दो दशक की सामाजिक साधना के बाद नई पहल; लोकसंस्कृति, जनजातीय परंपराओं और जनजागरूकता को मिलेगा मंच
कुनकुरी/जशपुर। जशपुर जिले में सामुदायिक रेडियो स्टेशन की स्थापना की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। कुनकुरी से प्रस्तावित ‘जशपुरांचल FM 88.4 MHz’ को वायरलेस ऑपरेटिंग लाइसेंस देने का निर्णय भारत सरकार के संचार मंत्रालय के दूरसंचार विभाग ने लिया है। इससे स्थानीय संस्कृति, लोककला और जनहितकारी जानकारियों को रेडियो के माध्यम से लोगों तक पहुंचाने की पहल को आगे बढ़ने की उम्मीद है।
ग्रामीण शिक्षा, सामाजिक विकास और जनकल्याण के क्षेत्र में करीब दो दशकों से सक्रिय जशपुरांचल सोसाइटी फॉर रूरल एजुकेशन एंड कंप्यूटर टेक्नोलॉजी इस पहल के जरिए जशपुर की स्थानीय पहचान को एक नया मंच देना चाहती है।
बांस के एंटीना से शुरू हुआ सपना
इस पहल के पीछे लगभग दस वर्ष पुराना प्रयास है। संस्था से जुड़े संदीप कुमार गुप्ता ने सीमित संसाधनों के बीच बांस के एंटीना की मदद से एफएम रेडियो शुरू करने का सपना देखा था। समय के साथ यह प्रयास सामुदायिक रेडियो स्टेशन स्थापित करने की योजना में बदल गया है। अब वायरलेस ऑपरेटिंग लाइसेंस देने के निर्णय से इस यात्रा को महत्वपूर्ण पड़ाव मिला है।
इस पहल में संस्था के अध्यक्ष राजेंद्र गुप्ता और संदीप कुमार गुप्ता की प्रमुख भूमिका रही है। इसका उद्देश्य स्थानीय प्रतिभाओं को पहचान दिलाने के साथ क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक सरोकारों को व्यापक मंच प्रदान करना है।
जशपुर की लोकसंस्कृति और जनजातीय परंपराओं को मिलेगा मंच
जशपुर अपनी प्राकृतिक सुंदरता के साथ जनजातीय परंपराओं, लोकगीतों, लोकनृत्यों और सांस्कृतिक विविधता के लिए भी जाना जाता है। प्रस्तावित रेडियो स्टेशन के माध्यम से स्थानीय कलाकारों, लोकगायकों, साहित्यकारों, युवाओं और क्षेत्र की प्रतिभाओं को मंच देने की परिकल्पना है।
स्थानीय बोलियों, लोककथाओं, पारंपरिक गीतों और जनजीवन से जुड़े अनुभवों को प्रसारण में शामिल कर सांस्कृतिक विरासत को सहेजने और नई पीढ़ी तक पहुंचाने में मदद मिल सकती है।
सरकारी योजनाओं से शिक्षा और कृषि तक उपयोगी जानकारी
प्रस्तावित सामुदायिक रेडियो पर मनोरंजन के साथ जनहितकारी विषयों को भी प्राथमिकता देने की योजना है। शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, रोजगार, महिला सशक्तीकरण, सरकारी योजनाओं और ग्रामीण विकास से संबंधित जानकारियां सरल भाषा में लोगों तक पहुंचाई जा सकती हैं।
इसके अलावा किसानों के अनुभव, महिलाओं की उपलब्धियां, युवाओं के नवाचार, विद्यार्थियों की प्रतिभा और स्थानीय उद्यमियों की सफलता की कहानियों को भी स्थान मिलने की संभावना है। इससे ग्रामीण समुदायों को अपनी समस्याएं और उपलब्धियां सामने रखने का अवसर मिल सकता है।
31 अगस्त के निर्णय पत्र में 88.4 MHz आवृत्ति का उल्लेख
संस्था को जारी 31 अगस्त 2026 के निर्णय पत्र में भारत सरकार के संचार मंत्रालय के दूरसंचार विभाग के वायरलेस प्लानिंग एंड कोऑर्डिनेशन विंग ने वायरलेस ऑपरेटिंग लाइसेंस देने का निर्णय दर्ज किया है। दस्तावेज में 88.400000 MHz आवृत्ति का उल्लेख है। आवेदन संख्या NW034320260607964 के तहत 11 जुलाई 2026 को आवेदन किया गया था।
यह निर्णय रेडियो स्टेशन की स्थापना की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। हालांकि, नियमित प्रसारण शुरू होने से पहले आवश्यक औपचारिकताओं को पूरा किया जाना बाकी है।
अब जशपुर की अपनी आवाज सुनने का इंतजार
जशपुरांचल सोसाइटी की यह पहल स्थानीय संस्कृति को संरक्षित करने, जनजागरूकता बढ़ाने और ग्रामीण प्रतिभाओं को सामने लाने का माध्यम बन सकती है। यदि स्टेशन आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद प्रसारण शुरू करता है, तो कुनकुरी से जशपुर के लोगों की आवाज, उनकी परंपराएं और जनहित से जुड़े मुद्दे श्रोताओं तक पहुंच सकेंगे।
बांस के एंटीना से शुरू हुआ सपना अब सामुदायिक रेडियो स्टेशन की स्थापना की दिशा में आगे बढ़ रहा है। ‘जशपुरांचल FM 88.4 MHz’ से जशपुर की माटी, बोली और संस्कृति को नई पहचान मिलने की उम्मीद है।




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