जनदर्शन में अपर कलेक्टर ने सुनी आमजन की समस्याएं, 20 आवेदनों के त्वरित निराकरण के दिए सख्त निर्देश,

जनदर्शन में अपर कलेक्टर ने सुनी आमजन की समस्याएं, 20 आवेदनों के त्वरित निराकरण के दिए सख्त निर्देश,

मनेंद्रगढ़ । एमसीबी कलेक्टर डी. राहुल वेंकट के निर्देशन में कलेक्ट्रेट कार्यालय में आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान का सशक्त मंच बनकर सामने आया, जहां अपर कलेक्टर अनिल कुमार सिदार ने जिले के दूर-दराज ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर शहरी इलाकों से पहुंचे नागरिकों की समस्याओं को गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुना।   

      जनदर्शन में पहुंचे लोगों ने अपनी व्यक्तिगत और सार्वजनिक समस्याओं से जुड़े आवेदन प्रशासन के समक्ष प्रस्तुत किए, जिन पर मौके पर ही आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए और त्वरित निराकरण का भरोसा दिलाया गया।

      इस दौरान कुल 20 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें बिजली, भूमि, पेयजल, सड़क, आवास, बैंकिंग, सिंचाई और शासकीय योजनाओं से जुड़ी विभिन्न समस्याएं प्रमुख रूप से सामने आईं। घुटरा निवासी रामप्रसाद ने बिजली बिल में त्रुटि सुधार की मांग की, वहीं सकड़ा की भगवती, जुईली के शिवनारायण, मांगोरा के अंगदराम, भौता के रामदीन तथा नेवारी के लक्ष्मण सिंह, नवरत्न सिंह और चंद्रभान सिंह ने भूमि संबंधी प्रकरणों के निराकरण की गुहार लगाई।   

      मनोरा के कृष्णपाल सिंह ने नए हैंडपंप की स्थापना की आवश्यकता बताई, जबकि सलवा के ग्रामीणों ने पीएमजीएसवाई सड़क निर्माण कार्य के चलते आवागमन में हो रही परेशानी को प्रमुखता से उठाया।

      चिरमिरी के राहुल पटेल ने वाटर एटीएम की स्थापना की मांग रखी, वहीं मनेन्द्रगढ़ की सुप्रिया ने जनदर्शन में दिए गए आवेदन पर त्वरित कार्रवाई की अपेक्षा जताई। फुनगा की सपना देवी और नागपुर की सरोज ने क्रमशः भूमि विवाद और नहर निर्माण कार्य में अनियमितताओं की शिकायत की। बुलाकिटोला के शिवप्रसाद ने प्रधानमंत्री आवास योजना में राशि स्वीकृत होने के बावजूद गबन की शिकायत दर्ज कराई, जबकि मनेन्द्रगढ़ के जायसवीर ने नल कनेक्शन नामांतरण की समस्या रखी। भाटापारा के निर्मल चंद ने पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत बैंक से शेष ऋण राशि दिलाने की मांग की। इसके साथ ही सलवा के अरविंद पटेल ने प्रधानमंत्री आवास योजना में कथित गड़बड़ियों की जांच की मांग की। 

      अपर कलेक्टर ने सभी आवेदनों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रत्येक प्रकरण का सूक्ष्म परीक्षण कर प्राथमिकता के आधार पर निर्धारित समय- सीमा में निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि आमजन की समस्याओं का त्वरित और पारदर्शी समाधान ही सुशासन की असली पहचान है, और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही या विलंब स्वीकार नहीं किया जाएगा।

       उन्होंने अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि हर मामले में संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ कार्य करें, ताकि नागरिकों को अनावश्यक भटकाव का सामना न करना पड़े और उन्हें समय पर राहत मिल सके। अपर कलेक्टर ने यह भी स्पष्ट किया कि जनदर्शन में प्राप्त आवेदनों की नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी और लंबित मामलों पर जवाबदेही तय की जाएगी।