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05 Aug 2026
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डीजी जेल हिमांशु गुप्ता का बिलासपुर केंद्रीय जेल में औचक निरीक्षण, कैदियों के लिए कई आधुनिक सुविधाओं को मिली मंजूरी,

डीजी जेल हिमांशु गुप्ता का बिलासपुर केंद्रीय जेल में औचक निरीक्षण, कैदियों के लिए कई आधुनिक सुविधाओं को मिली मंजूरी,
डीजी जेल हिमांशु गुप्ता का बिलासपुर केंद्रीय जेल में औचक निरीक्षण, कैदियों के लिए कई आधुनिक सुविधाओं को मिली मंजूरी,। फोटो: आज का दिन न्यूज़

डीजी जेल हिमांशु गुप्ता का बिलासपुर केंद्रीय जेल में औचक निरीक्षण, कैदियों के लिए स्मार्ट क्लास, RO, रोटी मेकर सहित कई नई सुविधाओं को मंजूरी,

रायपुर, 5 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ के जेल महानिदेशक (डीजी जेल) हिमांशु गुप्ता ने बुधवार को बिलासपुर केंद्रीय जेल का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने जेल की सुरक्षा व्यवस्था, कैदियों के रहने की सुविधाओं, शिक्षा एवं पुनर्वास से जुड़े कार्यों की समीक्षा की। साथ ही कैदियों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को उनके त्वरित निराकरण के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान डीजी जेल ने जेल प्रशासन को कैदियों के कल्याण, कौशल विकास और आधुनिक सुविधाओं के विस्तार के लिए कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी भी दी।

कैदियों की अंग्रेजी क्लास लेकर बढ़ाया उत्साह

निरीक्षण के दौरान एक अलग पहल करते हुए डीजी जेल हिमांशु गुप्ता स्वयं कैदियों के बीच पहुंचे और उनकी अंग्रेजी की कक्षा ली। उन्होंने कैदियों को भाषा सीखने के महत्व के बारे में बताया तथा पढ़ाई और व्यक्तित्व विकास से जुड़े उपयोगी सुझाव दिए। अधिकारियों के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य कैदियों के पुनर्वास और आत्मविश्वास को बढ़ावा देना है।

जेल में मिलेंगी कई नई सुविधाएं

निरीक्षण के बाद जेल में कई नई सुविधाओं को स्वीकृति दी गई। इनमें प्रमुख रूप से—

जेल उद्योग के लिए कलर ऑफसेट प्रिंटिंग मशीन की स्थापना।

एलईडी बल्ब और ट्यूबलाइट निर्माण यूनिट शुरू करने हेतु मशीन सेटअप।

कैदियों की पढ़ाई के लिए स्मार्ट बोर्ड की व्यवस्था।

जेल पुस्तकालय में टाइम्स ऑफ इंडिया, इंडियन एक्सप्रेस, हितवाद सहित प्रमुख अंग्रेजी समाचार पत्र उपलब्ध कराना।

कैदियों के लिए 20 आरओ वाटर प्यूरीफायर स्थापित करना।

जेल पाकशाला के लिए ऑटोमेटिक रोटी मेकर मशीन उपलब्ध कराना।

कैदियों के उपयोग के लिए 2,000 थाली सेट की व्यवस्था।

महिला जेल परिसर में इन्वर्टर लगाने की स्वीकृति।

पुनर्वास और कौशल विकास पर विशेष जोर

डीजी जेल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जेलों को केवल दंड देने का स्थान नहीं, बल्कि सुधार, शिक्षा और कौशल विकास का केंद्र बनाया जाए, ताकि सजा पूरी होने के बाद कैदी समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकें।

निरीक्षण के दौरान डीआईजी जेल एस.एस. तिग्गा, जेल अधीक्षक खोमेश मंडावी, जेल चिकित्सक तथा अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी भी उपस्थित रहे।

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