रायपुर, 13 अगस्त 2026। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही से बिलासपुर को जोड़ने वाले नेशनल हाईवे-45 पर वाहन चालकों के लिए राहत की खबर है। छतौना के पास अतिवृष्टि और भारी वाहनों के दबाव से क्षतिग्रस्त हुई सड़क की मरम्मत का काम तेजी से जारी है। इस दौरान NH-45 पर यातायात पूरी तरह चालू है और वाहनों की आवाजाही पर कोई रोक नहीं है।
परियोजना की कुल 58 प्रतिशत भौतिक प्रगति पूरी हो चुकी है। लोक निर्माण विभाग राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग के अधिकारियों के अनुसार, केंवची-रतनपुर मार्ग के किमी 290.000 पर ग्राम छतौना के पास सड़क सतह को नुकसान पहुंचने के बाद सुधार कार्य तत्काल शुरू कराया गया था। वर्तमान में यहां GSB (ग्रेन्युलर सब-बेस) लेयर का कार्य पूरा किया जा चुका है।
भारी बारिश और वाहनों के दबाव से क्षतिग्रस्त हुई थी सड़क
बीते दिनों हुई अतिवृष्टि और बड़ी संख्या में भारी वाहनों की आवाजाही के कारण छतौना के पास सड़क की सतह प्रभावित हुई थी। क्षति की जानकारी मिलते ही EPC अनुबंधक मेसर्स शांति इंजीकॉन प्राइवेट लिमिटेड द्वारा सुधार कार्य शुरू कर दिया गया, जो लगातार जारी है।
विभागीय अधिकारियों की टीम मौके पर निगरानी रख रही है, ताकि मरम्मत कार्य के साथ-साथ वाहनों की आवाजाही भी सुचारू बनी रहे।
₹286 करोड़ की परियोजना, 42.598 किमी मार्ग का उन्नयन
भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने NH-45 के 42.598 किलोमीटर लंबे हिस्से (किमी 278.750 से 321.348) के 2-लेन चौड़ीकरण एवं उन्नयन के लिए ₹286 करोड़ की प्रशासकीय स्वीकृति 31 मार्च 2022 को दी थी। निविदा प्रक्रिया के बाद 15 जुलाई 2024 को कार्यादेश जारी किया गया।
परियोजना के तहत अब तक 25.770 किमी DBM डामरीकरण, 98 HP कल्वर्ट, 14 RCC बॉक्स कल्वर्ट, 7 माइनर ब्रिज, 4.890 किमी RCC नाली तथा 4.467 किमी रिटेनिंग वॉल एवं टो-वॉल का कार्य पूरा किया जा चुका है।
अफवाहों पर ध्यान न दें, NH-45 पर आवागमन जारी
लोक निर्माण विभाग राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग ने आम जनता और वाहन चालकों से अपील की है कि वे सड़क बंद होने या यातायात बाधित होने संबंधी अफवाहों पर ध्यान न दें। NH-45 पर आवागमन पूरी तरह जारी है, जबकि क्षतिग्रस्त हिस्से का सुधार और परियोजना के शेष कार्य तेजी से पूरे किए जा रहे हैं।


पाठकों की टिप्पणियां 0