वन-वे व्यवस्था लागू कर यातायात संभाले प्रशासन, श्रद्धालुओं की सुविधा और छोटे दुकानदारों की आजीविका का भी रखे ध्यान : शिवांश जैन
चिरमिरी। चिरमिरी में दुर्गा पूजा के दौरान दोपहिया वाहनों पर प्रतिबंध लगाने के पुलिस प्रशासन के फैसले को लेकर विरोध के स्वर उठने लगे हैं। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी चिरमिरी के अध्यक्ष शिवांश जैन ने इस निर्णय पर आपत्ति जताते हुए कहा कि दुर्गा पूजा चिरमिरी का सबसे बड़ा और लोकप्रिय धार्मिक आयोजन है। ऐसे में सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के नाम पर आम जनता की परेशानी बढ़ाना उचित नहीं है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि चिरमिरी की दुर्गा पूजा की रौनक कम करने वाला फैसला स्वीकार नहीं किया जाएगा।
शिवांश जैन ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि चिरमिरी में दुर्गा पूजा का पर्व वर्षों से पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जाता रहा है। इस दौरान हजारों लोग अपने परिवार के साथ विभिन्न दुर्गा पूजा पंडालों में दर्शन करने पहुंचते हैं। मेले में घूमना, खान-पान की दुकानों का आनंद लेना और बच्चों के लिए खिलौने खरीदना इस उत्सव का अभिन्न हिस्सा है। दुर्गा पूजा न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि यह सामाजिक मेल-मिलाप और स्थानीय व्यापारियों की आजीविका से भी जुड़ी हुई है।
उन्होंने कहा कि दुर्गा पूजा के दौरान भीड़ को नियंत्रित करना और यातायात व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है। सुरक्षा के लिहाज से बड़े वाहनों पर प्रतिबंध लगाने जैसे कदमों पर विचार किया जा सकता है, लेकिन दोपहिया वाहनों पर भी प्रतिबंध लगाने से आम श्रद्धालुओं को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। खासकर परिवार के साथ पूजा पंडालों में पहुंचने वाले लोगों के लिए आवागमन कठिन हो सकता है।
वन-वे व्यवस्था से निकाला जा सकता है समाधान
ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष शिवांश जैन ने कहा कि यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए प्रशासन के पास अन्य विकल्प भी मौजूद हैं। प्रशासन चाहे तो दुर्गा पूजा मार्ग पर वन-वे व्यवस्था लागू कर सकता है। इसके तहत एक मार्ग से प्रवेश और दूसरे मार्ग से निकासी की व्यवस्था की जा सकती है। इससे भीड़ और यातायात को नियंत्रित करने के साथ श्रद्धालुओं के आवागमन को भी सुगम बनाया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि किसी भी व्यवस्था को लागू करने से पहले आम जनता की सुविधा, धार्मिक आस्था और स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखना जरूरी है। केवल प्रतिबंध लगाना ही यातायात प्रबंधन का एकमात्र विकल्प नहीं हो सकता। बेहतर योजना और उचित मार्ग निर्धारण के जरिए सुरक्षा तथा जनसुविधा के बीच संतुलन बनाया जा सकता है।
छोटे दुकानदारों की आजीविका का भी उठाया मुद्दा
शिवांश जैन ने कहा कि दुर्गा पूजा के दौरान फुल्की, चाट, खिलौने और अन्य सामान बेचने वाले छोटे दुकानदारों को भी इस आयोजन से रोजगार मिलता है। त्योहार के दिनों में होने वाली बिक्री से कई परिवारों की आय जुड़ी रहती है। यदि आवागमन प्रभावित होता है, तो इसका असर मेले की रौनक के साथ छोटे व्यापारियों के कारोबार पर भी पड़ सकता है।
उन्होंने प्रशासन से मांग की कि किसी भी निर्णय को लागू करने से पहले उसके सामाजिक और आर्थिक प्रभावों पर भी विचार किया जाए। त्योहारों का उद्देश्य लोगों को जोड़ना, खुशियां बांटना और धार्मिक परंपराओं को आगे बढ़ाना है। इसलिए ऐसी व्यवस्था बनाई जानी चाहिए, जिससे श्रद्धालु बिना अनावश्यक परेशानी के पूजा-अर्चना कर सकें और स्थानीय दुकानदारों को भी नुकसान न उठाना पड़े।
जनसुविधा को प्राथमिकता देने की मांग
शिवांश जैन ने कहा कि ब्लॉक कांग्रेस कमेटी चिरमिरी प्रशासन के इस निर्णय का विरोध करती है। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि यातायात और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करते हुए आम जनता की सुविधा, धार्मिक आस्था तथा स्थानीय व्यापारियों की आजीविका का भी ध्यान रखा जाए।
उन्होंने कहा कि प्रशासन को ऐसा व्यावहारिक विकल्प अपनाना चाहिए, जिससे दुर्गा पूजा का उत्साह और परंपरागत रौनक बरकरार रहे। त्योहार जनता के लिए होते हैं, जनता को परेशान करने के लिए नहीं।




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