अधिकारियों की अनैतिक मांग के खिलाफ लामबंद हुआ आंगनबाड़ी संघ, लुड़ेग में बनी निर्णायक रणनीति
लुड़ेग: छत्तीसगढ़ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संघ (पंजी. 409) की एक महत्वपूर्ण बैठक लुड़ेग परियोजना क्षेत्र के त्रिकुटीपारा में संपन्न हुई। इस बैठक में कार्यकर्ताओं ने विभागीय अधिकारियों के बढ़ते अनैतिक दबाव और भ्रष्टाचार के खिलाफ एकजुट होकर आवाज उठाने का शंखनाद किया।
अधिकारियों के 'कमीशन' और दबाव पर फूटा गुस्सा
बैठक के दौरान कार्यकर्ताओं ने अपनी समस्याओं को साझा करते हुए गंभीर आरोप लगाए। कार्यकर्ताओं ने बताया कि:
उच्च अधिकारियों द्वारा नियम विरुद्ध कार्य करने के लिए लगातार दबाव बनाया जा रहा है।
यात्रा भत्ता (TA) और अन्य वित्तीय मामलों में कमीशन की मांग कर अनियमितता बरती जा रही है।
अनैतिक मांगों को पूरा न करने पर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता है।
इन शिकायतों पर कड़ा रुख अपनाते हुए जिलाध्यक्ष श्रीमती कविता यादव ने कार्यकर्ताओं को प्रोत्साहित किया और स्पष्ट किया कि अब किसी भी सूरत में शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने सभी को सबूतों के साथ गलत के विरुद्ध मुखर होने का आह्वान किया।
प्रमुख मांगें और भविष्य की योजना
बैठक में केवल शोषण ही नहीं, बल्कि मानदेय और सुविधाओं से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई:
ईंधन राशि में वृद्धि: सहायिकाओं ने बताया कि वर्तमान में मिलने वाली 1 रुपये की ईंधन राशि अत्यंत कम है, जिसे बढ़ाकर 10 रुपये करने की मांग रखी गई।
पेंशन का मुद्दा: सेवानिवृत्ति के बाद सुरक्षा के लिए शासन-प्रशासन से पेंशन योजना लागू करने की मांग पर रणनीति बनी।
संगठनात्मक मजबूती: संघ ने निर्णय लिया कि शासन तक अपनी आवाज पहुंचाने के लिए जल्द ही एक सामूहिक कार्ययोजना तैयार कर कार्यवाही की जाएगी।
इनकी रही गरिमामय उपस्थिति
बैठक में जिला और ब्लॉक स्तर के पदाधिकारियों सहित सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल हुए, जिनमें प्रमुख रूप से:
श्रीमती कविता यादव (जिलाध्यक्ष)
ग्लोरिया तिग्गा (परियोजना अध्यक्ष, लुड़ेग)
ललिता यादव (सेक्टर अध्यक्ष, लुड़ेग)
उर्मिला यादव (सेक्टर अध्यक्ष, पाकरगांव)
इंद्रावती एक्का (सेक्टर अध्यक्ष, घरजीयाबथान)
गीता यादव (सेक्टर अध्यक्ष, कुकरगांव)
रेखा नाग (सेक्टर अध्यक्ष, डुमरबहार)
सौदामनी (सेक्टर अध्यक्ष, शेखरपुर) एवं सुश्री जायत्री यादव उपस्थित रहीं।
निष्कर्ष: लुड़ेग की इस बैठक ने यह साफ कर दिया है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अब अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हैं और भ्रष्टाचार के खिलाफ किसी भी स्तर तक लड़ने को तैयार हैं।













