मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में तैयारियों की समीक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य, तकनीक और विकसित भारत 2047 के लक्ष्यों पर रहेगा विशेष जोर,
मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में मंत्रालय में हुई उच्चस्तरीय बैठक, शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास और तकनीक आधारित प्रशासनिक सुधारों पर रहेगा जोर
रायपुर, 23 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ आगामी मुख्य सचिवों के राष्ट्रीय सम्मेलन में अपनी विकास यात्रा, नवाचारों और सुशासन से जुड़ी उत्कृष्ट पहलों को राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करने की तैयारी कर रहा है। इसी कड़ी में मंत्रालय महानदी भवन में मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य की प्रमुख उपलब्धियों, विभिन्न विभागों के नवाचारों और योजनाओं से हुए गुणात्मक सुधारों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने की रणनीति पर चर्चा हुई।
बैठक में पिछले राष्ट्रीय सम्मेलन से जुड़े विषयों की समीक्षा की गई। साथ ही ‘एक्शन ट्रैकिंग एंड मॉनिटरिंग सिस्टम’ के माध्यम से विभिन्न कार्यों की प्रगति और गुणात्मक सुधारों का आकलन किया गया। मुख्य सचिव ने संबंधित विभागों के सचिवों को निर्देश दिए कि राज्य की उत्कृष्ट पहलों और उनके परिणामों से संबंधित जानकारी निर्धारित समय-सीमा में तैयार की जाए, ताकि राष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ के प्रयासों को तथ्यात्मक और प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत किया जा सके।
शिक्षा, स्वास्थ्य और कौशल विकास की उपलब्धियां होंगी प्रमुख
मुख्य सचिव ने सभी संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि आगामी राष्ट्रीय सम्मेलन में राज्य के नवाचारों और गुणात्मक सुधारों को प्रमुखता से रखा जाए। शिक्षा, कौशल विकास, स्वास्थ्य और पोषण जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में किए गए कार्यों की जानकारी समय पर तैयार करने पर विशेष जोर दिया गया।
बैठक में इस बात पर बल दिया गया कि प्रस्तुतियों में केवल योजनाओं का विवरण ही नहीं, बल्कि उनके परिणामों और लोगों के जीवन में आए सकारात्मक बदलावों को भी शामिल किया जाए। इसके लिए विभागों के बीच समन्वय और समयबद्ध तैयारी को आवश्यक बताया गया।
आंगनबाड़ी के खिलौना बैंक में एक लाख से अधिक खिलौने जमा
छत्तीसगढ़ की आंगनबाड़ी में संचालित खिलौना बैंक की पहल बैठक में विशेष चर्चा का विषय रही। इस पहल के तहत लोग अपने बच्चों के पुराने खिलौने आंगनबाड़ी केंद्रों में जमा करते हैं। इन खिलौनों का उपयोग बच्चों के मानसिक विकास, सीखने की गतिविधियों और खेल आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए किया जाता है।
बैठक में जानकारी दी गई कि इस पहल के अंतर्गत अब तक एक लाख से अधिक खिलौने जमा किए जा चुके हैं। यह पहल सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से उपलब्ध संसाधनों का उपयोग करते हुए बच्चों के विकास को प्रोत्साहित करने का उदाहरण है।
राष्ट्रीय सम्मेलन में इस तरह के नवाचारों को सामने रखकर यह बताया जाएगा कि जनभागीदारी के जरिए स्थानीय स्तर पर उपयोगी और प्रभावी पहलें किस प्रकार संचालित की जा सकती हैं।
विकसित भारत 2047 के लक्ष्य पर केंद्रित होंगे चार प्रमुख सत्र
बैठक में आगामी राष्ट्रीय सम्मेलन के प्रस्तावित विषयों और सत्रों पर भी चर्चा की गई। विकसित भारत 2047 के दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए चार प्रमुख विषयों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
इनमें शामिल हैं:
- विकसित भारत की प्राथमिकताएं: देश के दीर्घकालीन विकास लक्ष्यों के अनुरूप प्रमुख प्राथमिकताओं और उद्देश्यों का निर्धारण।
- आर्थिक विकास में खनन की भूमिका: आर्थिक गतिविधियों को गति देने और राज्य के वित्त को मजबूत बनाने में खनन क्षेत्र के योगदान पर चर्चा।
- सुशासन में तकनीक का उपयोग: प्रशासनिक प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और नागरिकों के लिए सुविधाजनक बनाने में तकनीक की भूमिका।
- आधारभूत संरचना परियोजनाएं: सड़क और अन्य बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के लिए नए विचारों और बेहतर कार्यप्रणाली पर मंथन।
इन विषयों के माध्यम से विकास की गति तेज करने, परियोजनाओं की निगरानी बेहतर बनाने और प्रशासनिक कार्यों में प्रभावशीलता बढ़ाने के उपायों पर चर्चा होगी।
स्वास्थ्य, पोषण और प्राकृतिक गैस के उपयोग पर भी मंथन
राष्ट्रीय सम्मेलन से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर भी बैठक में विचार-विमर्श किया गया। इनमें स्वास्थ्य एवं पोषण, गैर-कृषि कार्यों में उर्वरकों के दुरुपयोग पर नियंत्रण, प्राकृतिक गैस के उपयोग को बढ़ावा देने और अंतरराज्यीय प्रतिस्पर्धा से जुड़े मुद्दे शामिल हैं।
इन विषयों पर चर्चा का उद्देश्य विकास की चुनौतियों के समाधान तलाशना, बेहतर कार्यप्रणालियों को प्रोत्साहित करना और विभिन्न राज्यों के बीच अनुभवों के आदान-प्रदान को बढ़ावा देना है।
कई विभागों के वरिष्ठ सचिव रहे मौजूद
बैठक में नगरीय प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा, महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख सचिव शहला निगार, खाद्य विभाग की सचिव रीना बाबा साहेब कंगाले, मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव अंकित आनंद और कौशल विकास विभाग के सचिव बसवराजू एस. उपस्थित रहे।
इसके अलावा राजस्व विभाग की सचिव शम्मी आबिदी, खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव यशवंत कुमार, आदिम जाति विभाग के सचिव भूवनेश यादव, जल संसाधन विभाग के सचिव राजेश सुकुमार टोप्पो, स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया, गृह विभाग की सचिव नेहा तथा मुख्यमंत्री के विशेष सचिव एवं आयुक्त जनसंपर्क रजत बंसल सहित कई वरिष्ठ अधिकारी बैठक में शामिल हुए।
राष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़ की उपलब्धियों को सामने रखने की तैयारी
मुख्य सचिवों के राष्ट्रीय सम्मेलन की तैयारियों को लेकर हुई यह बैठक राज्य की योजनाओं, नवाचारों और प्रशासनिक सुधारों को व्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करने की दिशा में महत्वपूर्ण है। विभागों को अपनी प्रमुख उपलब्धियों और उनसे जुड़े परिणामों की जानकारी निर्धारित समय-सीमा में तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, खनन, तकनीक आधारित सुशासन और आधारभूत संरचना जैसे क्षेत्रों में छत्तीसगढ़ के प्रयासों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत करने की तैयारी की जा रही है। साथ ही विभागीय समन्वय, समयबद्ध कार्यवाही और बेहतर निगरानी व्यवस्था पर जोर दिया गया है।
खिलौना बैंक जैसी जनभागीदारी आधारित पहल से लेकर तकनीक के प्रभावी उपयोग तक, राज्य की विभिन्न उपलब्धियों को राष्ट्रीय सम्मेलन में सामने रखने की तैयारी है। इसका उद्देश्य छत्तीसगढ़ में किए जा रहे विकास कार्यों और नवाचारों को व्यापक पहचान दिलाना है।




पाठकों की टिप्पणियां 0