स्वयं से पहले आप के मूल मंत्र को अपनाना होगा

स्वयं से पहले आप के मूल मंत्र को अपनाना होगा

राष्ट्रीय सेवा योजना सलाहकार समिति की 21वीं बैठक सम्पन्न

इंदिरा गांधी कृषि विश्व विद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना सलाहकार समिति की 21वीं बैठक का आज यहां कृषि महाविद्यालय रायपुर के सभाकक्ष में आयोजन किया गया, जिसमें समाज सेवा, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण एवं युवा सशक्तिकरण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक चर्चा हुई।कुलपति डॉ गिरीश चंदेल की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक की शुरुआत अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ. संजय शर्मा द्वारा “स्वयं से पहले आप” के प्रेरणादायक संदेश के साथ की गई। उन्होंने स्वच्छता को जीवनशैली का अभिन्न हिस्सा बनाने पर जोर दिया। इसके पश्चात राष्ट्रीय सेवा योजना की राज्य समन्वयक डॉ. नीता बाजपेयी ने रक्तदान के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि यह आपातकालीन परिस्थितियों में जीवन बचाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है और इसके प्रति जन-जागरूकता आवश्यक है। डॉ. गिरीश चंदेल ने विश्वविद्यालय परिसर में स्वच्छता को जन-अभियान के रूप में संचालित करने का सुझाव देते हुए विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी पर बल दिया। 
बैठक में ”Green Army NGO” के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण, जल स्रोतों की सफाई, वृक्षारोपण तथा नशा मुक्ति जैसे कार्यों पर विशेष चर्चा की गई। जल संरक्षण के संदर्भ में यह चिंता व्यक्त की गई कि बढ़ते प्रदूषण के कारण जल स्रोत प्रभावित हो रहे हैं तथा लगभग 30% पेयजल व्यर्थ हो रहा है। इस पर समाधानात्मक पहल करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। सिंगल-यूज़ प्लास्टिक के उपयोग को समाप्त करने तथा प्लास्टिक बोतलों के प्रयोग को कम करने का संकल्प भी लिया गया। डॉ. रत्ना नशीने ने राष्ट्रीय सेवा योजना के माध्यम से युवाओं को समाज सेवा से जोड़ने की आवश्यकता पर बल देते हुए अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने अबूझमाड़ में पीस मैराथन, “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान, वीड मैनेजमेंट, टीकाकरण कार्यक्रम एवं मिलेट्स मिशन जैसी गतिविधियों का उल्लेख किया। प्रशिक्षण एवं उपलब्धियों के अंतर्गत विद्यार्थियों को PTI प्रशिक्षण एवं राष्ट्रीय पुरस्कारों के लिए तैयार करने पर भी चर्चा हुई, जिससे उनका समग्र विकास सुनिश्चित किया जा सके। 

डॉ. आशुतोष ने कार्यशालाओं एवं बैठकों को ज्ञान और जागरूकता का महत्वपूर्ण माध्यम बताया, वहीं साक्षी सिंह ने राष्ट्रीय सेवा योजना के माध्यम से पिछले चार वर्षों में हुए कार्यों की सराहना करते हुए पर्यावरण क्षेत्र में और अधिक प्रयासों की आवश्यकता जताई। अंत में डॉ. सुबुही निषाद ने रक्तदान एवं सामाजिक जागरूकता कार्यक्रमों को नियमित रूप से आयोजित करने पर जोर दिया, विशेषकर महिलाओं, युवाओं एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को जागरूक करने की आवश्यकता बताई। कार्यक्रम के समापन पर सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। राष्ट्रीय सेवा योजना परिवार के सभी सदस्यों ने “स्वयं से पहले आप” के मूल मंत्र को अपनाते हुए समाज सेवा के प्रति निरंतर समर्पित रहने का संकल्प लिया।