प्रधानमंत्री व जिलों-राज्यों के नाम पूछकर परखा बच्चों का ज्ञान, नन्हे विद्यार्थियों की प्रतिभा देख हुईं प्रभावित
बेहतर शिक्षा, पाठ्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन व बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए संबंधितों को दिए आवश्यक दिशा-निर्देश
"पढ़ाई ही उज्ज्वल भविष्य की सबसे मजबूत नींव है — मन लगाकर पढ़ें, खूब आगे बढ़ें" — कलेक्टर ने बच्चों को दिया प्रोत्साहन, कहा शिक्षा का प्रकाश अब गांव-गांव तक पहुंचा
नदीम खान सूरजपुर
सूरजपुर 07 जुलाई 2026 /जिले में शिक्षा की गुणवत्ता को धरातल पर परखने और शासकीय शालाओं की व्यवस्थाओं का प्रत्यक्ष अवलोकन करने के उद्देश्य से कलेक्टर श्रीमती रेना जमील ने रामेश्वर नगर के प्राथमिक एवं माध्यमिक शाला में आकस्मिक दस्तक दी। शाला पहुंचने पर उन्होंने पहली से लेकर सातवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों से पढ़ाई को लेकर आत्मीय संवाद किया और बच्चों के बीच बैठकर उनकी शैक्षणिक प्रगति की जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्रीमती जमील ने उपस्थित शिक्षकों से इस संबंध में विस्तृत जानकारी ली कि सभी बच्चों को पाठ्य पुस्तकों के साथ-साथ गणवेश समय पर प्राप्त हुए हैं अथवा नहीं। उन्होंने शालेय अभिलेखों, बच्चों की उपस्थिति एवं मध्याह्न भोजन व्यवस्था का भी बारीकी से अवलोकन किया।
संवाद के क्रम में कलेक्टर ने इंग्लिश के पाठ का वाचन कराया, गणित के सवाल पूछे, कक्षा तीसरी के बच्चों से पूछा कि देश के प्रधानमंत्री कौन हैं। इस पर एक विद्यार्थी ने बिना किसी झिझक के श्री नरेंद्र मोदी का नाम लेकर कलेक्टर एवं जिला पंचायत सीईओ को प्रभावित किया। इसके पश्चात बच्चों ने एक-एक कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। कलेक्टर एवं जिला पंचायत सीईओ ने विद्यार्थियों को जिले से लेकर राज्यों के नाम लिखने का टास्क दिया। बच्चों ने जिला सूरजपुर से शुरुआत करते हुए अंबिकापुर, आंध्र प्रदेश, मध्यप्रदेश सहित अन्य जिलों एवं प्रदेशों के नाम बड़ी सहजता से ब्लैक बोर्ड लिखकर दिखाया । सभी बच्चों ने बखूबी जिले और राज्यों के नाम लिखकर कलेक्टर सहित उपस्थित अधिकारियों को प्रभावित किया और इस बात की पुष्टि की कि शिक्षा का प्रसार आज गांव-गांव तक हो चुका है।
बच्चों की जिज्ञासा एवं आत्मविश्वास से प्रसन्न होकर कलेक्टर श्रीमती जमील ने उन्हें मन लगाकर पढ़ाई करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने बच्चों से कहा कि "पढ़ाई ही उज्ज्वल भविष्य की सबसे मजबूत नींव है। लगन और अनुशासन के साथ पढ़ने वाला हर विद्यार्थी अपने सपनों को साकार कर सकता है। आप सब खूब पढ़ें, आगे बढ़ें और अपने माता-पिता, गांव तथा जिले का नाम रोशन करें।" उन्होंने बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय आने तथा अपने शिक्षकों से हर विषय को समझते हुए पढ़ने की सीख दी।
इस अवसर पर कलेक्टर ने बच्चों के शिक्षा स्तर को और अधिक बेहतर बनाने, पाठ्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन तथा बच्चों के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए उपस्थित संबंधित अधिकारियों एवं शिक्षकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चे की बुनियादी दक्षता (एफएलएन) पर विशेष ध्यान दिया जाए तथा कमजोर विद्यार्थियों की पहचान कर उन्हें विशेष सहयोग प्रदान किया जाए। कलेक्टर ने शिक्षकों को निर्देशित किया कि शिक्षण कार्य रुचिकर एवं गतिविधि आधारित हो, ताकि बच्चों में सीखने के प्रति उत्साह बना रहे। साथ ही उन्होंने बच्चों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने, समय पर पाठ्य पुस्तक एवं गणवेश वितरण, तथा शालेय भवन एवं परिसर की स्वच्छता बनाए रखने के निर्देश दिए।
कलेक्टर श्रीमती जमील ने कहा कि शिक्षा के साथ-साथ बच्चों के शारीरिक, मानसिक एवं नैतिक विकास पर भी समान रूप से ध्यान देना आवश्यक है। उन्होंने खेलकूद, सांस्कृतिक गतिविधियों एवं पाठ्येतर कार्यक्रमों को नियमित रूप से संचालित करने पर बल दिया, ताकि बच्चों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके।
इसके साथ ही निरीक्षण के दौरान शाला परिसर में जर्जर अवस्था में पुराने भवन भी दिखे, भविष्य की घटना को दृष्टिगत रखते हुए, कलेक्टर ने पंचायत से प्रस्ताव पारित करा के इन्हें डिस्मेंटल करने के निर्देश दिए।




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