स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने पोड़ी, कोरिया कॉलरी और डोमनहिल के दशहरा उत्सव में की शिरकत, बोले,धन-संपत्ति से बड़ा चरित्र, बुरे कर्मों से नहीं बचती सोने की लंका
चिरमिरी। बुराई पर अच्छाई, अधर्म पर धर्म और अहंकार पर सदाचार की विजय का प्रतीक विजयादशमी का पर्व मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में हर्षोल्लास और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ शासन के स्वास्थ्य मंत्री एवं स्थानीय विधायक श्याम बिहारी जायसवाल ने चिरमिरी के पोड़ी, कोरिया कॉलरी और डोमनहिल में आयोजित दशहरा उत्सवों में शामिल होकर रावण दहन किया। उन्होंने लोगों को सत्य, धर्म और सदाचार के मार्ग पर चलने का संदेश देते हुए विजयादशमी की शुभकामनाएं दीं।

तालाब के बीच टापू पर रावण दहन बना आकर्षण का केंद्र
कोरिया कॉलरी में आयोजित दशहरा उत्सव के दौरान तालाब के बीच स्थित टापू पर रावण के पुतले का दहन किया गया। पानी के बीच टापू पर रावण दहन का अनूठा दृश्य लोगों के आकर्षण का केंद्र रहा। इस खास नजारे को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग जुटे और उत्सव का आनंद लिया।
वहीं, डोमनहिल में भी पारंपरिक रूप से रावण दहन किया गया। दोनों स्थानों पर जय श्रीराम के जयकारों और उत्सवी माहौल के बीच लोगों ने बुराई पर अच्छाई की जीत का पर्व मनाया। पोड़ी में आयोजित कार्यक्रम में भी स्वास्थ्य मंत्री ने सहभागिता की।
सोने की लंका भी नहीं बचा सकी रावण का अहंकार
दशहरा उत्सव को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि भगवान श्रीराम ने अधर्म और अहंकार के प्रतीक रावण का अंत कर सत्य और धर्म की विजय स्थापित की। रावण के पास सोने की लंका, अपार धन-संपत्ति और शक्ति थी, लेकिन उसके अहंकार और बुरे कर्मों के कारण वह स्वयं को विनाश से नहीं बचा सका।
उन्होंने कहा कि यह प्रसंग हमें सिखाता है कि मनुष्य की वास्तविक पहचान उसकी धन-संपत्ति से नहीं, बल्कि उसके चरित्र और कर्मों से होती है। सोने का महल बनाया जा सकता है, लेकिन अच्छे चरित्र का निर्माण सद्विचारों और सत्कर्मों से ही संभव है।
भगवान श्रीराम की विजय से मिलती है एकता और सहयोग की सीख
मंत्री ने कहा कि भगवान श्रीराम ने वनवासी समुदाय, वानरों और भालुओं के सहयोग से शक्तिशाली रावण पर विजय प्राप्त की। यह प्रसंग समाज में एकता, सहयोग और सामूहिक प्रयासों के महत्व को दर्शाता है। उन्होंने लोगों से अपने जीवन में सदाचार अपनाने और समाज में सकारात्मक वातावरण बनाने की अपील की।
उन्होंने कहा कि विजयादशमी केवल रावण के पुतले का दहन करने का पर्व नहीं है, बल्कि अपने भीतर मौजूद बुराइयों को समाप्त करने का अवसर भी है। प्रत्येक व्यक्ति को अपने विचारों, वाणी और कर्मों में अच्छाई अपनाने का संकल्प लेना चाहिए। तभी दशहरा पर्व का वास्तविक उद्देश्य पूरा होगा।
डोमनहिल में स्वच्छता कर्मियों का सम्मान
डोमनहिल में आयोजित दशहरा उत्सव के दौरान स्वच्छता कर्मियों को उपहार भेंट कर मंच से सम्मानित किया गया। इस पहल के माध्यम से स्वच्छता व्यवस्था में योगदान देने वाले कर्मियों के प्रति सम्मान व्यक्त किया गया।

कार्यक्रम में एसईसीएल के सीजीएम, चिरमिरी नगर निगम के महापौर राम नरेश राय, सभापति संतोष सिंह, कुरासिया एवं चिरमिरी सब एरिया के अधिकारी, एल्डरमैन, एमआईसी सदस्य, पार्षद और मंडल अध्यक्ष पुरुषोत्तम सोनकर सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
हजारों लोगों ने उत्साह के साथ मनाया दशहरा
तीनों स्थानों पर आयोजित दशहरा कार्यक्रमों में लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विशेष रूप से कोरिया कॉलरी में तालाब के बीच टापू पर हुए रावण दहन ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। वहीं, डोमनहिल में पारंपरिक रावण दहन, जय श्रीराम के जयकारों और स्वच्छता कर्मियों के सम्मान ने आयोजन को विशेष बनाया।
दशहरा उत्सव के माध्यम से लोगों ने सत्य, धर्म, सदाचार और बुराई पर अच्छाई की विजय का संदेश आत्मसात किया।




पाठकों की टिप्पणियां 0