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18 Aug 2026
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सूरजपुर में अलर्ट: मानसून में आकाशीय बिजली और सर्पदंश से बचाव के लिए प्रशासन सख्त; कलेक्टर ने जारी की एडवायजरी,

सूरजपुर में अलर्ट: मानसून में आकाशीय बिजली और सर्पदंश से बचाव के लिए प्रशासन सख्त; कलेक्टर ने जारी की एडवायजरी,
सूरजपुर में अलर्ट: मानसून में आकाशीय बिजली और सर्पदंश से बचाव के लिए प्रशासन सख्त; कलेक्टर ने जारी की एडवायजरी,। फोटो: आज का दिन न्यूज़

वर्षाकाल में सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव: मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी

गरज-चमक के दौरान खुले में रहने से बचें, जमीन पर सोने के बजाय खाट का करें उपयोग; जिले के अस्पतालों में एण्टी स्नेक वेनम का पर्याप्त स्टॉक

नदीम खान | सूरजपुर | 03 जुलाई 2026

सूरजपुर जिले में सक्रिय मानसून को देखते हुए प्रशासन ने कमर कस ली है। वर्षा ऋतु के दौरान आकाशीय बिजली गिरने एवं सर्पदंश की बढ़ती घटनाओं के मद्देनजर कलेक्टर श्रीमती रेना जमील ने जिलेवासियों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। जनहानि को शून्य करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने आम नागरिकों के लिए सुरक्षात्मक दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

आकाशीय बिजली: क्या करें और क्या न करें?

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. के.डी. पैकरा ने सुरक्षा के महत्वपूर्ण उपाय साझा किए हैं:

सुरक्षित स्थान: खराब मौसम, तेज गरज-चमक या बिजली कड़कने पर तुरंत किसी पक्के भवन या बंद वाहन के भीतर शरण लें।

 क्या न करें: खेतों, खुले मैदानों, पहाड़ी क्षेत्रों, जलाशयों के किनारे और बड़े पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें।

आपातकालीन स्थिति:यदि खुले में फंस जाएं, तो जमीन पर पूरी तरह लेटने के बजाय पैरों को पास रखकर नीचे झुकें और सिर को घुटनों के बीच रखें।

 दूरी बनाए रखें: आसपास मौजूद अन्य लोगों से उचित दूरी बनाकर रखें।

सर्पदंश से बचाव: झाड़-फूंक के फेर में न पड़ें

वर्षाकाल में सांपों के बिलों से बाहर आने की संभावना अधिक होती है, जिसे देखते हुए जिला महामारी विशेषज्ञ डॉ. जसवंत दास ने चेतावनी दी है:

सावधानी: रात के समय जमीन पर सोने से बचें, हमेशा खाट (बिस्तर) का उपयोग करें।

 भ्रम से बचें:सर्पदंश की स्थिति में झाड़-फूंक या बैगा-गुनिया के चक्कर में समय बर्बाद न करें।

तत्काल उपचार: पीड़ित को तुरंत निकटतम स्वास्थ्य केंद्र ले जाएं। जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों में एण्टी स्नेक वेनम (ASV) का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है।

आपातकालीन सहायता

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत 108 एम्बुलेंस सेवा या नजदीकी सरकारी अस्पताल से संपर्क करें। यदि पीड़ित की सांस या नाड़ी बंद हो, तो प्रशिक्षित व्यक्ति द्वारा तुरंत सीपीआर (CPR) देकर उसे जल्द से जल्द अस्पताल पहुँचाना जीवन रक्षक साबित हो सकता है।

जिला प्रशासन ने पुनः दोहराया है कि वर्षाकाल में आपकी सतर्कता ही आपके और आपके परिवार की सुरक्षा का सबसे बड़ा कवच है। कृपया मौसम विभाग की चेतावनियों को गंभीरता से लें।

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