जनता के मंसूबों पर पानी फेर रहे नगर निगम के कुव्यवस्था पर इण्टक और लोकमंच का तीखा प्रहार,
चिरमिरी । चिरमिरी शहर के कई क्षेत्रों में जनता इस कदर त्रस्त हैं, मानों नेता एवं प्रशासनिक अधिकारी छुट्टी पर चले गए हों और पानी, बिजली तथा साफ - सफाई जैसे जरूरी मूलभूत सुविधाओं की आपूर्ति आटो-मोड यानी भगवान भरोसे चल रहा हो। शहर के सड़कों का हाल बेहाह हैं, जगह - जगह गड्ढे हैं, गर्मी के समाप्त होते ही बरसात आ जायेगी, जिससे सड़कों काम न हो पाने के कारण हालत और अधिक खराब हो जायेगी।
पेयजल को लेकर स्थिति इतनी गम्भीर है कि गोदरीपारा में पिछले दिनों सभी राजनैतिक दलों ने आम नागरिकों के साथ मिलकर संयुक्त रूप से धरना देने को बाध्य हो गए। शहर के मध्य में स्थित हल्दीबाड़ी तक में पानी की समस्या हो गई, किन्तु नगर निगम के अधिकारियों को समस्या से अवगत कराने पर वे समस्या के समाधान से ज्यादा आरोपों को सिरे से नकारने और नागरिकों के माँगों पर उच्चाधिकारियों को हर समस्या पर प्रस्ताव बनाने व स्वीकृति लेने का आडम्बरिक जवाब प्रस्तुत कर, अपना कलम बचाने में लगे रहते हैं।
शहर में सड़क, बिजली, पानी सहित मूलभूत सुविधाओं के समुचित समाधान को लेकर कांग्रेस का श्रमिक संगठन साऊथ ईस्टर्न कोयला मजदूर कांग्रेस (इण्टक) और सामाजिक संगठन लोकमंच ने जनता के समस्याओं के निराकरण के इरादे से साझा प्रयास प्रारम्भ किया है। अपने शहर के विभिन्न समस्याओं के समाधान हेतु दोनों संगठनों नें 38 बिन्दुओं पर निगम आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर सार्थक कार्यवाही की माँग रखी थी, जिस पर कोई पहल न होने के कारण संगठन ने स्मरण पत्र देकर अपने माँगों पर जनता के समस्याओं के निराकरण की माँग दोहराई है।
दोनों ही संगठन के नेताओं इण्टक अध्यक्ष अब्दुल सलीम एवं लोकमंच के अध्यक्ष पूर्व महापौर के. डोमरू रेड्डी ने पत्र में प्रशासन को अवगत कराते हुए स्पष्ट कर दिया है कि यदि 15 दिनों के अंदर निराकरण नहीं हुआ तो नगर निगम के हठधर्मिता के विरूध्द आंदोलन किया जावेगा।
गौरतलब है कि नगर निगम आयुक्त रामप्रसाद आंचला को 38 बिन्दुओं पर लिखे अपने ज्ञापन में साफ - सफाई, बिजली - पानी जैसे मूलभूत नागरिक सुविधाओं को उपलब्ध कराये जाने की माँगों के साथ - साथ, ठेका कर्मचारियों के नियमित वेतन भुगतान, उनके बीमा कर शासकीय प्रावधानों के अनुरूप सामुदायिक बीमा के श्रेणी में लाये जाने, कार्य के दौरान पेड़ से गिरकर असमय मृत्यु का शिकार हुए कर्मचारी स्व. बाबूलाल को नियमानुसार मिलने वाले बीमा राशि का भुगतान किये जाने, पीलिया से मृत लोगों के परिजनों को मुआवजा देने, कमीशन खोरी के लालच में अनावश्यक वाहनों एवं सामग्रियों की खरीदी कर फायर स्टेशन के गोदाम में सड़ाने वाले अधिकारियों पर कार्यवाही करने, नगर निगम के सिटी बस सेवा सहित एम्बुलेंस एवं शव वाहन व्यवस्था को दुरूस्थ कर लोगों को सेवा देने, पानी टंकियों एवं टैंकरों के सफाई किये जाने, सार्वजनिक शौचालयों की दुर्दशा को ठीक करने, हल्दीबाड़ी से बड़ा बाजार के जानलेवा हो चूके सड़क निर्माण करने, शहर के गड्ढों में तबदील हो चुके सड़कों के मरम्मत करने, अंतिम संस्कार हेतु मुक्तिधाम में लकड़ी व्यवस्था करने, ठण्ड के ठिठुरन भरे मौसम में अलाव की व्यवस्था न कर पाने और स्वच्छ भारत मिशन को फेल करने में लगे अक्षम अधिकारियों पर कार्यवाही करने, घड़ी चौक, रोड सेफ्टी मिरर व ओपन जीम के खराब व्यवस्थाओं को ठीक करने, पट्टा वितरण के रूके कार्यवाही को पुनः प्रारम्भ कर प्रधानमंत्री के आवास बनवाये जाने, निगम के निविदा प्रक्रिया में ठेकेदारों के बंद लिफाफे से कागजात चोरी हो जाने पर जाँच कर कार्यवाही किये जाने सहित आदि अव्यवस्थाओं के विरूध्द नेताओं ने निगम प्रशासन को समाधान की माँग रखी है। पत्र की प्रतिलिपि विधिसम्मत तरीके से कलेक्टर, एसडीएम, तहसीलदार, थाना प्रभारी को दी गई है।
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