बीकानेर स्वीट्स से लेकर राहुल मिष्ठान भंडार तक पहुंची खाद्य सुरक्षा टीम, पांच प्रतिष्ठानों से बेसन लड्डू, सोनपापड़ी, चमचम, रसगुल्ला और खोवा के नमूने जांच के लिए भेजे गए
मनेंद्रगढ़-चिरमिरी। दीपावली का त्योहार नजदीक आते ही मिठाइयों और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने सख्ती बढ़ा दी है। आम नागरिकों को शुद्ध एवं सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विभाग द्वारा जिलेभर में खाद्य प्रतिष्ठानों की सघन जांच की जा रही है। इसी अभियान के तहत चिरमिरी क्षेत्र में मिठाई दुकानों, होटलों और खोवा विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर खाद्य पदार्थों के नमूने एकत्र किए गए।
नियंत्रक खाद्य एवं औषधि प्रशासन दीपक अग्रवाल के निर्देशानुसार प्रदेशभर में विशेष सघन प्रवर्तन अभियान चलाया जा रहा है। जिला मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में कलेक्टर संतन देवी जांगड़े एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) के मार्गदर्शन में विभागीय टीम लगातार खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच कर रही है।
30 और 31 अक्टूबर को चिरमिरी में हुई सघन जांच
अभियान के तहत 30 एवं 31 अक्टूबर 2026 को चिरमिरी क्षेत्र की विभिन्न मिठाई दुकानों एवं खोवा विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। खाद्य सुरक्षा अधिकारी रविकांत गुप्ता के नेतृत्व में टीम ने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच करते हुए अलग-अलग प्रतिष्ठानों से मिठाई एवं खोवा के नमूने संकलित किए।
निरीक्षण के दौरान निम्न प्रतिष्ठानों से नमूने लिए गए—
- बीकानेर स्वीट्स: बेसन लड्डू एवं सोनपापड़ी।
- केरला होटल: चमचम।
- बिज्जू होटल: खोवा।
- राहुल मिष्ठान भंडार: खोवा एवं रसगुल्ला।
- पटेल स्वीट्स: मगज लड्डू।
संकलित किए गए सभी नमूनों को गुणवत्ता एवं शुद्धता की जांच के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, रायपुर भेजा गया है।
जांच रिपोर्ट के आधार पर होगी आगे की कार्रवाई
खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के अनुसार प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के प्रावधानों के तहत नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि दीपावली पर्व के दौरान नागरिकों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। इसके लिए मिठाई दुकानों, होटलों, खोवा विक्रेताओं और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण लगातार जारी रहेगा।
त्योहारी सीजन में मिठाइयों की बढ़ती मांग को देखते हुए खाद्य विभाग की यह सक्रियता उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। हालांकि, संकलित नमूनों की गुणवत्ता को लेकर अंतिम स्थिति प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी।




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