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07 Aug 2026
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एमसीबी : मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर ने रचा इतिहास: राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम में लक्ष्य हासिल करने वाला छत्तीसगढ़ का पहला जिला बना

एमसीबी : मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर ने रचा इतिहास: राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम में लक्ष्य हासिल करने वाला छत्तीसगढ़ का पहला जिला बना
एमसीबी : मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर ने रचा इतिहास: राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम में लक्ष्य हासिल करने वाला छत्तीसगढ़ का पहला जिला बना। फोटो: आज का दिन न्यूज़

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अविनाश खरे के नेतृत्व में एमसीबी ने 95-95-95 राष्ट्रीय लक्ष्य में दर्ज की ऐतिहासिक उपलब्धि

एमसीबी/ 07 अगस्त 2026

मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर  जिले ने स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अविनाश खरे के कुशल मार्गदर्शन एवं प्रभावी नेतृत्व में जिले ने राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित एचआईवी नियंत्रण कार्यक्रम में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए 95-95-95 राष्ट्रीय लक्ष्य की दिशा में उल्लेखनीय सफलता अर्जित की है। इस उपलब्धि के साथ एमसीबी छत्तीसगढ़ का पहला जिला बन गया है, जिसने इस चुनौतीपूर्ण राष्ट्रीय लक्ष्य को हासिल कर राज्य का गौरव बढ़ाया है।

इस उपलब्धि के पीछे सुनियोजित रणनीति, गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं, समयबद्ध उपचार और स्वास्थ्य विभाग की समर्पित टीम का सतत प्रयास रहा। जिले में एचआईवी कार्यक्रम का प्रभावी संचालन जिला नोडल अधिकारी डॉ. मो. वसीक अस्दक एवं जिला कार्यक्रम प्रबंधक  शिशिर जायसवाल के कुशल निर्देशन में किया गया, जिनके नेतृत्व में मैदानी स्तर पर अभियान को सफलतापूर्वक क्रियान्वित किया गया।

95-95-95 राष्ट्रीय लक्ष्य में उत्कृष्ट प्रदर्शन
एचआईवी संक्रमण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए वैश्विक एवं राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित 95-95-95 लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में एमसीबी जिले ने उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज की है।
प्रथम 95 (पहचान एवं जांच) :   संभावित एचआईवी संक्रमित व्यक्तियों की समय पर पहचान एवं जांच कर जिले ने पहला 95 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त किया।
द्वितीय 95 (उपचार) :   संक्रमित पाए गए व्यक्तियों को तत्काल एंटी-रेट्रोवायरल थेरेपी (ART) से जोड़कर दूसरा 95 प्रतिशत लक्ष्य भी सफलतापूर्वक हासिल किया।
तृतीय चरण (वायरल लोड सप्रेशन) : संक्रमित मरीजों के शरीर में वायरस की सक्रियता को न्यूनतम स्तर पर लाने के 99 प्रतिशत लक्ष्य के मुकाबले जिले ने 98 प्रतिशत वायरल लोड सप्रेशन प्राप्त कर असाधारण प्रदर्शन किया, जो राष्ट्रीय मानकों के अत्यंत निकट है।

आईसीटीसी काउंसलरों की रही महत्वपूर्ण भूमिका
इस सफलता में इंटीग्रेटेड काउंसलिंग एंड टेस्टिंग सेंटर  के काउंसलरों का योगदान अत्यंत सराहनीय रहा। श्रीमती निशा सिंह एवं श्री विजेंद्र खटकर ने मरीजों की प्रभावी काउंसलिंग, नियमित फॉलोअप तथा उपचार से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके समर्पण और संवेदनशील कार्यशैली ने मरीजों का विश्वास बढ़ाने के साथ-साथ कार्यक्रम की सफलता सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

टीम वर्क बना सफलता की आधारशिला
इस ऐतिहासिक उपलब्धि का श्रेय स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम को जाता है। दिशा टीम, आईसीटीसी, एआरटी केंद्र, विशेषज्ञ चिकित्सकों, लैब तकनीशियनों तथा अग्रिम पंक्ति के स्वास्थ्य कर्मियों ने समन्वित रूप से कार्य करते हुए कार्यक्रम को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। सभी के सामूहिक प्रयास, समर्पण और सेवा भावना ने एमसीबी जिले को यह विशिष्ट पहचान दिलाई।

स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बनाए रखने का संकल्प
इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर जिला प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग के सभी अधिकारियों, चिकित्सकों, काउंसलरों एवं कर्मचारियों को बधाई देते हुए उनके उत्कृष्ट कार्यों की सराहना की है। जिला प्रशासन ने यह भी संकल्प दोहराया है कि भविष्य में भी जिले में एचआईवी की प्रभावी रोकथाम, शत-प्रतिशत समय पर जांच, समय पर उपचार एवं दवाओं की उपलब्धता तथा मरीजों के लिए उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं निरंतर सुनिश्चित की जाएंगी।
एमसीबी की यह सफलता केवल एक प्रशासनिक उपलब्धि नहीं, बल्कि समर्पित नेतृत्व, प्रभावी टीम वर्क और जनस्वास्थ्य के प्रति प्रतिबद्धता का प्रेरक उदाहरण है। यह उपलब्धि आने वाले समय में पूरे प्रदेश के लिए एक आदर्श मॉडल के रूप में मार्गदर्शक सिद्ध होगी।

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