भी शुभारंभ किया गया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन, सटीक आंकड़ों पर आधारित नीति निर्माण और परिणामों की नियमित निगरानी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि एस.डी.जी. 2.0 फ्रेमवर्क शासन को साक्ष्य आधारित निर्णय लेने, विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने और योजनाओं की प्रभावी मॉनिटरिंग का मजबूत आधार प्रदान करेगा। यह पहल 'विकसित छत्तीसगढ़ @2047' के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका वास्तविक लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। एस.डी.जी. 2.0 के माध्यम से विकास कार्यों की निगरानी अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और वैज्ञानिक तरीके से की जा सकेगी।

नए फ्रेमवर्क के तहत राज्य स्तर पर विकास संकेतकों की संख्या 275 से बढ़ाकर 343 तथा जिला स्तर पर 82 से बढ़ाकर 99 कर दी गई है। इसके साथ ही मेटाडेटा हैंडबुक में प्रत्येक संकेतक की गणना और रिपोर्टिंग प्रणाली को मानकीकृत किया गया है, जिससे पूरे प्रदेश में विकास संबंधी आंकड़ों की गुणवत्ता और विश्वसनीयता सुनिश्चित होगी।

कार्यक्रम में राज्य नीति आयोग के उपाध्यक्ष गणेश शंकर मिश्रा ने 'बस्तर अंजोर' की अवधारणा प्रस्तुत करते हुए बताया कि यह अभिसरण आधारित विकास मॉडल है, जिसका उद्देश्य बस्तर संभाग को देश का सबसे विकसित जनजातीय क्षेत्र बनाना है।

उन्होंने बताया कि 'बस्तर अंजोर' के 3+4 मॉडल के अंतर्गत जिला स्तर की तीन प्रमुख पहल—नियद नेल्लानार 2.0, बस्तर मुन्ने और स्वस्थ बस्तर—का समन्वय चार प्रमुख राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय विकास फ्रेमवर्क एसडीजी-2030, विकसित छत्तीसगढ़ @2047, आकांक्षी जिला कार्यक्रम और आकांक्षी विकासखंड कार्यक्रम से किया गया है। इसका उद्देश्य अतिरिक्त संसाधनों के बिना बेहतर समन्वय के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका और अधोसंरचना के क्षेत्र में ठोस एवं मापनीय परिणाम हासिल करना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 'बस्तर अंजोर' अंत्योदय से सर्वोदय की भावना पर आधारित एक दूरदर्शी पहल है, जो बस्तर को समावेशी, सतत और परिणाम आधारित विकास का राष्ट्रीय मॉडल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, मंत्रिपरिषद के सदस्य, मुख्य सचिव श्री विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह सहित राज्य शासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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