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शिक्षा विभाग के सारे दावे यहाँ हो रहा खोखला साबित,अस्वस्थ प्रधानपाठक के भरोसे 24 बच्चे-05 क्लास,,,,, इस विद्यालय में छात्र छात्राओं के साथ हो रहा है सौतेला व्यवहार,,,यहाँ शिक्षा व्यवस्था की खुली पोल

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निरंजन मोहन्ती नारायणपुर

नारायणपुर- शिक्षा का गुणवत्ता सुधारने की मुहिम में जशपुर जिला का शिक्षा विभाग ने कुनकुरी विकास खण्ड सेन्द्रिमुंडा पंचयात के ग्राम पुटुकेला के प्राथमिक शाला के साथ सौतेला व्यवहार किया है यह आरोप यहाँ अध्ययनरत बच्चे व उनके पालक शिक्षा विभाग सहित जिला प्रशासन पर लगा रहे हैं।यहाँ 24 छात्र व छात्राओं के पीछे 5 क्लास में सिर्फ 1 शिक्षक का पदस्थापना कर बच्चों के भविष्य से खेलवाड़ किया जा रहा है जबकि यहाँ 01 से 05 कक्षा के लिये कम से कम 2 से 3 शिक्षक की आवश्यकता है।लेकिन एकल शिक्षक (वह भी स्वास्थ से बीमार) के भरोसे विद्यालय का दारोमदार दे देने से यहाँ का शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गया है,जिस कारण बच्चों का भविष्य अँधेरे में जाता पलकों को नजर आ रहा है। 

ज्ञात हो की कुनकुरी विकासखण्ड क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सेन्द्रीमुंडा के आश्रित ग्राम पुटुकेला स्थित प्राथमिक शाला में बच्चों की दर्ज संख्या 24 है,जबकि यहाँ पहली से लेकर पांचवीं तक की नियमित कक्षाएं लगती हैं,यहाँ इतने कक्षाओं के लिए 10 साल पूर्व शिक्षा विभाग के तरफ से मात्र 1 प्रधानपाठक भंवर साय कुलदीप का भर्ती किया गया जो बीते साल 2013 से आज पर्यन्त तक नस की गंभीर बिमारी से जूझ रहा है,2013 में शारीरिक अस्वस्थता के कारण उक्त प्रधान पाठक का चलना फिरना भी बमुश्किल हो रहा है,लेकिन नोकरी की खातिर किसी तरह अन्य व्यक्ति का सहारा लेकर एक डंडा के माध्यम से विद्यालय पहुँच रहे हैं।उक्त समस्या को देखकर ग्रामीणों के द्वारा मांग किया गया था कि यहाँ एक शिक्षक का भर्ती कम से कम बच्चों के उज्ज्वल भविष्य को ध्यान में रखकर किया जाये जिसके बाद 21 सितंबर को जगतपाल राम नामक शिक्षक का भर्ती 21 सितंबर 2019 को यहाँ किया गया लेकिन पदस्थ होने के दो माह बाद ही 18 नवंबर 2019 को उक्त शिक्षक को जिला शिक्षा अधिकारी ने  कहीं अन्यत्र अटैच कर फिर से यहाँ के बच्चों के भविष्य के साथ खेलवाड़ किया है।अब यहाँ फिर से शिक्षकों की कमी के कारण बच्चों का पढ़ाई प्रभावित हो रहा है,चूँकि अब परीक्षा को लेकर समय भी कम बचा है ऊपर से बच्चों का कोर्स भी अधूरा है जिस कारण बच्चे सहित अभिभावक काफी चिंतित हैं।उक्त घटना शिक्षा विभाग के शिक्षा के प्रति सजग व गुणवत्तायुक्त शिक्षा उपलब्ध कराने के सारे दावे को खोखला साबित कर रहा है।यहाँ दर्ज बच्चे व अभिभावक शिक्षक की मांग जिला प्रशासन सहित शिक्षा विभाग से कर रहे हैं। वन्ही शिक्षक से सवाल करने पर बताया कि मुझे नस की बीमारी 6 साल पूर्व से मैं वैशाखी के माध्यम से किसी तरह स्कूल पहुंचता हु अपनी आवाज कर पढ़ाता हु तो पूरा शरीर मे दर्द होना शुरू हो जाता है दर्द होने की वजह से बात भी ज्यादा नही कर पाता हूं, मेरे द्वारा संकुल से कई सालों से एक शिक्षक व्यवस्ता के लिए बोल रहा हु पर व्यवस्था नही की गई बीच मे एक शिक्षक की व्यवस्था हुई थी पर दो माह भी उक्त शिक्षक को अन्यंत्र जगह भेज दिया गया,पढ़ाई के साथ मुझे कई तरह की जानकारी भी भेजना होता है अकेला होने की वजह से मुझे बहुत ज्यादा परेशानी हो रही है। 

         सरकार एक तरफ बेटी पढ़ाओ ओर बेटी बचाओ का नारा दे रही है वन्ही इस विद्यालय में छात्राओं की संख्या छात्रों से अधिक है,सरकार की बेटी पढ़ाओ वाली दावा की पोल खुलती नजर आ रही है,दूसरी ऒर गुणवक्ता की बात भी की जाती है ऐसे में गुणवक्ता कन्हा से मिलेगी। इस विद्यालय में शासन प्रशासन बेटी पढ़ाओ को अगर गम्भीरता दिखाए तो तत्काल यंहा शिक्षक की व्यवस्था करे और बच्चों का भविष्य को संवारें।

यू डी मिंज विधायक कुनकुरी:-

इस विद्यालय में एकल शिक्षक की जानकारी आपके माध्यम से मुझे मिली,मैं तत्काल शिक्षा विभाग के संबधित अधिकारी को फोन के माध्यम से शिक्षक की व्यवस्था जल्द से जल्द करने को निर्देशित कर दिया है।

पी के भट्टनागर विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी कुनकुरी:-

 

 पुटुकेला में एकल शिक्षक है शिक्षक का स्वास्थ्य सही नही रहता है,ग्राम पंचायतों के चुनाव पश्चायत एक ओर शिक्षक की व्यवस्था कर दी जाएगी।

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