कलेक्टर डी. राहुल वेंकट की अगुवाई में जिले के विकास का बना मजबूत ब्लूप्रिंट, हर क्षेत्र में दिखेगा व्यापक बदलाव,,,
मनेंद्रगढ़ । एमसीबी जिले में आयोजित जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) की महत्वपूर्ण बैठक ने विकास की नई दिशा तय करते हुए आने वाले पांच वर्षों के लिए समग्र, संतुलित और दूरदर्शी विकास का मजबूत आधार तैयार किया। कलेक्टर डी. राहुल वेंकट की अध्यक्षता में संपन्न इस उच्चस्तरीय बैठक में जिला पंचायत सीईओ अंकिता सोम शर्मा, अपर कलेक्टर नम्रता डोंगरे, विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी एवं जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी रही।
यह बैठक केवल योजनाओं की समीक्षा तक सीमित नहीं रही, बल्कि जिले के भविष्य को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने वाला व्यापक विकास विजन बनकर सामने आई।
बैठक में प्रस्तुत पंचवर्षीय कार्ययोजना का मूल उद्देश्य खनिज प्रभावित क्षेत्रों के जीवन स्तर में सुधार, ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के बीच विकास अंतर को कम करना, किसानों की आय में वृद्धि, युवाओं को रोजगारोन्मुख बनाना तथा आधारभूत सुविधाओं को सशक्त करना रहा। कलेक्टर ने सभी विभागों द्वारा प्रस्तुत प्रस्तावों की गहन समीक्षा करते हुए स्पष्ट किया कि डीएमएफ निधि का उपयोग केवल योजनागत स्वीकृति तक सीमित न रहे, बल्कि इसका लाभ जमीनी स्तर पर अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी रूप से पहुंचे।
*कृषि एवं उद्यानिकी क्षेत्र में आधुनिक परिवर्तन*
उद्यानिकी विभाग की योजनाएं बैठक का प्रमुख आकर्षण रहीं। समेकित उद्यानिकी योजना के तहत डीएमएफ अभिसरण के माध्यम से फेंसिंग, ड्रिप प्रतिस्थापन, सूक्ष्म सिंचाई, कृषि यंत्रीकरण, पावर वीडर, बैटरी एवं पावर स्प्रेयर, सब्जी मिनीकिट, ग्राफ्टेड किट एवं नवीन फसल नवाचार जैसे प्रस्ताव किसानों की उत्पादकता और आय बढ़ाने की दिशा में परिवर्तनकारी पहल माने गए।
*पशुपालन एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती*
पशु चिकित्सा विभाग ने पशुपालकों के लिए नए पशु औषधालयों के निर्माण एवं पुराने भवनों के उन्नयन की पांच वर्षीय योजना प्रस्तुत की। सिरौली, नई लेदरी, देवाडांड, खोंगापानी, नागपुर एवं घुटरा जैसे क्षेत्रों में प्रस्तावित अधोसंरचना विकास ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती देगा।
*युवाओं के लिए आधुनिक कौशल विकास*
जिला कौशल विकास प्राधिकरण द्वारा सोलर पैनल इंस्टॉलेशन, ड्रोन फिल्म मेकिंग, सीसीटीवी इंस्टॉलेशन, ईवी असेंबली एवं एसी फील्ड टेक्निशियन जैसे आधुनिक ट्रेड्स शामिल किए गए, जो युवाओं को तकनीकी दक्षता के साथ रोजगार एवं स्वरोजगार दोनों के अवसर प्रदान करेंगे।
*शहरी विकास को नया आयाम*
नगर पंचायत खोंगापानी एवं नई लेदरी द्वारा पेयजल, सड़क, पुलिया, खेल मैदान, इनडोर स्टेडियम, सोलर लाइट एवं आधुनिक विद्युतीकरण संबंधी योजनाएं प्रस्तुत की गईं, जिनसे शहरी अधोसंरचना और जनसुविधाओं में उल्लेखनीय सुधार होगा।
*खेल, शिक्षा एवं स्वास्थ्य में व्यापक विस्तार*
खेल एवं युवक कल्याण विभाग द्वारा क्रिकेट टर्फ विकेट, बास्केटबॉल कोर्ट, लॉन टेनिस, तीरंदाजी, ओपन जिम एवं फ्लड लाइट जैसी सुविधाएं विकसित करने का प्रस्ताव रखा गया, जिससे ग्रामीण प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच तक पहुंचने का मार्ग प्रशस्त होगा।
शिक्षा क्षेत्र में स्कूलों एवं महाविद्यालयों में अतिरिक्त कक्ष, डिजिटल बोर्ड, प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय एवं खेल सुविधाओं का विस्तार प्रस्तावित है। वहीं स्वास्थ्य विभाग द्वारा मातृ-शिशु स्वास्थ्य, डिजिटल हेल्थ सेवाएं, आयुष केंद्रों के उन्नयन एवं बाइक एम्बुलेंस सुविधा पर विशेष जोर दिया गया।
*ऊर्जा, जल एवं सामाजिक समावेशन*
पीएम सूर्य घर योजना के अंतर्गत सोलर कनेक्शन, अतिरिक्त ट्रांसफार्मर, जलाशय, स्टॉप डेम, चेक डेम, पाइपलाइन विस्तार एवं पेयजल गुणवत्ता सुधार संबंधी योजनाएं जिले की आधारभूत संरचना को नई मजबूती देंगी। समाज कल्याण विभाग द्वारा दिव्यांगजनों के लिए सहायक उपकरण, वृद्धाश्रम, नशा मुक्ति केंद्र एवं तृतीय लिंग समुदाय हेतु “गरिमा गृह” जैसी योजनाएं सामाजिक समावेशन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
*पर्यटन को मिलेगा नया विस्तार*
अमृतधारा, रमदहा जलप्रपात, सिद्ध बाबा मंदिर एवं अन्य धार्मिक-पर्यटन स्थलों के विकास का प्रस्ताव जिले को पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान दिलाने के साथ स्थानीय रोजगार सृजन का माध्यम बनेगा। बैठक के समापन पर कलेक्टर डी. राहुल वेंकट ने सभी विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए कि स्वीकृत योजनाओं का क्रियान्वयन समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं पारदर्शी हो।
उन्होंने डीएमएफ निधि के प्रत्येक उपयोग में जवाबदेही सुनिश्चित करने तथा राशि स्वीकृति से लेकर क्रियान्वयन तक सतत निगरानी रखने पर बल दिया। साथ ही “सुशासन तिहार” के अंतर्गत लंबित एवं नवीन कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूर्ण कर आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देश भी दिए।
यह बैठक केवल प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि एमसीबी जिले के उज्जवल, समावेशी और आत्मनिर्भर भविष्य की एक सशक्त विकास रूपरेखा के रूप में देखी जा रही है।
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