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स्टापडेम सह रपटा बन जाने से श्रद्धालुओं को नगरवन में स्थित ऐतिहासिक शिव मंदिर पहुंचने में होगी आसानी,वहीं किसानों को भी होगा फायदा

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स्टापडेम बन जाने से श्रद्धालुओं को नगरवन में स्थित ऐतिहासिक शिव मंदिर पहुंचने में होगी आसानी,वहीं किसानों को भी होगा फायदा


नारायणपुर :- बरडाँड़ के नगरवन क्षेत्र में विगत कई वर्षों से स्थानीय किसानों को खरीफ फसलों को पकाने के लिए अंतिम पानी की समस्या का सामना करना पड़ रहा था। जिसके स्थायी समाधान के लिए सीएम विष्णु देव साय ने कपरी नदी में एनीकेट की स्वीकृत दे कर किसानों के जीवन में एक नई उमंग एवं उत्साह का संचार किया है। नारायणपुर  के नगरबंध स्टापडेम बन जाने से यहां निवासरत किसानों को खेती के क्षेत्र में भरपूर फायदा मिलेगा, किसान दो फसल का लाभ इस एनीकेट की सिचाई से कर सकेंगे एवम साथ मे सब्जी भी लगा सकेंगे। इस एनीकट की लंबाई 45 मीटर और नदी तल से ऊंचाई 3.5 मीटर होगी। एनीकट के ऊपरी सतह की चौड़ाई 3.5 मीटर होगी। इस एनीकट के जल भराव की क्षमता 0.079 मिलियन क्यूबिक मीटर लगभग होगी। एनीकट का निर्माण 30/06/2025 तक पूरा किया जाना है। नगरवन में स्थित ऐतिहासिक शिव मंदिर पहुंचने में लोगों की आसानी भी होगी।यहां एनीकेट बन जाने से किसानों को बहुत लाभ होगा आज किसान यंहा बरसात के भरोसे से खेती करते है बनने से एक सिचाई की व्यवस्था हो जाएगी। साथ ही सावन के महीने  में कपरी नदी में हमेशा बाढ़ की स्थिति बनी रहती है यहां एनीकेट सह रपटा निर्माण होने से सावन सहित अन्य मौसम में श्रद्धालुओं को शिव मंदिर पहुंचने और दर्शन करने में आसानी हो जाएगी। 

ग्रामीणों के अनुसार धार्मिक दृष्टि से नगरवन में ऐतिहासिक शिव मंदिर (महादेव गुड़ी) भी स्थित है जहां शिवरात्रि ओर सावन में हजारों श्रद्धालु यहां आकर जल चढ़ा बाबा भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त करते है। बताया जाता है कि यहां जोड़ा शिव लिंग हुआ करता था जिसमें विधिवत डोम राजाओं के द्वारा पूजा पाठ किया जाता था।

विदित हो कि बादलखोल अभ्यारण्य में बसा यह नगरवन बहुत ही ऐतिहासिक है इस क्षेत्र में डोम राजाओ का गढ़ हुआ करता था जिसका प्रमाण पत्थर के अवशेष के रूप में आज भी देखने को मिलता है। इन्हीं कारणों से यह क्षेत्र आज भी काफी विख्यात है।

लोगों में मान्यता है कि नगरवन में विराजमान शिव जी और अघोर आश्रम नारायणपुर में पंचमुखी शिव जी एक समय दोनो नगरवन के कपरी नदी के किनारे पीपल पेड़ के नीचे विराजमान थे। एक बार औघड़ भगवान राम जी नगरवन में अपने भक्तों के साथ भ्रमण कर रहे थे कि अचानक उनकी नजर जोड़ा शिवलिंग पर पड़ी उन्होंने भक्तो को कहा कि एक शिवलिंग उठाकर आश्रम में ले आओ स्थापित करेंगे बोल के आश्रम की ओर आ गए। जब भक्त शिवलिंग को उठा कर लाने की कोशिश किये शिव लिंग टस से मस नही हुआ भक्त बाबा जी को जाकर पूरी बात बताए । बाबा जी पुनः वहां गए और बोले चलिए हम आपका आश्रम में स्थापित कर सेवा करेंगे। फिर भक्त गण आसानी से उठाकर ले आये और पंचमुखी शिव जी के रूप में स्थापित किया गया है। बताया जाता है कि इस ऐतिहासिक नगरवन शिव मंदिर में जशपुर राजघराने से भी निरंतर पूजा अर्चना और दर्शन करने आया करते थे।

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