मानदेय बढ़ाकर ₹30,870 प्रतिमाह करने का प्रस्ताव तैयार, मूल मानदेय ₹19,500 और 58% महंगाई भत्ता शामिल
रायपुर, 21 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ के स्वयंसेवी नगर सैनिकों (होमगार्ड जवानों) के लिए मानदेय में बढ़ोतरी से जुड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अग्निशमन सेवाओं, आपदा प्रबंधन और अन्य आवश्यक कार्यों में तैनात नगर सैनिकों का मानदेय बढ़ाकर 30,870 रुपये प्रतिमाह करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इससे प्रदेश के लगभग 7,900 नगर सैनिकों और उनके परिवारों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर तथा गृह मंत्री श्री विजय शर्मा के मार्गदर्शन में गृह विभाग ने मानदेय में वृद्धि की अनुशंसा की है। हालांकि, प्रस्तावित राशि को अंतिम स्वीकृत मानदेय मानने से पहले शासन के अंतिम आदेश की पुष्टि आवश्यक है।
नए प्रस्ताव में कैसे तय होगा 30,870 रुपये का मानदेय?
गृह विभाग द्वारा तैयार प्रस्ताव के अनुसार नगर सैनिकों के मानदेय में मूल राशि के साथ महंगाई भत्ता और वर्दी धुलाई भत्ता शामिल किया गया है।
- मूल मानदेय: 19,500 रुपये प्रतिमाह
- महंगाई भत्ता: 58 प्रतिशत के हिसाब से 11,310 रुपये
- वर्दी धुलाई भत्ता: 60 रुपये प्रतिमाह
- कुल प्रस्तावित मानदेय: 30,870 रुपये प्रतिमाह
इस गणना के अनुसार नगर सैनिकों को प्रतिदिन औसतन 1,029 रुपये के बराबर मानदेय निर्धारित होता है। वास्तविक भुगतान शासन के लागू आदेश और ड्यूटी संबंधी नियमों के अनुसार होगा।
पहले कितना मिलता था मानदेय?
छत्तीसगढ़ में नगर सैनिकों के मानदेय में पहले भी समय-समय पर वृद्धि की गई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, वर्ष 2017 में गृह विभाग के आदेश के तहत मानदेय में 3,200 रुपये की वृद्धि की गई थी। इससे मानदेय 10,000 रुपये से बढ़कर 13,200 रुपये प्रतिमाह हो गया था।
इसके बाद 30 मई 2023 को जारी आदेश के तहत 1 अप्रैल 2023 से प्रभावी मानदेय में 6,300 रुपये की वृद्धि की गई। इस संशोधन के बाद नगर सैनिकों का मूल मानदेय 19,500 रुपये प्रतिमाह निर्धारित हुआ था।
अब प्रस्तावित संशोधन लागू होने पर मूल मानदेय के अतिरिक्त महंगाई भत्ते और वर्दी धुलाई भत्ते के कारण कुल मासिक राशि 30,870 रुपये हो जाएगी।
न्यायालय के निर्देश और महंगाई को ध्यान में रखकर पहल
गृह विभाग की अनुशंसा के पीछे माननीय न्यायालय के निर्देशों, बढ़ती महंगाई और नगर सैनिकों की जिम्मेदारियों को महत्वपूर्ण आधार बताया गया है। नगर सैनिक प्रदेश में कानून-व्यवस्था बनाए रखने, यातायात प्रबंधन, अग्निशमन, आपदा के दौरान राहत कार्यों और अन्य आवश्यक सेवाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कई परिस्थितियों में नगर सैनिकों को चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में ड्यूटी करनी पड़ती है। ऐसे में मानदेय में प्रस्तावित वृद्धि से उनके परिवारों को आर्थिक सहारा मिलने और सेवाओं के प्रति उनका मनोबल बढ़ने की उम्मीद है।
लगभग 7,900 नगर सैनिकों को मिलेगा लाभ
प्रस्तावित वृद्धि का सबसे बड़ा लाभ प्रदेश के लगभग 7,900 नगर सैनिकों को मिलने की संभावना है। मानदेय में बढ़ोतरी से उनके मासिक भुगतान में वृद्धि होगी और घरेलू खर्चों, बच्चों की शिक्षा तथा अन्य आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद मिल सकती है।
नगर सैनिकों ने मानदेय वृद्धि की पहल के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और गृह मंत्री श्री विजय शर्मा के प्रति आभार व्यक्त किया है।
शासन के अंतिम आदेश पर रहेगी नजर
नगर सैनिकों के लिए प्रस्तावित मानदेय वृद्धि राहत देने वाली पहल है। हालांकि, नई राशि किस तारीख से लागू होगी, भुगतान की प्रक्रिया क्या होगी और सभी पात्र नगर सैनिकों को इसका लाभ किस प्रकार मिलेगा, इसकी स्पष्टता शासन के अंतिम आदेश से ही होगी।
निष्कर्ष: छत्तीसगढ़ में नगर सैनिकों का कुल प्रस्तावित मानदेय 30,870 रुपये प्रतिमाह निर्धारित किया गया है। प्रस्ताव को अंतिम स्वीकृति और लागू होने की तारीख संबंधी आधिकारिक आदेश के बाद ही इसे लागू मानदेय के रूप में निश्चित किया जा सकेगा।




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