कोरिया जिले में साइबर एवं यातायात जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन, एसपी ने युवाओं को ऑनलाइन फ्रॉड और सड़क सुरक्षा के नियमों के प्रति किया जागरूक,
पटना । प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मंशानुरूप, पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम के आदेशानुसार एवं पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज दीपक झा के मार्गदर्शन में जिले में 14 अगस्त से 2 अक्टूबर तक व्यापक पैमाने पर साइबर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत जिलेभर में विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों एवं आमजन को साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
गुरुवार को पंडित ज्वाला प्रसाद उपाध्याय शासकीय महाविद्यालय, पटना में साइबर एवं यातायात जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और पुलिस अधिकारियों द्वारा दी गई महत्वपूर्ण जानकारी को ध्यानपूर्वक सुना।
कार्यक्रम के प्रारंभ में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. शिव शंकर राजवाड़े ने पुलिस अधीक्षक हरीश राठौर का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। महाविद्यालय के प्राध्यापक गणों ने उपस्थित समस्त अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम के अंत में महाविद्यालय परिवार की ओर से अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट कर अतिथियों को सम्मानित किया गया।
जरा सी लापरवाही पड़ सकती है भारी
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पुलिस अधीक्षक हरीश राठौर ने छात्रों व युवाओं को साइबर अपराध एवं यातायात सुरक्षा के प्रति जागरूक करते हुए कहा कि वर्तमान समय में मनुष्य को जन्म लेने के उपरांत मृत्यु तक सभी कार्य ऑनलाइन करने पड़ते हैं। ऐसे में हर पल, हर क्षण सजग रहने की आवश्यकता है। साइबर मामलों में आपकी जरा सी लापरवाही आपको जीवनभर की गाढ़ी कमाई से हाथ धोने पर मजबूर कर सकती है।
वहीं यातायात में आपकी जरा सी लापरवाही आपके और आपके परिवार के अरमानों को अधूरा रख सकती है। विद्यार्थियों से अपील की कि वे स्वयं जागरूक रहें और अपने परिवार एवं आसपास के लोगों को भी साइबर अपराध तथा सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करें।
ऑनलाइन ठगी, APK लिंक और WhatsApp वीडियो कॉल, फर्जी लिंक तथा अनधिकृत रूप से OTP साझा करने के खतरों से सावधान किया।
उन्होंने कहा कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ OTP, PIN, पासवर्ड, बैंक खाते अथवा अन्य गोपनीय जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए। किसी अज्ञात लिंक या APK फाइल को डाउनलोड करने से भी बचना चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को साइबर अपराध की स्थिति में त्वरित सहायता प्राप्त करने के लिए साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 के महत्व की जानकारी देते हुए कहा कि कि यदि कोई व्यक्ति ऑनलाइन ठगी का शिकार हो जाता है तो उसे बिना समय गंवाए 1930 पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए, ताकि ठगी गई राशि को रोकने एवं आवश्यक कार्रवाई करने का प्रयास समय रहते किया जा सके।
यातायात जागरूकता के अंतर्गत विद्यार्थियों को ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के बाद ही वाहन चालन करने, हेलमेट एवं सीट बेल्ट के उपयोग, निर्धारित गति सीमा का पालन, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग नहीं करने तथा यातायात नियमों का सख्ती से पालन करने के लिए प्रेरित किया गया।
इसके साथ ही गुड सेमेरिटन (नेक इंसान) नीति के बारे में जानकारी देते हुए सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की तत्काल मदद करने एवं उसे समय पर अस्पताल पहुंचाने के लिए विद्यार्थियों को प्रेरित किया गया। दुर्घटना के समय घायल की मदद करना मानवता का परिचय है और समय पर मिली चिकित्सा किसी व्यक्ति का जीवन बचा सकती है। इसके साथ ही राहवीर एवं नगदी रहित उपचार योजना की जानकारी प्रदान की गई।
कार्यक्रम के दौरान साइबर जागरूकता संबंधी स्टैंडी के समक्ष महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं एवं स्टाफ ने सेल्फी ली और उसे अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर अपलोड कर साइबर सुरक्षा एवं यातायात जागरूकता का संदेश प्रसारित किया।
कार्यक्रम को जिला युवा अधिकारी सुश्री चहल कैलाशिया एवं उप पुलिस अधीक्षक श्याम मधुकर ने भी संबोधित किया। उन्होंने युवाओं से साइबर अपराधों के प्रति सतर्क रहने तथा यातायात नियमों का पालन कर स्वयं एवं दूसरों के जीवन को सुरक्षित रखने की अपील की।
कार्यक्रम में थाना प्रभारी पटना प्रमोद पांडेय, प्रधान आरक्षक सत्येंद्र तिवारी, महिला प्रधान आरक्षक गीता टोप्पो, यातायात हवलदार डॉ. महेश मिश्रा, महाविद्यालय के सहायक प्राध्यापक डॉ. बरखा सिंह, सुश्री पूनम टोप्पो, सहायक ग्रेड-1 रोहित साहू सहित महाविद्यालय के अतिथि व्याख्याता एवं काफी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन श्रीमती दुर्गावती राजवाड़े ने किया।



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