“संकल्प” पर आधारित होंगी राज्य की स्वास्थ्य सेवाएं, इस प्रदेश का हर जन स्वस्थ रहे, यही है सरकार का उद्देश्य: श्याम बिहारी,

“संकल्प” पर आधारित होंगी राज्य की स्वास्थ्य सेवाएं, इस प्रदेश का हर जन स्वस्थ रहे, यही है सरकार का उद्देश्य: श्याम बिहारी,

राज्य में शासकीय कर्मचारियों को कैशलेस इलाज सुविधा के लिए बजट में 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल के विभागों के लिए 6 हजार 976 करोड़ रुपये से अधिक की अनुदान मांगें पारित हुई हैं।

रायपुर में मध्य भारत का सबसे बड़ा इंटीग्रेटेड खाद्य एवं औषधि प्रयोगशाला बनाया जाएगा, जिसके लिए बजट में 95 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में छात्रावास निर्माण के लिए 83 करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया गया है।

नवीन पांच शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों के लिए 1,240 पद तथा संबंधित चिकित्सालयों के लिए 500 पदों का प्रावधान किया गया है।

मुख्यमंत्री शिक्षा सहयोग योजना के अंतर्गत पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को निःशुल्क आवासीय सुविधाएं मिलेंगी। बिलासपुर में 500 सीटर कन्या प्रयास आवासीय विद्यालय भी खोला जाएगा।

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, चिकित्सा शिक्षा तथा अन्य पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास विभाग के मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के विभागों के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 6976 करोड़ 54 लाख रुपये से अधिक की अनुदान मांगें पारित हो गई हैं।

अनुदान मांगों पर चर्चा का जवाब देते हुए विभागीय मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि राज्य की स्वास्थ्य सेवाएं SANKALP पर आधारित होंगी। इसमें S - Strengthened Institutions (सशक्त संस्थान), A - Academic Excellence (उत्कृष्ट अकादमिक गुणवत्ता), N - Next Generation Research (नवोन्मेषी अनुसंधान), K - Knowledge & Clinical Competency (कौशल एवं क्लीनिकल दक्षता), A - Advance Medical Facilities (आधुनिक चिकित्सा सुविधा), L - Life Saving Infrastructure (जीवन रक्षक अधोसंरचना) तथा P - Professional & Transparent Governance (पारदर्शी प्रबंधन एवं प्रौद्योगिकी) शामिल हैं।

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने चर्चा के दौरान प्रदेश के सभी शासकीय अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए कैशलेस इलाज की योजना शुरू करने की बात कही। इसके लिए बजट में 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि प्रदेश का हर नागरिक स्वस्थ रहे। स्वास्थ्य अधोसंरचना के विस्तार के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जा रहा है, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों तक भी गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जा सकें। उन्होंने बताया कि गंभीर बीमारियों के उपचार को सुलभ बनाने के लिए प्रदेश में 25 नए डायलिसिस केंद्र स्थापित किए जाएंगे। साथ ही आम नागरिकों को सस्ती दवाइयां उपलब्ध कराने के लिए 50 जन औषधि केंद्रों का विस्तार किया जाएगा।

मंत्री ने बताया कि पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से रायपुर में प्रदेश का पहला होम्योपैथी कॉलेज स्थापित किया जाएगा। इसके अलावा बिलासपुर में स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट की स्थापना की जाएगी, जिससे कैंसर मरीजों को अत्याधुनिक उपचार सुविधा प्रदेश में ही मिल सकेगी।

उन्होंने कहा कि रायपुर में मध्य भारत का अत्याधुनिक कार्डियक इंस्टीट्यूट स्थापित करने की योजना है। यह संस्थान प्रदेश के नागरिकों को उच्च स्तरीय हृदय उपचार की सुविधा देगा। वहीं सत्य साईं संजीवनी अस्पताल में अधोसंरचना विकास के लिए 25 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे बाल हृदय उपचार सेवाओं को और अधिक मजबूत किया जा सकेगा।

मंत्री ने बताया कि अंबिकापुर और धमतरी में जिला अस्पतालों के नए भवन बनाए जाएंगे। रायपुर के कालीबाड़ी क्षेत्र में 200 बिस्तरों वाला मातृ एवं शिशु चिकित्सालय तथा चिरमिरी में नया जिला अस्पताल बनाया जाएगा। स्वास्थ्य सेवाओं के लिए मानव संसाधन को मजबूत करने के उद्देश्य से दुर्ग, कोंडागांव, जशपुर और रायपुर में जीएनएम प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए जाएंगे।

उन्होंने बताया कि रायपुर में मध्य भारत की सबसे आधुनिक इंटीग्रेटेड खाद्य एवं औषधि प्रयोगशाला के लिए 95 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके शुरू होने से राज्य को दिल्ली जैसे महानगरों पर निर्भरता खत्म होगी और छत्तीसगढ़ सहित अन्य सीमावर्ती राज्यों को त्वरित जांच सुविधाएं मिल सकेंगी।

चर्चा के दौरान मंत्री ने कहा कि राज्य में शीघ्र ही एम्बुलेंस की कमी दूर होगी। सभी जिलों के लिए 300 नई एम्बुलेंस के लिए टेंडर प्रक्रिया जारी है। इसके अतिरिक्त वेंटिलेटर युक्त 70 अत्याधुनिक एम्बुलेंस तथा नवजात शिशुओं के लिए 10 विशेष एम्बुलेंस भी जल्द खरीदी जाएंगी।

चिकित्सा शिक्षा विभाग

चिकित्सा शिक्षा मंत्री ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए संचालनालय चिकित्सा शिक्षा हेतु 2 हजार करोड़ रुपये से अधिक का बजट प्रावधान किया गया है। नवीन पांच शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों — दंतेवाड़ा, मनेन्द्रगढ़, जशपुर, जांजगीर-चांपा और कबीरधाम — के लिए 1,240 पद तथा संबंधित चिकित्सालयों के लिए 500 पदों का प्रावधान किया गया है।

इसके साथ ही डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय रायपुर के ट्रामा सेंटर भवन निर्माण के लिए भी बजट रखा गया है। चिकित्सा महाविद्यालयों और संबद्ध अस्पतालों में उपकरणों की खरीदी के लिए 50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

राज्य के शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में छात्रावास निर्माण के लिए बजट में 83 करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया गया है। इसके अंतर्गत रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, अंबिकापुर तथा जगदलपुर के शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में छात्रावास बनाए जाएंगे।

आयुष विभाग

वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए आयुष विभाग के तहत 544 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। औषधियों के लिए 25.73 करोड़ रुपये तथा उपकरणों के लिए 4.16 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

जनभागीदारी के माध्यम से 7 आयुर्वेद चिकित्सालय, 13 आयुष पॉलीक्लिनिक और 692 आयुष औषधालयों के उन्नयन के लिए भी बजट रखा गया है। रायपुर स्थित शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय परिसर में छात्रावास और सेमिनार हॉल का निर्माण किया जाएगा।

अन्य पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास विभाग

मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार समाज के पिछड़े और अल्पसंख्यक वर्गों के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में इस विभाग के अंतर्गत विभिन्न योजनाओं के लिए मांग संख्या 66 के तहत कुल 251 करोड़ 68 लाख 38 हजार रुपये का बजट प्रावधान किया गया है।

उन्होंने बताया कि राज्य में अन्य पिछड़ा वर्ग के छात्रों के लिए मुख्यमंत्री शिक्षा सहयोग योजना शुरू की जाएगी। इसके अंतर्गत विद्यार्थियों को निःशुल्क शैक्षणिक और आवासीय सुविधाएं मिलेंगी।

पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों के लिए बिलासपुर में 500 सीटर कन्या प्रयास आवासीय विद्यालय, रायपुर में 200 सीटर पोस्ट मैट्रिक कन्या छात्रावास, रायगढ़ में 100 सीटर पोस्ट मैट्रिक कन्या छात्रावास, मनेन्द्रगढ़ में 100 सीटर पोस्ट मैट्रिक कन्या छात्रावास तथा जशपुर में 50 सीटर प्री-मैट्रिक बालक एवं बालिका छात्रावास बनाए जाएंगे। इसके लिए बजट में 20 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

मंत्री ने जानकारी दी कि पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक वर्ग के विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए CG-ACE योजना के अंतर्गत उड़ान, शिखर और मंजिल योजना शुरू की जाएगी। इसके लिए बजट में 9 करोड़ 63 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है।

बजट चर्चा में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत सहित विधायक धर्मजीत सिंह, दलेश्वर साहू, ईश्वर साहू, प्रणव मरपच्ची, आशाराम नेताम, प्रमोद मिंज, अनुज शर्मा, पुन्नूलाल मोहले, राघवेन्द्र कुमार सिंह, कुंवर सिंह निषाद, लखेश्वर बघेल, भोलाराम साहू, दिपेश साहू, प्रेमचंद पटेल, विनायक गोयल, रोहित साहू, रामकुमार यादव, व्यास कश्यप, सुशांत शुक्ला, श्रीमती संगीता सिन्हा, श्रीमती उद्धेश्वरी पैकरा, श्रीमती सावित्री मंडावी, श्रीमती उत्तरी जांगड़े, श्रीमती अंबिका मरकाम तथा श्रीमती यशोदा वर्मा शामिल रहे।