रायपुर : सुशासन तिहार: मत्स्य कृषकों को बड़ी राहत, निःशुल्क मछली जाल पाकर खिले किसानों के चेहरे
डोंगरगढ़ के वनांचल में जनसमस्या निवारण शिविर; मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार
रायपुर, 08 मई 2026
छत्तीसगढ़ सरकार की सुशासन तिहार पहल अब वनांचल के दूरस्थ गांवों तक खुशहाली पहुंचा रही है। राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ विकासखंड स्थित ग्राम बुढ़ानछापर में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में मत्स्य कृषकों को शासन की कल्याणकारी योजनाओं से सीधे लाभान्वित किया गया। निःशुल्क मछली जाल वितरण से वनांचल के गरीब और जरूरतमंद किसानों को बड़ी आर्थिक राहत मिली है।
शिविर में पहुंचे मत्स्य कृषकों ने बताया कि यह मदद उनके व्यवसाय के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है। इससे हमें 5 से 7 हजार रुपये का सीधा लाभ मिलेगा। रूपेश कुमार यादव (ग्राम खुटीटोला) श्री यादव ने बताया कि बाजार से मछली जाल खरीदने पर उन्हें 5,000 से 7,000 रुपये तक खर्च करने पड़ते थे। शासन द्वारा इसे निःशुल्क उपलब्ध कराए जाने से उनकी यह राशि बच गई है, जिससे वे अपने मत्स्य पालन व्यवसाय को और विस्तार दे सकेंगे। धरम सिंह उईके (ग्राम पिटेपानी) श्री उईके ने प्रसन्नता जाहिर करते हुए कहा कि वनांचल क्षेत्रों में इस तरह की सहायता से किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है।
’योजनाओं का लाभ और जागरूकता का संगम’
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार आयोजित इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य केवल समस्याओं का समाधान करना नहीं, बल्कि अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं की जानकारी पहुँचाना भी है। किसानों का मानना है कि सरकार वनांचल के निवासियों के प्रति संवेदनशील है और उनकी जरूरतों को प्राथमिकता दे रही है। मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए जाल और अन्य उपकरणों का वितरण किसानों को आत्मनिर्भर बना रहा है।
रूपेश कुमार यादव, मत्स्य कृषक ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय सुशासन तिहार के जरिए गांव-गांव पहुंचकर न केवल समस्याओं का समाधान कर रहे हैं, बल्कि हमें हमारे अधिकारों और योजनाओं के प्रति जागरूक भी बना रहे हैं।
वनांचल ग्राम बुढ़ानछापर का यह शिविर सुशासन के उस संकल्प को दोहराता है, जिसमें सरकारी सुविधाएं दफ्तरों से निकलकर सीधे जनता के दरवाजे तक पहुंच रही हैं। निःशुल्क मछली जाल का यह वितरण मत्स्य कृषकों की आजीविका के लिए एक बड़ा संबल साबित होगा।
Aaj ka din