LIVEभारत और दुनिया की हर बड़ी खबर
02 Aug 2026
ब्रेकिंग
विश्व स्तनपान सप्ताह: के.बी. पटेल कॉलेज ऑफ नर्सिंग में जागरूकता अभियान, स्वस्थ शिशु-स्वस्थ समाज का दिया संदेश,एमसीबी जिला बनने के तीन साल बाद भी शिक्षा विभाग के 35 पद स्वीकृत नहीं, पूर्व महापौर के. डोमरु रेड्डी ने सीएम पोर्टल पर उठाया मुद्दा,ड्रिप सिंचाई से बदली किसान की तकदीर, कम पानी में बढ़ा सब्जी उत्पादन और आय,लोक भवन से ‘नशा मुक्त युवा विकसित भारत’ अभियान का शुभारंभ, राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दिलाई नशामुक्ति की शपथ,डिजिटल न्याय व्यवस्था से मिलेगा त्वरित इंसाफ, नए आपराधिक कानूनों ने न्याय प्रणाली में लाया ऐतिहासिक बदलाव : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय,

एमसीबी जिला बनने के तीन साल बाद भी शिक्षा विभाग के 35 पद स्वीकृत नहीं, पूर्व महापौर के. डोमरु रेड्डी ने सीएम पोर्टल पर उठाया मुद्दा,

एमसीबी जिला बनने के तीन साल बाद भी शिक्षा विभाग के 35 पद स्वीकृत नहीं, पूर्व महापौर के. डोमरु रेड्डी ने सीएम पोर्टल पर उठाया मुद्दा,
एमसीबी जिला बनने के तीन साल बाद भी शिक्षा विभाग के 35 पद स्वीकृत नहीं, पूर्व महापौर के. डोमरु रेड्डी ने सीएम पोर्टल पर उठाया मुद्दा,। फोटो: आज का दिन न्यूज़

स्कूल शिक्षा व्यवस्था प्रभावित होने का आरोप, स्थायी सेटअप स्वीकृत कर रिक्त पद भरने की मांग; सीएम पोर्टल 1076 पर दर्ज कराई शिकायत,

चिरमिरी | 2 अगस्त 2026।

मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) जिला गठन के तीन वर्ष बाद भी स्कूल शिक्षा विभाग के आवश्यक पदों का सेटअप स्वीकृत नहीं होने का मामला सामने आया है। इस मुद्दे को गंभीर बताते हुए चिरमिरी नगर निगम के पूर्व महापौर एवं जिला कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष के. डोमरु रेड्डी ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 (सीएम पोर्टल) पर शिकायत दर्ज कर राज्य सरकार से शिक्षा विभाग के लंबित पदों की शीघ्र स्वीकृति और नियमित नियुक्ति की मांग की है।

के. डोमरु रेड्डी का आरोप है कि जिले के गठन के बावजूद स्कूल शिक्षा विभाग के लगभग 35 आवश्यक पद अब तक स्वीकृत नहीं किए गए हैं। इसके कारण शिक्षा विभाग की प्रशासनिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है और इसका असर विद्यार्थियों की पढ़ाई तथा परीक्षा परिणामों पर भी पड़ रहा है।

उन्होंने कहा कि जिला बनने के बाद लगातार तीन वर्षों से जिले का परीक्षा परिणाम अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुंच पाया है। उनका दावा है कि शिक्षा विभाग में पर्याप्त प्रशासनिक व्यवस्था और स्थायी अधिकारियों की कमी इसके प्रमुख कारणों में शामिल है।

इन पदों की स्वीकृति नहीं मिलने का आरोप

पूर्व महापौर के अनुसार जिला शिक्षा कार्यालय में जिला शिक्षा अधिकारी, सांख्यिकी अधिकारी, सहायक संचालक, सहायक परियोजना अधिकारी, एमआईएस प्रशासक, सर्व शिक्षा डीएमसी, लेखापाल, डेटा एंट्री ऑपरेटर तथा सहायक ग्रेड-1, ग्रेड-2 और ग्रेड-3 सहित विभिन्न श्रेणियों के करीब 35 पदों का नियमित सेटअप अब तक स्वीकृत नहीं हुआ है।

उन्होंने आरोप लगाया कि स्थायी पद स्वीकृत नहीं होने के कारण कई जिम्मेदारियां अस्थायी व्यवस्था के तहत संचालित की जा रही हैं, जिससे प्रशासनिक कार्यों की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। उनका यह भी कहना है कि कई कर्मचारियों को विद्यालयों से हटाकर कार्यालयीन कार्यों में लगाया गया है, जिससे शैक्षणिक व्यवस्था पर भी असर पड़ा है।

मुख्यमंत्री से की शीघ्र कार्रवाई की मांग

के. डोमरु रेड्डी ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मांग की है कि एमसीबी जिले के स्कूल शिक्षा विभाग के लिए आवश्यक पदों का सेटअप तत्काल स्वीकृत किया जाए और रिक्त पदों पर नियमित नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू की जाए, ताकि जिले की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाया जा सके और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध हो।

हालांकि, इस संबंध में शिक्षा विभाग या राज्य सरकार की ओर से समाचार लिखे जाने तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

यह खबर कैसी लगी?

शेयर करें

Admin

Admin

पाठकों की टिप्पणियां 0