मनेंद्रगढ़ । संभावित एल नीनो (El Niño) परिस्थितियों को देखते हुए जिला प्रशासन ने आवश्यक तैयारियों की समीक्षा शुरू कर दी है। इसी क्रम में कलेक्टर सुश्री संतन देवी जांगड़े की अध्यक्षता में 24 जून 2026 को शाम 4ः30 बजे जिला स्तरीय वीडियो कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाएगी, जिसमें विभिन्न विभागों की तैयारियों एवं कार्ययोजनाओं की समीक्षा की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि एल नीनो एक प्राकृतिक जलवायु घटना है, जिसमें मध्य और पूर्वी उष्णकटिबंधीय प्रशांत महासागर का तापमान सामान्य से काफी अधिक हो जाता है। इसके कारण विश्वभर में मौसम, हवाओं और वर्षा के चक्र प्रभावित होते हैं। भारत में एल नीनो की स्थिति कई बार मानसून की गतिविधियों को प्रभावित कर सकती है, जिससे वर्षा की मात्रा एवं वितरण में असामान्य परिवर्तन देखने को मिलते हैं। इसका प्रभाव कृषि उत्पादन, जल संसाधनों, पशुधन तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।
इन्हीं संभावित परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए आयोजित होने वाली वीडियो कॉन्फ्रेंस में जिले में संभावित प्रभावों एवं जोखिमों का आकलन किया जाएगा। साथ ही खरीफ फसल के लिए विभागवार आकस्मिक कार्ययोजना (कंटीजेंसी प्लान), बीज एवं उर्वरकों की उपलब्धता, सिंचाई एवं पेयजल संसाधनों की स्थिति, जल संरक्षण उपायों तथा फसल विविधीकरण की रणनीतियों की समीक्षा की जाएगी।
बैठक में पशुधन के लिए चारा एवं पेयजल व्यवस्था, किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन, सहकारी समितियों एवं बैंकिंग संस्थाओं द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं तथा विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी चर्चा होगी।
जिला प्रशासन का उद्देश्य संभावित प्रतिकूल परिस्थितियों के प्रभाव को कम करते हुए किसानों एवं ग्रामीण समुदायों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
वीडियो कॉन्फ्रेंस में अपर कलेक्टर, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत, समस्त अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), तहसीलदार, कृषि एवं पशुधन विभाग के अधिकारी, कृषि विज्ञान केन्द्र, बैंकिंग संस्थानों के प्रतिनिधि तथा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल होंगे।
कलेक्टर ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने विभाग की वर्तमान तैयारियों, उपलब्ध संसाधनों, संभावित चुनौतियों एवं प्रस्तावित कार्ययोजना का विस्तृत प्रतिवेदन तैयार रखकर वीडियो कॉन्फ्रेंस में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें, ताकि संभावित एल नीनो परिस्थितियों से निपटने के लिए समयबद्ध एवं प्रभावी रणनीति तैयार की जा सके।




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