रायपुर। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने रविवार को पुलिस परेड ग्राउंड, रायपुर में ध्वजारोहण के बाद प्रदेशवासियों को संबोधित किया। उन्होंने प्रदेशवासियों को 80वें स्वतंत्रता दिवस की बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए स्वतंत्रता संग्राम के महानायकों, शहीदों और स्वतंत्रता सेनानियों को नमन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत के संकल्प के साथ विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण हम सबका सामूहिक लक्ष्य है।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि स्वतंत्रता दिवस मां भारती की वंदना और देश की एकता-अखंडता की गौरवशाली यात्रा से प्रेरणा लेने का अवसर है। उन्होंने महात्मा गांधी, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, डॉ. भीमराव अंबेडकर, वीर सावरकर सहित असंख्य स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और बलिदान को याद किया। साथ ही भगवान बिरसा मुंडा, शहीद वीर नारायण सिंह, वीर गुंडाधुर, गेंद सिंह, धुरवा राव, यादव राव, वेंकट राव, डेबरी धुर और आयतु माहरा जैसे छत्तीसगढ़ के जननायकों को श्रद्धापूर्वक नमन किया।
नक्सलवाद से मुक्त बस्तर में विकास का नया अध्याय
मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद से मुक्त होकर बस्तर के हर कोने में लोग तिरंगा यात्रा के जरिए स्वतंत्रता का उत्सव मना रहे हैं। बस्तर की सर्वांगीण प्रगति डबल इंजन सरकार के प्रमुख लक्ष्यों में शामिल है। ‘नियद नेल्ला नार 2.0’ और ‘बस्तर मुन्ने अभियान’ के जरिए विकास योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि 31 योजनाओं और 14 सामुदायिक सुविधाओं के शत-प्रतिशत सेचुरेशन से बस्तर संभाग के 39 लाख से अधिक लोगों को लाभ मिल रहा है। नक्सल हिंसा के कारण बंद पड़े स्कूलों को दोबारा शुरू किया गया है और 36 नए स्कूल स्वीकृत किए गए हैं। ओरछा और जगरगुंडा जैसे दूरस्थ क्षेत्रों में एजुकेशन सिटी विकसित की जा रही है।
‘मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान’ के तहत 34 लाख से अधिक लोगों की स्वास्थ्य जांच कर हेल्थ प्रोफाइल तैयार की गई है। लगभग 10 लाख परिवारों की आय बढ़ाने के लिए 4,824 करोड़ रुपए की ‘आजीविका उन्नयन योजना’ तैयार की गई है।
किसानों के हित में कई बड़े फैसले
मुख्यमंत्री ने कहा कि अन्नदाता सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता हैं। किसानों को 3,100 रुपए प्रति क्विंटल की दर और 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से धान का मूल्य दिया जा रहा है। ‘कृषक उन्नति योजना’ के तहत एकमुश्त राशि का भुगतान होली से पहले किया गया।
फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के लिए धान के स्थान पर दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो, कुटकी और रागी जैसी फसलें लेने पर 15 हजार रुपए की आदान सहायता देने का निर्णय लिया गया है।
सिंचाई का दायरा बढ़ाने के लिए 11 हजार करोड़ रुपए से अधिक की मंजूरी दी गई है। ‘सिकासार-कोडार नहर लिंकिंग परियोजना’ के लिए 3,047 करोड़ रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है। इंद्रावती नदी पर 2,000 करोड़ रुपए की लागत से मटनार और देउरगांव बैराज बनाए जाएंगे, जिससे 32 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी।
24.50 लाख आवास स्वीकृत, 70 लाख महिलाओं को महतारी वंदन का लाभ
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में अब तक 24 लाख 50 हजार आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं और प्रतिदिन औसतन 1,600 घर बनाए जा रहे हैं। ‘प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना’ एवं ‘मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना’ के माध्यम से 73 लाख परिवारों को निःशुल्क खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है।
‘महतारी वंदन योजना’ के तहत 70 लाख हितग्राही महिलाओं के खातों में अब तक 19 हजार 444 करोड़ रुपए भेजे जा चुके हैं। राज्य में 13 लाख 85 हजार महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं।
युवाओं के लिए रोजगार और प्रतियोगी परीक्षाओं पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के लिए रोजगार, शिक्षा और नवाचार के नए अवसर तैयार किए जा रहे हैं। पुलिस में 7 हजार युवाओं की भर्ती की गई है। शिक्षक एवं सहायक शिक्षकों के 3,946 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू की गई है, जबकि बिजली कंपनियों में 1,235 पदों पर भर्ती की जा रही है।
प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता के लिए छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल बनाया गया है। नीट, जेईई, क्लैट, रेलवे, एसएससी, बैंकिंग, पीएससी और यूपीएससी जैसी परीक्षाओं की तैयारी के लिए ‘सीजी असिस्टेंस फॉर कॉम्पिटिटिव एग्जाम योजना’ शुरू की जाएगी।
अग्निवीरों के लिए भी बड़ा निर्णय लेते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि चार वर्ष की सैन्य सेवा पूरी करने वाले छत्तीसगढ़ के अग्निवीरों को पुलिस आरक्षक, वनरक्षक और जेल प्रहरी की सीधी भर्ती में 10 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा।
छत्तीसगढ़ में एआई मिशन को मंजूरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में 500 करोड़ रुपए के ‘छत्तीसगढ़ राज्य एआई मिशन’ को मंजूरी दी गई है। इसके तहत 100 एआई डेटा लैब, पांच सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और 50 से अधिक एआई आधारित सेवाएं विकसित की जाएंगी। छह लाख विद्यार्थियों और डेढ़ लाख शासकीय कर्मचारियों को एआई का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
इसी सत्र से गीदम, कुनकुरी, जांजगीर-चांपा, मनेंद्रगढ़ और कवर्धा में पांच नए मेडिकल कॉलेज शुरू किए जा रहे हैं। छह शासकीय इंजीनियरिंग एवं पॉलीटेक्निक कॉलेजों को सीजीआईटी के रूप में विकसित किया जा रहा है।
8.23 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव
नई औद्योगिक नीति के माध्यम से निवेश आकर्षित करने के लिए देश-दुनिया में इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रम आयोजित किए गए। मुख्यमंत्री के अनुसार अब तक 8 लाख 23 हजार करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनसे 1 लाख 74 हजार रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
नवा रायपुर में प्रदेश की पहली गारमेंट इकाई स्विफ्ट टेक्सटाइल का भूमिपूजन किया गया है, जिससे 4,600 से अधिक युवाओं को रोजगार मिलने की संभावना है। मुंगेली में भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड का प्लांट स्थापित किया जाएगा तथा प्रदेश में 23 नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए जाएंगे।
ऊर्जा क्षेत्र में 3.50 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव
मुख्यमंत्री ने बताया कि एनर्जी समिट में 3 लाख 50 हजार करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। प्रदेश के 90 हजार से अधिक उपभोक्ता ‘प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ का लाभ ले रहे हैं।
‘मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना’ के माध्यम से 12 लाख से अधिक उपभोक्ताओं का 910 करोड़ रुपए का सरचार्ज माफ किया गया है।
सड़क, रेल और डिजिटल कनेक्टिविटी पर जोर
रायपुर-विशाखापट्टनम एक्सप्रेसवे और रायपुर-धनबाद इकोनॉमिक कॉरिडोर को प्रदेश के विकास के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि रावघाट-जगदलपुर रेल नेटवर्क के निर्माण से बस्तर की प्रगति को गति मिलेगी।
प्रदेश में ढाई साल में 829 मोबाइल टावर स्थापित किए गए हैं। ‘भारतनेट 3.0 योजना’ के माध्यम से 5,659 ग्राम पंचायतों को हाईस्पीड इंटरनेट से जोड़ा जाएगा।
पर्यावरण संरक्षण के साथ विकास
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण पर भी सरकार का विशेष ध्यान है। प्रधानमंत्री के ‘एक पेड़ मां के नाम अभियान’ के तहत प्रदेश में अब तक 7 करोड़ से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं।
‘सेवा सेतु पोर्टल’ के माध्यम से शासन की 700 से अधिक सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा रही हैं। ‘सीएम हेल्पलाइन 1076’ के माध्यम से 80 हजार से अधिक शिकायतों का निराकरण किया गया है।
‘मेरी बेटी-मेरा अभिमान’ अभियान की शुरुआत
मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ‘मेरी बेटी-मेरा अभिमान’ अभियान शुरू करने की घोषणा की। इसके तहत 6,671 शासकीय विद्यालयों में बेटियों के लिए शौचालय बनाए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि ‘वीबी-जी राम जी योजना’ के तहत प्रदेश के 6,524 गांवों में मुक्तिधाम एवं प्रतीक्षालय बनाए जाएंगे। 7,524 ग्राम पंचायतों में ‘अटल पंचायत डिजिटल सुविधा केंद्र’ स्थापित किए गए हैं।
कानून-व्यवस्था और साइबर सुरक्षा को मजबूती
मुख्यमंत्री ने कहा कि मजबूत कानून-व्यवस्था सुशासन की पहली शर्त है। प्रदेश में नए आपराधिक कानूनों के लागू होने से अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हुआ है। साइबर अपराधों से निपटने के लिए 9 नए साइबर पुलिस थाने बनाए गए हैं और डायल 112 सेवा पूरे प्रदेश में लागू की गई है।
पर्यटन और संस्कृति को बढ़ावा
‘मुख्यमंत्री पर्यटन मिशन’ के माध्यम से बस्तर और सरगुजा में पर्यटन सुविधाओं का तेजी से विकास किया जाएगा। चित्रकोट को ग्लोबल टूरिस्ट डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने के साथ यहां टेंट सिटी का निर्माण कराया जाएगा। सिरपुर को विश्व धरोहर स्थल के मानकों के अनुरूप विकसित किया जाएगा।
लोक-संस्कृति के संरक्षण के लिए स्वर्गीय डॉ. तीजन बाई की विरासत को सहेजने ‘डॉ. तीजन बाई लोककला अलंकरण’ प्रदान करने का निर्णय लिया गया है। छत्तीसगढ़ी सिनेमा के विकास के लिए ‘चित्रोत्पला फिल्म सिटी’ का निर्माण किया जा रहा है।
‘विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़’ हमारा सामूहिक लक्ष्य
अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ हम सबका सामूहिक लक्ष्य है। उन्होंने ऋग्वेद के मंत्र—‘‘संगच्छध्वं, सं वदध्वं, सं वो मनांसि जानताम्’’—का उल्लेख करते हुए प्रदेशवासियों से एकजुट होकर विकास के उच्चतर लक्ष्य को प्राप्त करने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने कहा, “आइए, हम सभी मिलकर साथ चलें, मन और विचारों से एक होकर अपने इस उच्चतर लक्ष्य को प्राप्त करें।”
उन्होंने प्रदेशवासियों को पुनः स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा—“जय हिंद! जय छत्तीसगढ़!”




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