अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस पर शॉल-माला से सम्मान; जरूरतमंदों को वॉकिंग स्टिक, श्रवण यंत्र और व्हीलचेयर की सुविधा
एमसीबी/04 अक्टूबर 2026
पोड़ी चिरमिरी स्थित मंगल भवन में चल रहे दो दिवसीय मेगा स्वास्थ्य शिविर में गुरुवार को अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस मनाया गया। इस अवसर पर महापौर रामनरेश राय की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में बुजुर्गों का शॉल एवं माला से सम्मान किया गया। जरूरतमंद वृद्धजनों को वॉकिंग स्टिक भी वितरित की गईं। कार्यक्रम में सभापति संतोष सिंह सहित जनप्रतिनिधि एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
मेगा स्वास्थ्य शिविर का आयोजन मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अविनाश खरे के मार्गदर्शन, जिला कार्यक्रम प्रबंधक शिशिर जायसवाल के सहयोग तथा खंड चिकित्सा अधिकारी, खड़गवां डॉ. मनीष प्रताप सिंह के नेतृत्व में किया गया है। जिला नोडल अधिकारी डॉ. नम्रता चक्रवर्ती के समन्वय तथा सहायक नोडल अधिकारी, NPHCE विक्की टोप्पो एवं समाज कल्याण विभाग की श्रीमती अंजना बेक के सहयोग से वृद्धजन दिवस के कार्यक्रम आयोजित किए गए।
एक ही जगह जांच, परामर्श और सहायक उपकरण
30 सितंबर से शुरू हुए इस दो दिवसीय शिविर में स्वास्थ्य विभाग एवं समाज कल्याण विभाग के संयुक्त समन्वय से नागरिकों को स्वास्थ्य परीक्षण, चिकित्सकीय परामर्श तथा आवश्यकता के अनुसार सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं। पात्रता एवं चिकित्सकीय जांच के आधार पर श्रवण यंत्र, वॉकिंग स्टिक, व्हीलचेयर सहित विभिन्न उपकरण वितरित किए जा रहे हैं।
शिविर में अब तक लगभग 100 श्रवण यंत्र और 150 वॉकिंग स्टिक वितरित की जा चुकी हैं। वहीं 450 से अधिक लोगों की दृष्टि जांच की गई है। जांच के परिणाम एवं आवश्यकता के अनुसार संबंधित लोगों को चश्मे वितरित किए जाएंगे। इस पहल का उद्देश्य जरूरतमंद नागरिकों के आवागमन, दैनिक गतिविधियों और संवाद को आसान बनाना है।
बुजुर्गों के सम्मान के साथ देखभाल का संदेश
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महापौर रामनरेश राय ने वृद्धजनों के सम्मान और उनकी आवश्यकताओं के प्रति संवेदनशीलता को समाज की सामूहिक जिम्मेदारी बताया। उन्होंने परिवार एवं समाज से बुजुर्गों की देखभाल में सक्रिय सहभागिता की अपील की। उन्होंने स्वास्थ्य एवं समाज कल्याण विभाग के संयुक्त प्रयास से एक ही स्थान पर स्वास्थ्य सेवाओं और सहायक उपकरणों की सुविधा उपलब्ध कराने की पहल की सराहना की।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अविनाश खरे ने बताया कि शिविर में स्वास्थ्य परीक्षण के माध्यम से नागरिकों की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं और सहायक उपकरणों की आवश्यकता का आकलन किया जा रहा है। चिकित्सकीय परामर्श के साथ आवश्यकता पड़ने पर आगे के उपचार एवं रेफरल की व्यवस्था में भी सहयोग किया जा रहा है।
NPHCE के माध्यम से स्वस्थ वृद्धावस्था पर जोर
जिला नोडल अधिकारी डॉ. नम्रता चक्रवर्ती ने राष्ट्रीय वृद्धजन स्वास्थ्य देखभाल कार्यक्रम (NPHCE) एवं अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के महत्व की जानकारी दी। उन्होंने “गरिमा के साथ वृद्धावस्था: वृद्धजनों के लिए देखभाल एवं सहयोग प्रणालियों को सुदृढ़ करना” विषय पर जानकारी देते हुए बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य 60 वर्ष एवं उससे अधिक आयु के नागरिकों को सुलभ, गुणवत्तापूर्ण एवं समर्पित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना तथा स्वस्थ एवं सक्रिय वृद्धावस्था को बढ़ावा देना है।
समाज कल्याण विभाग की श्रीमती अंजना बेक ने वृद्धाश्रम संबंधी व्यवस्थाओं तथा जरूरतमंद वृद्धजनों एवं पात्र हितग्राहियों को सहायक उपकरण उपलब्ध कराने की प्रक्रिया की जानकारी दी। उन्होंने विभाग के माध्यम से बुजुर्गों की देखभाल और दैनिक जीवन को सुगम बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों से अवगत कराया।
कार्यक्रम में डॉ. स्वप्निल तिवारी, अस्पताल अधीक्षक; डॉ. जमुना प्रसाद आर्य, अधीक्षक, मानसिक चिकित्सालय; राजकुमार राजवाड़े, सीपीएम, चिरमिरी; अवनीश पांडेय, नोडल अधिकारी, आयुष्मान आरोग्य मंदिर; श्रीमती सुषमा पांडेय एवं श्रीमती किरण पांडेय, बीईटीओ सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। वृद्धजनों के सम्मान को स्वास्थ्य जांच और सहायक उपकरण वितरण से जोड़कर आयोजित यह कार्यक्रम बुजुर्गों के स्वास्थ्य, गरिमा और स्वावलंबन को बढ़ावा देने की दिशा में केंद्रित रहा। स्वास्थ्य एवं समाज कल्याण विभाग की संयुक्त सहभागिता से जरूरतमंद नागरिकों को एक ही स्थान पर जांच, परामर्श और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई गई।




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