शिक्षिका ने पैसे देने से किया इनकार तो सिर पर बोतल मारकर गला दबाया, राज खुलने के डर से बेटे को भी उतारा मौत के घाट; सीसीटीवी फुटेज और कार की मदद से पुलिस पहुंची आरोपी तक
नदीम खान | सूरजपुर
सूरजपुर। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में शिक्षिका रजनी बरेठ और उनके बेटे सुजल बरेठ की सनसनीखेज दोहरी हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। पुलिस के मुताबिक, मोटर पार्ट्स के कारोबार के लिए कर्ज लेने वाले आरोपी ने 19 लाख रुपये के प्रस्तावित लोन की रकम हासिल करने के लालच में शिक्षिका की हत्या कर दी। इसके बाद वारदात का राज खुलने के डर से उनके बेटे सुजल को भी मौत के घाट उतार दिया। पुलिस ने मामले में हरियाणा के निवासी प्रवेश कुमार उर्फ परवेश कुमार (36) को गिरफ्तार किया है। आरोपी वर्तमान में विश्रामपुर की चोपड़ा कॉलोनी में रह रहा था।
पुलिस की जांच में सामने आया कि आरोपी की पत्नी और मृतिका एक ही स्कूल में शिक्षिका थीं। इसी परिचय के कारण आरोपी का रजनी के घर आना-जाना था। पुलिस के अनुसार, आरोपी को पहले से जानकारी थी कि रजनी बरेठ 19 लाख रुपये का लोन लेने वाली हैं और जल्द ही रकम उनके खाते में आने वाली है। इसी जानकारी के आधार पर उसने वारदात को अंजाम देने की साजिश रची।
जंगल के पास मिला बेटे का शव, घर के बाथरूम में मिली मां की लाश
मामले का खुलासा 10 अक्टूबर 2026 को उस समय शुरू हुआ, जब ग्राम महाबीरपुर के सरपंच महेश प्रसाद ने जयनगर पुलिस को सूचना दी कि कोरयाबारी नर्सरी जंगल के पास कच्ची सड़क किनारे नाली में एक युवक का शव पड़ा है। पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। बाद में मृतक की पहचान सुजल बरेठ के रूप में हुई। पोस्टमार्टम की प्रारंभिक रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि होने के बाद 11 अक्टूबर को थाना जयनगर में अपराध क्रमांक 308/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) में मामला दर्ज किया गया।
इधर, सुजल की मां रजनी बरेठ भी लापता थीं। उनके भाई अविनाश बरेठ ने पुलिस को बताया कि रजनी अपने बेटे के साथ विश्रामपुर की ममता कॉलोनी, केशवनगर में किराये के मकान में रहती थीं। 9 अक्टूबर से रजनी का मोबाइल बंद आ रहा था। सुजल का शव मिलने की जानकारी के बाद जब परिजन पुलिस के साथ रजनी के घर पहुंचे, तो मकान बाहर से बंद मिला।
11 अक्टूबर की रात करीब दो बजे पुलिस की मौजूदगी में मकान का ताला खुलवाया गया। अंदर बाथरूम में रजनी का शव मिला। प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई। इसके बाद थाना विश्रामपुर में अपराध क्रमांक 257/2026 के तहत बीएनएस की धारा 103(1) में हत्या का मामला दर्ज किया गया।
सीसीटीवी फुटेज ने खोला राज, कार तक पहुंची पुलिस
दोहरी हत्या की गंभीरता को देखते हुए पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज दीपक कुमार झा के निर्देशन और सूरजपुर पुलिस अधीक्षक योगेश कुमार पटेल के नेतृत्व में जांच तेज की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक योगेश देवांगन और एसडीओपी सूरजपुर अभिषेक पैंकरा के मार्गदर्शन में विश्रामपुर, जयनगर सहित विभिन्न थानों की पुलिस और साइबर सेल अंबिकापुर की संयुक्त टीम ने जांच शुरू की।
पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के इलाकों के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इस दौरान एक व्यक्ति रजनी के किराये के मकान के आसपास दिखाई दिया। फुटेज में वह काले रंग की टी-शर्ट पहने और सफेद गमछा ओढ़े नजर आया। वह काफी समय तक मकान के आसपास मौजूद रहा था।
जांच के दौरान विश्रामपुर के एक कार वॉशिंग सेंटर की फुटेज भी सामने आई, जिसमें एक व्यक्ति अपनी कार धुलवाने पहुंचा था। उसका पहनावा संदिग्ध व्यक्ति से मिलता-जुलता था। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर कार का नंबर सीजी 15 ईजी 7101 पता चला। पुलिस ने वाहन मालिक की तलाश की और संदिग्ध प्रवेश कुमार तक पहुंची। पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर रजनी और सुजल की हत्या करना स्वीकार किया।
पैसे देने से इनकार पर शिक्षिका की हत्या
पुलिस के अनुसार, 9 अक्टूबर को आरोपी अपनी कार धुलवाने के बहाने विश्रामपुर के वॉशिंग सेंटर पहुंचा। इसके बाद वह पैदल रजनी के घर गया। वहां सुजल से मोबाइल चार्जर मांगा और कुछ देर बाद चला गया। फिर वह दोबारा घर पहुंचा और काफी देर तक वहां रुका रहा।
इसी दौरान रजनी ड्यूटी से घर लौटीं। शाम को सुजल ट्यूशन के लिए निकल गया। पुलिस के मुताबिक, इसके बाद आरोपी ने रजनी से पैसों की मांग की, लेकिन उन्होंने रकम देने से इनकार कर दिया। इसी बात पर विवाद हुआ और आरोपी ने कथित तौर पर स्टील की पानी की बोतल से रजनी के सिर पर वार कर दिया।
रजनी मुख्य दरवाजे की ओर भागीं, लेकिन आरोपी ने उन्हें पकड़कर बाथरूम की तरफ धकेल दिया। पुलिस के अनुसार, वहां शैंपू की बोतल से उनके सिर पर वार करने के बाद आरोपी ने पैर से उनका गला दबाया और करीब 10 मिनट तक दबाए रखा, जिससे उनकी मौत हो गई।
वारदात के बाद आरोपी ने घर में बिखरे सामान को व्यवस्थित किया और रजनी का स्टोल लेकर वहां से निकल गया।
मां की हत्या का राज खुलने के डर से बेटे की भी हत्या
पुलिस की जांच के मुताबिक, आरोपी को आशंका थी कि सुजल को मां के साथ उसकी मौजूदगी के बारे में जानकारी थी और वह वारदात का खुलासा कर सकता था। इसी डर से उसने सुजल की हत्या की योजना बनाई।
आरोपी ने कथित तौर पर मुंह पर सफेद गमछा बांधा, हेलमेट पहना और रजनी की स्कूटी लेकर निकला। बाद में स्कूटी को नायरा पेट्रोल पंप के आगे खड़ा कर हेलमेट झाड़ियों में फेंक दिया। इसके बाद वह अपनी कार लेकर रजनी के घर की ओर जाने वाले तिराहे पर पहुंचा और करीब एक घंटे तक इंतजार किया।
रात करीब नौ बजे सुजल घर लौटा तो आरोपी ने उसे बताया कि उसकी मां उसके घर पर है। इसके बाद वह सुजल को अपनी कार में बैठाकर कुम्दा होते हुए अंबिकापुर की ओर ले गया। रास्ते में मैगी भी खिलाई।
पुलिस के अनुसार, राई जंगल के पास आरोपी ने बाथरूम जाने का बहाना बनाया और कार से उतरने के बाद सुजल को भी बाहर बुलाया। इसके बाद उसने रजनी के स्टोल से सुजल का गला कस दिया और मुक्कों से हमला किया। सुजल भागने लगा तो आरोपी ने सड़क किनारे पड़े सीमेंट के खंभे के टुकड़े से उसके सिर और सीने पर वार कर दिया। गंभीर चोटों के कारण उसकी मौत हो गई।
इसके बाद आरोपी ने शव को कार में रखा और उसे ठिकाने लगाने के लिए कई जगहों की तलाश की। पुलिस के अनुसार, बाद में सुजल का शव कोरयाबारी नर्सरी जंगल के पास फेंक दिया गया।
मोबाइल, दस्तावेज और आभूषण बरामद
पुलिस के मुताबिक, वारदात के बाद आरोपी ने सुजल के दो मोबाइल फोन अपने घर की रसोई की दराज में छिपा दिए। रजनी का मोबाइल सिम सहित अंबिकापुर स्थित अपने ससुराल में छिपाया। पुलिस टीम ने आरोपी के घर से सुजल के दोनों मोबाइल बरामद किए।
इसके बाद अंबिकापुर स्थित आरोपी के ससुराल से रजनी का मोबाइल फोन और सिम बरामद किया गया। तलाशी के दौरान पुलिस ने रजनी का आधार कार्ड, पैन कार्ड, चेक, ड्राइविंग लाइसेंस, मतदाता पहचान पत्र, एटीएम कार्ड और सोने-चांदी के आभूषण भी बरामद किए।
पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल ग्रैंड विटारा कार, सीमेंट के खंभे का टुकड़ा, रजनी के सिर पर वार करने में इस्तेमाल स्टील की पानी की बोतल और राई जंगल से सुजल की एक चप्पल जब्त की है।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने घटना के बाद कार को वॉशिंग सेंटर में धुलवाया था। पुलिस के अनुसार, कार की मैट पर खून लगा था, जिसे आरोपी ने जला दिया था। पुलिस इस घटनाक्रम को साक्ष्य मिटाने के प्रयास के तौर पर देख रही है।
पुलिस की संयुक्त टीम ने किया खुलासा
इस दोहरे हत्याकांड की जांच में थाना प्रभारी विश्रामपुर विकास देशमुख, थाना प्रभारी जयनगर अमित गुप्ता, थाना प्रभारी झिलमिली सरफराज फिरदौसी, एसआई पीयूष चन्द्राकर, पीएसआई पवन झा, कपिल, रंजना, एएसआई अरुण गुप्ता, राकेश यादव, चौकी प्रभारी करंजी विशाल मिश्रा, प्रधान आरक्षक राजेन्द्र एक्का, रविशंकर पाण्डेय, आनंद सिंह, जयप्रकाश तिवारी, आरक्षक अखिलेश पाण्डेय, अजय प्रताप राव, राजीव गवेल, विकास मिश्रा, रौशन सिंह, युवराज यादव सहित साइबर सेल अंबिकापुर के एएसआई अजित मिश्रा, प्रधान आरक्षक भोजराज पासवान और आरक्षक मनीष सिंह की सक्रिय भूमिका रही।
पुलिस ने आरोपी प्रवेश कुमार उर्फ परवेश कुमार, उम्र 36 वर्ष, निवासी राजीव कॉलोनी, कैथल रोड, करनाल, हरियाणा, वर्तमान निवासी चोपड़ा कॉलोनी, विश्रामपुर को गिरफ्तार किया है।
लालच ने उजाड़ दिए दो परिवार
सूरजपुर जिले में सामने आया यह दोहरा हत्याकांड रिश्तों और परिचय का फायदा उठाकर कथित रूप से रची गई साजिश का गंभीर उदाहरण है। पुलिस के मुताबिक, 19 लाख रुपये के प्रस्तावित लोन की जानकारी और पैसों के लालच ने पहले शिक्षिका की जान ली और फिर वारदात का राज खुलने के डर से उनके बेटे की भी हत्या कर दी गई।
फिलहाल पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर मामले में साक्ष्य जुटाए हैं। मामले में आगे की न्यायिक प्रक्रिया के दौरान आरोपों का परीक्षण किया जाएगा।




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