45वें इंडिया इंटरनेशनल ट्रेड फेयर में छत्तीसगढ़ के हस्तशिल्प, मिलेट, हर्बल उत्पादों और लोक संस्कृति की होगी खास झलक
रायपुर, 21 अक्टूबर 2026। नई दिल्ली के भारत मंडपम में 14 से 27 नवंबर 2026 तक आयोजित होने वाले 45वें इंडिया इंटरनेशनल ट्रेड फेयर में छत्तीसगढ़ अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, पारंपरिक हस्तशिल्प, स्थानीय उत्पादों और औद्योगिक विकास की झलक प्रस्तुत करेगा। मेले में छत्तीसगढ़ का भव्य पवेलियन तैयार किया जाएगा, जहां प्रदेश के हस्तशिल्पियों, स्व-सहायता समूहों, बुनकरों और स्थानीय उद्यमियों को अपने उत्पादों के प्रदर्शन एवं बिक्री के लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच मिलेगा।
इस वर्ष व्यापार मेले की थीम ‘विकास और विरासत’ रखी गई है। इसी के अनुरूप छत्तीसगढ़ पवेलियन में राज्य की पारंपरिक कला, लोक संस्कृति, कृषि उत्पादों, मिलेट, वनोपज, हर्बल उत्पादों और औद्योगिक संभावनाओं को आकर्षक ढंग से प्रदर्शित करने की तैयारी की जा रही है।
मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक
व्यापार मेले में छत्तीसगढ़ की भागीदारी की तैयारियों को लेकर 21 अक्टूबर को मंत्रालय महानदी भवन में मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में पवेलियन के निर्माण, सुरक्षा, ब्रांडिंग, उत्पादों के प्रदर्शन, बिक्री और सांस्कृतिक कार्यक्रमों सहित विभिन्न व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई।
मुख्य सचिव ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को सभी तैयारियां निर्धारित समय-सीमा में और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने मेले में छत्तीसगढ़ की कला, संस्कृति, स्थानीय उत्पादों और औद्योगिक विकास को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने पर जोर दिया।
कोदो, कुटकी और रागी सहित मिलेट उत्पाद होंगे आकर्षण
छत्तीसगढ़ पवेलियन में प्रदेश के पारंपरिक कृषि उत्पादों और मिलेट को विशेष स्थान दिया जाएगा। कृषि एवं किसान कल्याण तथा उद्यानिकी विभाग को कोदो, कुटकी, रागी और अन्य स्थानीय उत्पादों का आकर्षक प्रदर्शन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
मिलेट आधारित उत्पादों के माध्यम से प्रदेश की कृषि विविधता और स्थानीय उत्पादों की संभावनाओं को सामने लाने का प्रयास किया जाएगा। इससे छत्तीसगढ़ के किसानों, उत्पादकों और स्थानीय उद्यमियों को अपने उत्पादों की पहचान बढ़ाने का अवसर मिल सकता है।
हर्बल उत्पादों और वनोपज की होगी प्रदर्शनी
छत्तीसगढ़ की वन संपदा और लघु वनोपज भी पवेलियन का प्रमुख हिस्सा होंगे। वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग को लघु वनोपज संघ के माध्यम से छत्तीसगढ़ के हर्बल उत्पादों के प्रदर्शन और बिक्री की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रदेश में उपलब्ध वन आधारित उत्पादों और उनसे तैयार होने वाली वस्तुओं को व्यापक बाजार तक पहुंचाने के उद्देश्य से इनकी प्रस्तुति पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
औद्योगिक विकास नीति और निवेश योजनाओं का होगा प्रचार
व्यापार मेले में छत्तीसगढ़ की औद्योगिक संभावनाओं को भी प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाएगा। पवेलियन के नोडल विभाग वाणिज्य एवं उद्योग विभाग को राज्य की नवीन औद्योगिक विकास नीति 2024-2030 और विभिन्न निवेश योजनाओं का प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए हैं।
इस पहल के माध्यम से संभावित निवेशकों, उद्यमियों और व्यावसायिक प्रतिनिधियों तक प्रदेश में उपलब्ध औद्योगिक अवसरों की जानकारी पहुंचाने पर जोर रहेगा। पवेलियन में छत्तीसगढ़ की आर्थिक गतिविधियों और विकास की संभावनाओं को भी प्रस्तुत किया जाएगा।
हथकरघा और हस्तशिल्प उत्पादों को मिलेगा बाजार
छत्तीसगढ़ के पारंपरिक हस्तशिल्प और हथकरघा उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए ग्रामोद्योग विभाग के अंतर्गत हथकरघा बुनकर सहकारी संघ और ‘शबरी’ के माध्यम से प्रदर्शन एवं बिक्री की तैयारियों की समीक्षा की गई।
मेले में स्थानीय कारीगरों और बुनकरों के उत्पादों को प्रदर्शित करने की योजना है। इससे पारंपरिक कला को व्यापक पहचान दिलाने के साथ स्थानीय उत्पादों के लिए नए बाजार और संभावित ग्राहकों तक पहुंच बनाने का अवसर मिलेगा।
लोक कलाकारों की प्रस्तुतियों से सजेगा छत्तीसगढ़ पवेलियन
व्यापार मेले के दौरान छत्तीसगढ़ पवेलियन में राज्य दिवस का आयोजन भी किया जाएगा। इस अवसर पर प्रदेश की लोक संस्कृति और पारंपरिक कलाओं पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने की तैयारी की जा रही है।
मुख्य सचिव ने संबंधित अधिकारियों को राज्य दिवस के कार्यक्रमों की रूपरेखा समय रहते तैयार करने के निर्देश दिए। लोक कलाकारों की प्रस्तुतियों के माध्यम से छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विविधता और परंपराओं को देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले दर्शकों के सामने प्रस्तुत किया जाएगा।
इसके साथ ही पर्यटन विभाग को प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों की जानकारी प्रदर्शित करने तथा संस्कृति विभाग को सांस्कृतिक कार्यक्रमों की तैयारियां सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है।
14 से 27 नवंबर तक चलेगा व्यापार मेला
नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित होने वाला 45वां इंडिया इंटरनेशनल ट्रेड फेयर 14 नवंबर से 27 नवंबर 2026 तक चलेगा। जारी जानकारी के अनुसार, 14 से 18 नवंबर तक का समय विशेष रूप से व्यापारिक एवं व्यावसायिक आगंतुकों के लिए निर्धारित है। इसके बाद आम जनता के लिए भी मेले में शामिल होने का अवसर रहेगा और आयोजन 27 नवंबर तक चलेगा।
यह व्यापार मेला छत्तीसगढ़ के स्थानीय उत्पादों, पारंपरिक शिल्प, कृषि आधारित उद्योगों, पर्यटन और निवेश संभावनाओं को व्यापक स्तर पर प्रस्तुत करने का अवसर होगा।
बैठक में ये अधिकारी रहे उपस्थित
समीक्षा बैठक में प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री अरुण पाण्डेय, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव श्री रजत कुमार, वित्त एवं जनसंपर्क विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, संस्कृति एवं पर्यटन विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, संचालक जनसंपर्क श्री आशीष टिकरिया और सीएसआईडीसी के प्रबंध संचालक श्री विश्वेश कुमार सहित वाणिज्य एवं उद्योग तथा अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
छत्तीसगढ़ की पहचान को राष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शित करने की तैयारी
45वें इंडिया इंटरनेशनल ट्रेड फेयर में छत्तीसगढ़ की भागीदारी का उद्देश्य प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत, पारंपरिक कौशल, स्थानीय उत्पादों और औद्योगिक विकास की संभावनाओं को एक मंच पर प्रस्तुत करना है। हस्तशिल्प से लेकर मिलेट, हर्बल उत्पादों, हथकरघा और पर्यटन तक, पवेलियन के माध्यम से छत्तीसगढ़ की विविध पहचान को देश-दुनिया के सामने लाने की तैयारी की जा रही है।




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