सेवा संकल्प अभियान के तहत 23 सितंबर को जिलेभर में योग एवं ध्यान सत्रों का आयोजन, बीपी-शुगर समेत गैर-संचारी रोगों से बचाव के लिए किया गया जागरूक
मनेंद्रगढ़। राज्य सरकार के दिशा-निर्देशों और जिला प्रशासन के निर्देशन में मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) जिले में स्वास्थ्य एवं जनकल्याण को लेकर ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत बुधवार, 23 सितंबर को जिले के सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में योग एवं ध्यान सत्रों का वृहद आयोजन किया गया।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अविनाश खरे के मार्गदर्शन में आयोजित इस अभियान में ग्रामीण, शहरी और दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों के नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। जिला कार्यक्रम प्रबंधक शिशिर जायसवाल एवं जिला नोडल अधिकारी (आयुष्मान आरोग्य मंदिर) अवनीश पाण्डेय के प्रबंधन में आयोजित कार्यक्रम को सभी विकासखंडों के चिकित्सा अधिकारियों एवं कार्यक्रम प्रबंधकों के समन्वय से सफल बनाया गया।
योग, प्राणायाम और ध्यान के साथ स्वास्थ्य जागरूकता
आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में आयोजित सत्रों में नागरिकों को विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास कराया गया। साथ ही नियमित योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने के लिए शपथ भी दिलाई गई।
स्वास्थ्य विभाग के मैदानी अमले ने लोगों को ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और कैंसर जैसी गैर-संचारी बीमारियों (NCD) से बचाव के लिए स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और नियमित योग करने के महत्व की जानकारी दी।
इस अभियान में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारियों, सुपरवाइजरों, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (CHOs) और रूरल हेल्थ ऑफिसर्स (RHOs) सहित स्वास्थ्य विभाग के मैदानी कर्मचारियों की सक्रिय सहभागिता रही।
गांव-गांव पहुंचा स्वास्थ्य और योग का संदेश
बुधवार सुबह से ही मनेंद्रगढ़, चिरमिरी और भरतपुर क्षेत्र के विभिन्न आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में ग्रामीणों एवं स्थानीय नागरिकों की मौजूदगी रही। स्वास्थ्यकर्मियों के मार्गदर्शन में लोगों ने सामूहिक रूप से योग एवं ध्यान का अभ्यास किया।
कार्यक्रम के दौरान नागरिकों को केवल योग के शारीरिक लाभ ही नहीं, बल्कि मानसिक तनाव कम करने और स्वस्थ दिनचर्या अपनाने के महत्व के बारे में भी जागरूक किया गया।
आयुष्मान आरोग्य मंदिर सिर्फ इलाज के केंद्र नहीं
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अविनाश खरे ने कहा कि कलेक्टर सुश्री संतन देवी जांगड़े के नेतृत्व में जिला प्रशासन स्वास्थ्य सेवाओं को अंतिम छोर तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। सेवा संकल्प अभियान का उद्देश्य चिकित्सा सेवाओं को मजबूत करने के साथ-साथ लोगों को निवारक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना भी है।
उन्होंने कहा कि आज की तनावपूर्ण और भागदौड़ भरी जिंदगी में ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और मानसिक तनाव जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं। नियमित योग और ध्यान स्वस्थ जीवनशैली अपनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
डॉ. खरे ने कहा कि आयुष्मान आरोग्य मंदिर केवल इलाज के केंद्र नहीं हैं, बल्कि स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने के महत्वपूर्ण माध्यम भी हैं। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि योग को केवल विशेष अभियानों तक सीमित न रखें, बल्कि इसे अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाएं।
योग सत्र के बाद निःशुल्क स्वास्थ्य जांच
योग एवं ध्यान सत्र के समापन के बाद उपस्थित नागरिकों को स्वास्थ्य परामर्श दिया गया तथा निःशुल्क स्वास्थ्य जांच की गई। आवश्यकतानुसार लोगों की स्वास्थ्य संबंधी जांच कर उन्हें उचित परामर्श भी दिया गया।
जिले के दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों में स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में भी ग्रामीणों की सहभागिता रही। ग्रामीण नागरिकों ने गांव के स्तर पर योग सत्र आयोजित किए जाने की सराहना करते हुए कहा कि इससे उन्हें अपनी सेहत के प्रति जागरूक रहने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की नई प्रेरणा मिली।
इस अवसर पर सामूहिक रूप से ‘स्वस्थ छत्तीसगढ़, समृद्ध छत्तीसगढ़’ के संकल्प को मजबूत करने का संदेश दिया गया।




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