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13 Oct 2026
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मनः जागृति अभियान के तहत पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को कार्यस्थल तनाव प्रबंधन, नशामुक्ति और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति किया गया जागरूक

मनः जागृति अभियान के तहत पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को कार्यस्थल तनाव प्रबंधन, नशामुक्ति और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति किया गया जागरूक
मनः जागृति अभियान के तहत पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को कार्यस्थल तनाव प्रबंधन, नशामुक्ति और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति किया गया जागरूक। फोटो: आज का दिन न्यूज़

बैकुंठपुर ।

मनः जागृति अभियान के अंतर्गत विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर जिला चिकित्सालय बैकुंठपुर के चिकित्सकों द्वारा पुलिस लाइन में मानसिक स्वास्थ्य एवं तनाव प्रबंधन कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में कार्यस्थल पर तनाव प्रबंधन, नशामुक्ति, मोबाइल की लत से बचाव तथा मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के समाधान के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।

कार्यशाला में जिला चिकित्सालय बैकुंठपुर के चिकित्सा मनोवैज्ञानिक डॉ. सुमन कुमार एवं मनोचिकित्सा सामाजिक कार्यकर्ता पुलेंद्र मोहले ने पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को मानसिक स्वास्थ्य के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराया।
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य पुलिसकर्मियों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना, दैनिक कार्यों के दौरान उत्पन्न होने वाले तनाव को प्रभावी ढंग से प्रबंधित करने के उपाय बताना तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था।

कार्यस्थल पर तनाव प्रबंधन के उपायों की दी जानकारी -

कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों ने बताया कि पुलिस सेवा में निरंतर ड्यूटी, कार्य का दबाव, अनियमित दिनचर्या एवं विभिन्न चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के कारण मानसिक तनाव उत्पन्न हो सकता है। ऐसी परिस्थितियों में मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना अत्यंत आवश्यक है। तनाव को नियंत्रित करने के लिए नियमित योग एवं प्राणायाम, ध्यान, पर्याप्त नींद, संतुलित आहार, सकारात्मक सोच तथा समय प्रबंधन को दैनिक जीवन में अपनाने की सलाह दी गई।

उन्होंने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य शारीरिक स्वास्थ्य जितना ही महत्वपूर्ण है और समय पर तनाव का प्रबंधन करने से कार्यक्षमता में सुधार के साथ व्यक्तिगत एवं व्यावसायिक जीवन में संतुलन बनाए रखने में मदद मिलती है।

कार्यक्रम में मनोचिकित्सा सामाजिक कार्यकर्ता पुलेंद्र मोहले ने भारत सरकार की टेली- मानस मानसिक स्वास्थ्य सेवा के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मानसिक तनाव, चिंता, भावनात्मक परेशानी अथवा अन्य मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की स्थिति में सहायता प्राप्त करने के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 14416 उपलब्ध है। इस सेवा के माध्यम से 24 घंटे, सातों दिन मानसिक स्वास्थ्य संबंधी परामर्श एवं सहायता प्राप्त की जा सकती है।

खुली परिचर्चा के माध्यम से प्रतिभागियों को यह समझने का अवसर मिला कि मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं पर खुलकर बातचीत करना, समस्याओं को साझा करना तथा समय पर उचित सहायता लेना बेहद महत्वपूर्ण है।

मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने का दिया संदेश

कार्यशाला के माध्यम से प्रतिभागियों को संदेश दिया गया कि मानसिक स्वास्थ्य समग्र स्वास्थ्य का अभिन्न अंग है। जिस प्रकार शारीरिक स्वास्थ्य की देखभाल आवश्यक है, उसी प्रकार मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना भी जरूरी है। समय पर अपनी समस्याओं को साझा करना, दूसरों की भावनाओं को समझना तथा आवश्यकता पड़ने पर विशेषज्ञों की सहायता लेना स्वस्थ एवं सकारात्मक समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

कार्यक्रम में लगभग 55 पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल हुए। पुलिस अधीक्षक हरीश राठौर के निर्देश पर कार्यशाला के सफल आयोजन में उप पुलिस अधीक्षक श्याम मधुकर एवं रक्षित निरीक्षक नीतीश आर. नायर सहित पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों की उपस्थिति एवं सहभागिता रही।

कार्यशाला के माध्यम से पुलिसकर्मियों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने, तनाव का प्रभावी प्रबंधन करने, नशे से दूर रहने तथा आवश्यकता पड़ने पर उपलब्ध मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया गया।

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