नक्सलवाद पर सियासत : भूपेश बघेल ने अमित शाह को बहस की दी चुनौती, इधर सीएम साय बोले – नक्सलवाद खत्म करने का संकल्प पूरा, अब तेजी से बस्तर का होगा विकास

नक्सलवाद पर सियासत : भूपेश बघेल ने अमित शाह को बहस की दी चुनौती, इधर सीएम साय बोले – नक्सलवाद खत्म करने का संकल्प पूरा, अब तेजी से बस्तर का होगा विकास

छत्तीसगढ़ समेत पूरे देश से नक्सलवाद समाप्त हो चुका है। वहीं इस मामले पर सियासत भी शुरू हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को नक्सलवाद के मुद्दे पर बहस की चुनौती दी है। बघेल ने कहा है कि कांग्रेस की सरकार में नक्सल समस्या को खत्म करने केंद्र की भाजपा सरकार को पूरा सहयोग किया गया था, लेकिन अमित शाह ने संसद में नक्सलवाद पर चर्चा के दौरान यह झूठ कहा कि कोई सहयोग नहीं किया था। सच्चाई यो यह है कि मदद भी किया गया था। साथ नक्सल मोर्चे पर जोखिम लेकर हमारी सरकार ने विकास के अनेक कार्य किए थे।

वहीं नक्सलवाद को लेकर सीएम विष्णुदेव साय ने कहा है कि आज 31 मार्च का ये दिन प्रदेश के लिए ऐतिहासिक दिन है। हमारे जवानों के साहस से छत्तीसगढ़ से नक्सलवाद समाप्त हुआ है। इसके लिए प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री का बहुत-बहुत धन्यवाद करते हैं। नक्सलवाद छत्तीसगढ़ के विकास में बड़ा बाधक था। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 2024 में नक्सलवाद खत्म करने का संकल्प लिया था और उनका संकल्प पूरा हुआ है। अब बस्तर क्षेत्र बहुत तेजी से विकास करेगा।

झूठ बोल रहे भूपेश बघेल : सीएम साय

नक्सलवाद और कांग्रेस के आरोपों पर सीएम साय ने कहा कि भूपेश बघेल ने जो कहा है वह असत्य है। अपनी कमजोरी को छुपाने के लिए उन्होंने ऐसा कहा है। दिसंबर 2023 में सरकार आने के बाद अगले ही महीने नक्सल प्रभावित प्रदेश की समीक्षा हुई और उसमें पता चला कि 75 फीसदी नक्सलवाद छत्तीसगढ़ में है। अपने 5 साल के कार्यकाल में तत्कालीन छत्तीसगढ़ सरकार माओवाद के साथ लड़ने में दृढ़ता प्रकट की होती, ठीक नियत से लड़ी होती तो ऐसा नहीं होता, लेकिन प्रदेश शासन का सहयोग केंद्र सरकार को नहीं मिला और आज अगर भूपेश बघेल इस तरह से बोलते हैं तो वो सरासर झूठ बोल रहे हैं, असत्य बोल रहे हैं।

झीरम घाटी कांड की न जांच कराए न ही जेब वाला सबूत निकला : सीएम

झीरम के सबूत को लेकर सीएम साय ने कहा कि डॉ. रमन सिंह की जब सरकार थी तो वो नेता प्रतिपक्ष थे तो कहते थे झीरम घाटी का सबूत हमारे जेब में है। सरकार में ना तो वह झीरम घाटी की जांच करवा पाए न ही जेब वाला सबूत निकला। राहुल गांधी ने जो देश जोड़ो यात्रा निकाली थी उस दरमियान उन्होंने अनेकों जगह जो नक्सली थे उनके साथ उनकी मुलाकात हुई। कई जगह नक्सलियों ने उनके साथ मंच साझा किया। जब हिडमा जैसा दुर्दांत नक्सली न्यूट्रिलाइज़ हुआ। जिसने सैंकड़ों लोगों को मारा, जिसमें हमारे जवान भी थे और जब वो स्वयं न्यूट्रिलाइज़ हुआ तो इंडिया गेट के पास कितने हिडमा मारोगे, घर-घर में हिडमा पैदा होंगे। ऐसा लोगों के द्वारा नारा लगाया गया और उसको राहुल गांधी ने ट्वीट किया तो ये क्या प्रमाणित करता है। देश जानता है कि इसके पीछे राहुल गांधी का क्या आशय है।